No. 1)***10 मई 2016 को यूनियन का चुनाव एवं 12 मई को रिजल्ट घोषित होगा*** No. 02) ***HOLDING JTO EXAM PROCESS TILL FURTHER INSTRUCTION LETTER ISSUED BY C.O. *** " बीएसएनएलईयू का सीरियल नं. 09 सबसे बड़ा शुभ अंक "
संरक्षक का. अजय मेंढेकर

जानकारी
[06 Apr 2016]    Private operators cry foul over BSNL new call service; PSU

Industry body COAI has alleged that BSNL's new app-based service for making calls is in violation to licence norms, but the telecom PSU has rebutted the charge. Referring to media reports on the service, COAI said, "The development depicted by these media reports is completely shocking and surprising as this App is completely against all regulatory and licensing principles. This app violated licence conditions, breaches existing interconnect agreement, poses grave security risks and violates Numbering plan..." The BSNL service allowing customers to make landline calls using mobile phone and vice-versa was launched by Telecom Minister Ravi Shankar Prasad in presence of telecom secretary JS Deepak on March 17. BSNL customers travelling abroad through the app will be able to connect their landlines through mobile and make calls through them without attracting heavy ISD charges. BSNL had announced that it would launch the service on April 2. However, it is yet to start the Fixed Mobile Telephony service as it has not finalised tariffs for the new plan. "There is no violation of rules from these services. This kind of reaction from industry is obvious because BSNL is revamping its offerings for customers and no one in industry has been able to such innovative services," BSNL Chairman and Managing Director Anupam Shrivastava said.


[06 Apr 2016]    Corporate Office accepted the demand of BSNLEU and has announced the dates of the JTO LICEs to be held for the vacancies of 2014-15 and 2015-16.

Corporate Office accepted the demand of BSNLEU and has announced the dates of the JTO LICEs to be held for the vacancies of 2014-15 and 2015-16. BSNLEU has been demanding that Corporate Office should announce the dates of the JTO LICEs to be held for the vacancies of the years 2014-15 and 2015-16. This demand was necessitated because of the uncertainty created by the judgement of the CAT for holding JTO LICEs separately for year wise vacancies. The demand has been accepted and dates are announced. Further, the Corporate Office has also fixed the date of the outside recruitment, after completion of all the three JTO LICEs. BSNLEU heartily congratulates the DR TTAs

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[05 Apr 2016]    7 अप्रैल को बीएसएनएलईयू का एक दिवसीय धरना ! सम्मानजनक बोनस एवं अन्य एच आर इशू की मांग पर ! SNATTA भी साथ में धरना देगा !

अखिल भारतीय स्तर पर बीएसएनएलईयू , SNATTA एवं MS यूनियन के सीएचक्यू के आह्वान पर एक दिवसीय धरना परिमंडल के सभी एसएसए में आयोजित किया गया है ! कर्मचारियों को सम्मानजनक बोनस एवं अन्य एच आर मामलों का निराकरण की मांग की गयी है ! प्रबंधन व्दारा बातचीत के लिए बैठक आयोजित नहीं करने पर 8 अप्रैल से असहयोग आंदोलन शुरू किया जायेगा !

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[05 Apr 2016]    एनएफटीई ने बीएसएनएलईयू को ताकत और ज्ञान में अपने से ज्यादा स्वीकार किया ! भले ही तंज कसकर ! लेकिन हकीकत यही है !

NFTE के नेता अपने संपादकीय में यह लिखते हैं कि "शक्ति और ज्ञान के नशे न तो लिप्त हैं और न डंका पीटते है ।" यह NFTE की स्वीकरोक्ति है कि BSNLEU की ताकत और नेताओं की योग्यता ज्यादा है । यह लेख पूरी तरह बोनस के नाम पर कर्मचारियों को बरगला कर कुछ वोट लेने का प्रयास से प्रेरित था । लेकिन बीएसएनएलईयू के नेताओं ने समय पर पुरे घटनाक्रम को सार्वजनिक कर उनके मंसूबे को असफल करने में कामयाब रहे हैं । बीएसएनएलईयू पुरे कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों के सभी समस्याओं का निराकरण के लिए सतत संघर्षशील रहा है एवं अनेक जटिल समस्याओं का निराकरण किया है । NFTE केवल हम भी मान्यता प्राप्त यूनियन हैं की अहम में किसी भी कर्मचारी समस्याओं के निराकरण में भूमिका नहीं निभाई है जबकि 6वां चुनाव में लंबा चौड़ा घोषणा पत्र जारी कर वोट लिया है । उपलब्धि बताने के लिए कुछ नही है बोनस के नाम पर वोट लेने की योजना बनाए थे । मार्च 2016 के TELECOM के संपादकीय में कर्मचारियों को 2 संघों के मान्यता के लिए वोट करने की अपील करके परिणाम के पहले हार मानने का अघोषित सन्देश कर्मचारियों को दे चुके हैं । चाहे कितना भी प्रयास कर लें बीएसएनएलईयू की शानदार जीत के रथ को नही रोक जा सकता है । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव


[05 Apr 2016]    क्या एनएफटीई के नेता बीएसएनएल कर्मचारियों को केवल 99 /- रु. के बोनस के लायक मानते हैं ?

बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन प्रथम मान्यता प्राप्त यूनियन का दर्जा हासिल करने के बाद बीएसएनएल के अधिकारीयों कर्मचारियों के बीच की खाई को उल्लेखनीय रूप से समाप्त करने में काफी हद तक सफल रहा है । कर्मचारियों को 6वां वेतन समझौता के समय NFTE के लाख उकसाने के बाद भी अधिकारीयों को नया वेतन मान मिलने के पश्चात नान एक्जीक्यूटिव को भी उनके बराबर 30% फिटमेंट और बेहतर वेतनमान दिलाया है । यह वेतन समझौता ने बीएसएनएल में कर्मचारी अधिकारी के बीच भेद को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया है । प्रबंधन हमेशा DIVIDE & RULE की नीति के तहत यूनियन और एसोसिएशन को आर्थिक आधार पर लड़ाने का कम करता रहा है । एसोसिएशन को डराया जाता था कि यूनियन का साथ देने में नुकसान हो सकता है लेकिन यूनियन ने जब बराबरी का समझौता कर लिया तब एक आपसी समझ के साथ चलने की नीति का जन्म हुआ है । बीएसएनएल में यूनियन एसोसिएशन का संयुक्त संघर्ष ने कंपनी की तरक्की और कर्मचारियों/अधिकारियो की समस्याओं के निराकरण बहुत ही अहम भूमिका निभाया है । प्रबंधन पर एसोसिएशन का दबाव भी काफी बढ़ा है । पूर्व में NFTE यूनियन एसोसिएशन को दूर रखने में प्रबन्ध को मदद करता रहा है और कर्मचारियों के बीच अधिकारीयों की नकारात्मक छबि बनाने का काम किया है । वर्तमान परिस्थिति में संयुक्त संघर्ष अपरिहार्य है । बीएसएनएलईयू ने सभी कर्मचारियों का साथ लेकर लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से बीएसएनएल में दो यूनियनों को मान्यता प्रदान करने का प्रस्ताव पास कराया है लेकिन अफ़सोस कि अनेकों संयुक्तं संघर्ष में छोटी सोच के साथ शामिल नही हुए है । समय की मांग है कि बीएसएनएल की दशा में सुधार एवं 7वां वेतन समझौता जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक ही मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव आवश्यक है । निश्चित तौर पर इस जिम्मेदारी के लिए बीएसएनएलईयू ही सभी मायने में उपयुक्त है । NFTE और BSNLEU के CHQ नेताओं की छोटी सी तुलना काफी है । BONUS दो अंकों में देने के प्रबन्धन के प्रस्ताव को NFTE ने स्वीकार किया है । BSNLEU अपने CHQ के साईट से लेकर सभी भाषणों में असम्मानजनक बोनस का विरोध कर रहा है । NFTE के नेताओं में नैतिक साहस ही नहीं जो कर्मचारियों से दो अंकों के बोनस को स्वीकार करने की अपील करे । बोनस की राशि के संबंध में यदि NFTE अपने सदस्यों से राय ले तो शायद 1%प्रतिशत सदस्य(नेता छोड़कर) भी उनके नेता के निर्णय से सहमत नहींहैं । बोनस दिलाने का श्रेय लेकर चुनाव बैतरणी पार करने का मंसूबा कभी सफल नही हो सकता है । NFTE के सदस्य भी 99 रु का बोनस दिलाने पर वोट नही देने । सीएचक्यू को कर्मचारियों के सम्मान को बनाए रखने की जिम्मेदारी है । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव ----क्रमश: ----


[05 Apr 2016]    NFTE सदस्यता चुनाव में हार के दर से बोनस के नाम पर वोट लेने की साजिश का भंडाफोड़

30 मार्च को PLI कमेटी की मीटिंग को NFTE ने "श्रीकृष्ण और सुदामा का भेंट " के रूप में एक मुट्ठी चांवल के समान दो अंकों में बोनस देने पर सहमति देने का काम किया है । क्या NFTE बीएसएनएल कर्मचारियों को सुदामा मानते हैं ? बोनस कर्मचारियों का हक है । NFTE या प्रबंधन व्दारा दिए जाना वाल भेंट राशि नहीं है । प्रबंधन के ऊपर लगातार दबाव बनाकर बोनस देने के लिए सैद्धांतिक सहमति BSNLEU ने बनाया है । बोनस की राशि क्या होनी चाहिए प्रबंधन को कमेटी के सभी सदस्यों की उपस्थिति में तय करना होगा । केवल NFTE के नेता की 2 अंकों की राशि का बोनस कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है । बोनस की आड़ में NFTE अपना 15% वोट लेने का प्रयास कर रहा है । NFTE की चालबाजी का भंडा फोड़ हो चूका है । कर्मचारियों के बीच किरकिरी होने से बचने के लिए 31 मार्च को पत्र लिखकर अपनी को विड्रॉ किया है । आज सम्मानजनक बोनस की मांग पर भोजनावकाश में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा । सम्मनजनक बोनस की मांग को लड़कर लेने । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव


[05 Apr 2016]    छ.ग. वेळलफेयर बोर्ड को २०१५-२०१६ के लिए मात्र रु.२०३०००/ स्वीकृत

छ ग परिमंडल वेलफेयर बोर्ड ने वर्ष 2014-2015 के WEFARE GRANT का AUDITTED ACCOUNT STATEMENT नहीं भेजा है । वर्ष 2015-2016 के लिए STAFF WELFARE BOARD के खर्च लिए REQUIREMENT राशि की मांग भी नहीं किया है । वेलफेयर बोर्ड नई दिल्ली ने अनुमानित रु 203000/- (दो लाख तीन हजार रूपये) की राशि स्वीकृत होने सबंधी पत्र जारी किया है । मुख्य महाप्रबंधक को प्रकरण को गंभीरता से लेना चाहिए । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव

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[26 Mar 2016]    दुर्ग में बीएसएनएलईयू का स्थापना दिवस का कार्यक्रम

दुर्ग में बीएसएनएलईयू का स्थापना दिवस का कार्यक्रम शानदार तरीके से मनाया गया है !

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[26 Mar 2016]    "लल्लू बन गया नेता , और नेता बन गया लल्लू " पर्चा का रायपुर में जबरदस्त चर्चा है

"लल्लू बन गया नेता , और नेता बन गया लल्लू " पर्चा का रायपुर में जबरदस्त चर्चा है । का- लल्लू एक फोनमेकेनिक है जो इस पर्चा के माध्यम से बीएसएनएल के दो प्रमुख युनियन NFTE और BSNLEUके कार्यप्रणाली और नेताओं का आम सदस्यों के साथ व्यवहार तथा NFTE में सदस्यों की स्थिति का अपने शब्दों में चित्रण है । NFTE के सदस्यों के साथ उनके नेताओं का व्यवहार गुलामों की तरह होने का अनुभव उसने महसूस किया है । वर्षों संगठन के प्रति निष्ठावान रहे कार्यकर्त्ताओं को भी उनके नेता कभी महत्व नही देते हैं । नेताओं को हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं कोई उनकी कुर्सी न छीन ले । रिटायरमेंट के बाद भी पद छोड़ने को तैयार नही हैं । कर्मचारियों की समस्याओं के निराकाण से ज्यादा महत्वपूर्ण एजेंडा पद को सुरक्षित रखने में व्यस्त रहते हैं । परिमंडल अधिवेशन में जब सभी सदस्य नेता बदलने का सामूहिक निर्णय लेते हैं तो पद में कब्ज़ा करने के लिए 6 माह बाद पद छोड़ने की बात कहकर ग़ैरलोकतांत्रिक तरीके से पद हथिया लेतेंहैं । जिला संगठन में चुनाव की मांग पर पद छीन जाने की डर कई बार तिथि तय करने के लिए बैठक किया जाता है लेकिन चुनाव की तारीख तय नही होता है । अंत में बैठक में हाथ उठाकर अपने को नेता घोषित कर दिया जाता है । NFTE में अनेकों योग्य सदस्य अपने बारी के इन्तजार में हैं । सदस्यों के बीच छबि ख़राब करने के सोंची समझी चाल के तहत काबिल सदस्यों को सार्वजनिक रूप से चाय नाश्ता लाने के लिए मजबूर किया जाता ताकि लोग उसे नेता ना माने नही तो पद का दावा करके हटा ना दे । कामरेड लल्लू NFTE छोड़कर BSNLEU में शामिल होने के बाद अनुभव किया कि कर्मचारी हितैषी यूनियन कौन है ? BSNLEU यूनियन के कामकाज , सदस्यों का सम्मान , सामूहिक निर्णय , यूनियन का लाभ सभी को , पद में कब्ज़ा नीति का विरोध आदि से प्रभावित होकर उन्हें सबसे शेयर करने के लिए पर्चा के माध्यम से अपनी बात BSNL के सभी लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया है । BSNLEU अपने पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं कर्मचारी हित के प्रति प्रतिबध्दता के कारण ही लगातार चुनाव में जीतते आ रहा है । छ ग परिमंडल में भी 15 सालों का रिकार्ड टूटने का प्रबल संकेत है जो पर्चे के रूप में कर्मचारियों को प्रभावित कर रहा है । कामरेड लल्लू गुलामी स्वीकार नहीं करने की भावना का उदाहरण है जो अनेकों के मन में है जो मतदान के रूप में सबके सामने आने वाला है । कामरेड लल्लू के पर्चा से स्पष्ट है कि NFTE के सदस्यों को इन नेताओं से आजादी हासिल करने के लिए छ ग में BSNLEU को जिताना समय की मांग है । छ ग का परिणाम गैर लोकतांत्रिक तरीके से NFTE संगठन को हाइजेक करने वाले नेताओ की नैतिक एवं व्यक्तिगत पराजय होगी । सदस्यों को संगठन की दशा एवं दिशा बदलने के लिए विभाग से रिटायर किए लोगो को यूनियन से अलविदा करने कहने का समय 10 मई को है । "परिवर्तन प्रकृति का अकाट्य नियम है । " बीएसएनएल छ ग में 15 साल बाद । "लल्लू की ललकार , अब कोई नही सहेगा अत्याचार " बीएसएनएलईयू जिंदाबाद । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव Bsnleu cg


[23 Mar 2016]    BSNLEU pays respectful homage to Bhagat Singh, Sukh Dev and Rajguru.

BSNLEU pays respectful homage to Bhagat Singh, Sukh Dev and Rajguru. Today is the 85th Martyrdom Day of the great freedom fighters, Bhagat Singh, Sukh Dev and Rajguru. These three heroes sacrificed their lives for the freedom of this great country. At the same time it should also be remembered that they not only fought heroically to end our country's slavery, but also to end capitalist and feudal exploitation of the people of this country. On this occasion, BSNLEU dips it's Red Flag and pays it's respectful homage to comrades Bhagat Singh, Sukh Dev and Rajguru. BSNLEU also resolves to carry forward the struggle conducted by these martyrs, to put an end to the exploitation of man by man.


[23 Mar 2016]    बीएसएनएलईयू सी एच क्यू द्वारा विगत दिनों किये गए विभिन्न प्रयासों पर एक नज़र..

बीएसएनएल एम्प्लॉइज़ यूनियन: सी एच क्यू द्वारा विगत दिनों किये गए विभिन्न प्रयासों पर एक नज़र... * बैंक लोन हेतु विभिन्न बैंकों से न्यू MOUs (समझौता पत्रक) हेतु कॉ.पी अभिमन्यु ने कॉर्पोरेट ऑफिस में GM (T & BFCI) से चर्चा की। प्रबंधन द्वारा बताया गया कि बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र , सिंडिकेट बैंक , एच डी एफ सी बैंक , जे एंड के बैंक के साथ शीघ्र ही समझौता पत्रक पर हस्ताक्षर हो जावेंगे। केनरा बैंक से भी प्रयास जारी है। यूनियन बैंक की कड़ी शर्त के चलते समझौता होने की सम्भावनाएँ क्षीण हैं। रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दरें कम की गयी हैं अतः बीएसएनएल कर्मियों को भी निम्न दरों पर लोन मिले यह सुनिश्चित करने का अनुरोध भी हमारे महासचिव ने संबंधित जीएम से किया है। * JTO LICE 2013... गलत प्रश्नों के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाने की मांग को लेकर निरंतर प्रयास किये गए हैं... जारी हैं। * GM(पर्सोनल)से अनुरोध किया गया है कि माननीय जोधपूर CAT के स्टे को ख़ारिज करने की कार्यवाही करने हेतु उचित कदम उठाएँ एवं JTO(T) LICE आयोजित करें। * कार्पोरेट ऑफिस द्वारा जारी "एग्ज़ामिनेशन केलेंडर" में TM LDCE एवं TTA LDCE का उल्लेख नहीं है। इसे शामिल करने हेतु कॉ.पी अभिमन्यु ने पत्र लिखा है। * टी टी ए केडर को सर्कल केडर घोषित किये जाने से पदोन्नति प्राप्त TTAs को ट्रेनिंग पश्चात दूरस्थ स्टेशन पर पदस्थ किया जा रहा है। BSNLEU ने TTA को सर्कल केडर घोषित किये जाने का विरोध करते हुए डायरेक्टर (एच आर ) से मांग की है कि सभी TTAs को प्रशिक्षण उपरान्त उनके पेरेंट एस एस ए में ही पोस्ट किया जाए। * JTO (LICE) एवं JAO एग्ज़ाम दो अलग अलग तिथियों पर हो... कार्पोरेट ऑफिस द्वारा JTO (T) 50% LICE एवं JAO 40% LICE परीक्षा 22.5.2016 को आयोजित किये जाने के निर्देश सभी सी जी एम को दिए गए हैं। यदि ये दोनों परीक्षाएँ एक ही दिन ली जाती हैं तो दोनों परीक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थियों को किसी एक एग्ज़ाम से वंचित होना पड़ेगा। अतः बीएसएनएलईयू महासचिव ने डायरेक्टर (एच आर) को पत्र लिखकर ये दोनों परीक्षाएँ अलग अलग दिन आयोजित करने का अनुरोध किया है।


[23 Mar 2016]    कुछ छुटभैये नेता SNATTA के सीएचक्यू को BSNLEU के साथ गठबंधन पर गंभीर परिणाम की धमकी दे रहे हैं

परिमंडल सचिवछ ग के छुटभैये नेता SNATTA के GS को BSNLEU के साथ गठबंधन करने पर गंभीर परिणाम होने की धमकी दे रहें हैं । व्हाट्स एप में पोस्ट कर यह प्रचारित कर रहें हैं कि SNATTA मेम्बरों में GS से ज्यादा पकड़ NFTE नेताओं की है । और अधिकतर सर्किलों में समझौता को नहीं मानेंगे । उनका सोचना है कि हम चाहे उनका कोई काम करें या ना करें वोट लेने का अधिकार उनका है । 6वें वेरिफिकेशन में NFTE को छ ग में जीत दिलाने के लिए पूरा मेहनत करने का परिणाम क्या हुआ सभी जानते हैं । जेसीएम में 2 सीट देने के एग्रीमेंट का भी पालन नही किया गया है । परिमंडल नेतृत्व को खुलेआम धोखा देने का आरोप भी लगाया गया है । गड़बंधन धर्म के पालन का एक भी उदाहरण नही है । JTO परीक्षा में केवल 2 पास हुए बाकि सभी कोर्स से बाहर के प्रश्न आने के कारण सफल नही हुए । NFTE की जिम्मेदारी थी कि कार्पोरेट आफिस में दमदारी से लड़ाई लड़कर न्याय दिलाना था लेकिन परिमंडल स्तर पर उन्हें धोखा दिया गया है । SNATTA के सदस्यों को नान एक्जीक्यूटिव के हैसियत से ट्रांसफर पोस्टिंग की सुविधा नही दिलाई गयी है । 7-8 सैलून से कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में फंसे हैं । ट्रेड यूनियन सुविधा से वंचित रखा गया है । दिल्ली से NFTE के नेताओं के आने पर कार्यक्रम में आमंत्रित करना भी जरुरी नही समझते है । छ ग में SNATTA के साथ USE & THROW की नीति अपनाई गयी है । NFTE छ ग को अपने कर्मों के कारण मालूम है कि यदि गठबंधन नहीं टूटता तो भी SNATTA का वोट उनको नही मिलने वाला है इसलिए कुछ भ्रामक प्रचार करने से शायद दूसरे सर्किल को कुछ लाभ हो जाय ।SNATTA और बीएसएनएलईयू एक साथ 7वां सदस्यता जाँच में जाने का समझौता हो गया है । शीघ्र ही सीएचक्यू के साईट में उपलोड किया जाएगा । अब बीएसएनएल में एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन के लक्ष्य को हासिल करने का राह आसान हो गया है । यह समझौता मात्र चुनाव जीतने के लिए नही है , वरन कंपनी एवं कर्मचारियों के व्यापक हित में लिया गया निर्णय है । कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग के रिपोर्ट का सर्वाधिक लाभ दिलाने की जिम्मेदारी यूनियन की है । एनएफटीई को 2रा यूनियन की मान्यता मिलने पर वेतन समझौता में रोड़े अटकाना एवं प्रशासन से मिलकर कर्मचारियों का नुकसान पहुँचाने का पुराना अनुभव कर्मचारियों का है । एनएफटीई ने 2002 में आई डी ए वेतनमान दिलाने के मुद्दे पर सभी यूनियनों की मांग 4400/ रु न्यूनतम के स्थान पर 3400/ रु का मांग प्रस्तुत कर चूका है । अंतत: सभी युनयनों के भारी दबाव के कारण 4000/ रु न्यूनतम वेतनमान प्राप्त किया जा सका है । एनएफटीई के कारण 1000/ रु के नुकसान को 400/ रु किया जा सका है । कंपनी बनने के बाद कर्मचारियों को 2 वेतनमान बनाए जाने की मांग एनएफटीई ने किया था लेकिन बीएसएनएलईयू के सख्त विरोध के कारण मैनेजमेंट को सिर्फ औद्योगिक वेतनमान ही मानना पड़ा नही तो इस समय सभी कर्मचारी को 3000 से 4000 तक कम पेंशन मिलती । चुनाव में बीएसएनएलईयू की जीत 50% से अधिक मतों का होना कर्मचारियों के व्यापक हित आवश्यक है । बीएसएनएलईयू छ ग परिमंडल SNATTA के साथ चुनाव लड़ने के निर्णय का स्वागत करता है एवं सभी से अपील करता है कि बीएसएनएलईयू को भारी मतों से विजयी बनावें । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू छ ग परिमंडल


[23 Mar 2016]    छ.ग.परिमंडल में सबसे काम कर्मचारियों की संख्या ! NFTE के नेता इसके लिए जिम्मेदार हैं

परिमंडल सचिवछ ग सर्किल का गठन NFTE के नेताओं के कार्यकाल में किया गया है । एम् पी से बंटवारे में आवश्यकता से आधे कर्मचारी/अधिकारी छ ग परिमंडल को मिलने की जिम्मेदारी NFTE यूनियन की है । NFTE ने पर्याप्त कर्मचारियों की मांग करने के समय फायदा उठाने में व्यस्त रहे जिसका गंभीर परिणाम सबसे ज्यादा आर एम् और फोनमेकेनिको को उठाना पद रहा है । कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए NFTE नेताओं खुश करने वाले ही कर्मचारी वापस हो प् रहे हैं । लगता है की कर्मचारियों की मांग केवल इसी लिए नही किया गया ताकि उनका स्थानांतरण उद्योग चलता रहे । छ ग में जीतने के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति कराने में कोई रूचि नही लिया गया है । 15 सालों में सबसे कम अनुकंपा नियुक्ति परिमंडल में हुआ है । स्वार्थी तरीके से यूनियन चलाने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं । अब समय आ गया है ऐसे नेताओं को घर में नाती पोता खेलाने के लिए मुक्त करो । चूँकि NFTE में लोकतंत्र नहीं है तो एक ही विकल्प है इन्हें हराओ फिर ये खुद घर बैठ जायेंगे । बीएसएनएलईयू की जीत ही सबका ईलाज है ।NFTE के नेताओं से टीटीए को अतिरिक्त इन्क्रीमेंट की मांग करने कहा गया । NFTE के नेताओं ने मना कर दिया । जिससे नाराज होकर BTTU ( भारतीय टेलीग्राफ टेक्नीशियन यूनियन ) का गठनकिया गया था । जनरल सेक्रेटरी कुलवंत सिंह ने दमदारी के साथ TTA का पक्ष रखकर सभी को एक अतिरिक्त इन्क्रीमेंट का लाभ दिलाया एवं बाद में उच्च शिक्षित TTA को भर्ती में 3 अतिरिक्त इन्क्रीमेंट लाभ मिला है । TTA के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार करने का NFTE का पुराना ट्रैक रिकार्ड है । NFTE के चंगुल से छूटने पर ही TTA अपने वाजिब हकों को हासिल कर सकेंहैं । SNATTA के नेतृत्वकारी साथी इस बात का अनुभव आने वाले समय में अवश्य करेंगे । सब को समान अवसर और सबके हित का काम करना बीएसएनएलईयू का मूल सिद्धांत है । छ ग में बीएसएनएलईयू के जीत का परचम लहराने से कोई नही रोक सकता है । आर एस भट्ट


[23 Mar 2016]    छ.ग. में NFTE चुनाव जीतकर भी बोनस मार्क दिलाने के लिए प्रयास नहीं किया

एम पी सर्किल में बीएसएनएलईयू 6वां सदस्यता सत्यापन में विजयी रहा है । परिणाम स्वरूप परिमण्डल सचिव एवं महासचिव बीएसएनएलईयू के भगीरथ प्रयास से TTA LDCE के रिजल्ट में गलत प्रश्न के एवज में अतिरिक्त नंबर का आदेश कार्पोरेट आफिस से दिलाकर 25 अनुत्तीर्ण TTA को उत्तीर्ण घोषित कराया गया है । छ ग में उक्त एक्जाम में केवल 2 उत्तीर्ण हुए थे । NFTE परिमण्डल में जीतकर जिम्मेदारी का निर्वहन नही किया है । गलत प्रश्नों के एवज में ADDITIONAL MARKS दिलाने का दायित्व NFTE के सर्किल सेक्रेटरी का था । SNATTA का गठबंधन NFTE के साथ होने के बाद भी छ ग का प्रकरण कार्पोरेट आफिस में गंभीरता से नही लेकर TTA का बड़ा नुकसान किया है । फिर भी दिवास्वप्न देखते हैं की TTA का समर्थन मिलेगा । एम पी के 25 उत्तीर्ण TTA को छ ग परिमंडल की ओर से हृदय से हार्दिक शुभकामनाऐं । साथ ही कामरेड प्रकाश शर्मा सर्किल सेक्रेटरी एम पी को उनके सकारात्मक प्रयास एवं TTA को उनका हक दिलाने के लिए लालसलाम । BSNLEU जिंदाबाद । आर एस भट्ट


[23 Mar 2016]    NFTE सदस्यता चुनाव में हार मान ली है ! 2 संघों का चुनाव करने की अपील कामरेड सी.सिंह ने टेलीकॉम पत्रिका के संपादकीय में लिखा है

बीएसएनएल के 7 वां सदस्यता सत्यापन के लिए कर्मचारियों व्दारा 10 मई 2016 को मतदान किया जाना है ! पुरे देश के सभी सर्किलों में बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन का एकतरफा माहौल है ! बीएसएनएलईयू अपने तीन वर्षों के कार्यकाल में एक से बढ़कर एक सफलता हासिल किया है ! कंपनी के पुर्न उध्दार के लिए यूनियन का योगदान की तारीफ बीएसएनएल प्रबंधन के साथ साथ देश की उपभोक्ताओं का भी सराहना हासिल हुआ है ! बीएसएनएल के सभी एक्जीक्यूटिव एसोशियेशन एवं नान एक्जीक्यूटिव यूनियनों का फोरम बनाकर सेवा का विस्तार एवं सेवा में सुधार के लिए लगातार संघर्ष किया है ! परिणाम स्वरूप बीएसएनएल फिरसे लाभ कमाने वाली कंपनी बनने की और अग्रसर है ! बीएसएनएलईयू अपने कामकाज के दम पर सदस्यता चुनाव में 50 % प्रतिशत से अधिक मत हासिल करने की स्थिति में हो गया था ! SNATTA का गठबंधन होने के पश्चात चुनाव परिणाम की स्थिति पूरी तरह बीएसएनएलईयू के पक्ष में एकतरफा हो गया है ! इस बात को NFTE के सीएचक्यू ने भी स्वीकार कर लिया है ! NFTE का मुख-पत्र मासिक पत्रिका "टेलीकॉम" के ताजा अंक मार्च 2016 के सम्पादकीय में कामरेड चंद्रेश्वर सिंह महासचिव ने कर्मचारियों से 2 संघों को बहुमत देने का अपील किया है ! उनका आशय स्पष्ट है कि NFTE को दूसरा मान्यता प्राप्त यूनियन बने रहने दिया जाय ! NFTE ने 2002 में आई डी ए वेतनमान दिलाने के मुद्दे पर सभी यूनियनों कि मांग 4400 /रु.न्यूनतम के स्थान पर 3400 / रु. का मांग किया था ! सभी यूनियनों के भारी दबाव के कारण 4000 /रु. न्यूनतम वेतनमान प्राप्त किया जा सका है ! NFTE के कारण कर्मचारियों को 400 /रु. का nuksan हुआ है ! क्या 7 वां वेतन समझौता में भी ऐसे ही कर्मचारी विरोधी मांग रखने के लिए उन्हें अवसर मिलना चाहिए ? निश्चित रूप से नहीं ! यह चुनाव बीएसएनएल कर्मचारियों के भविष्य कि दिशा तय करने वाला है , जिसमे एकमात्र बीएसएनएलईयू पर ही भरोसा किया जा सकता है ! 6 वां बेहतरीन वेतन समझौता एवं NEPP प्रमोशन पॉलिसी और अनेकों कर्मचारियों के हितों के काम उदाहरण से कर्मचारी अवगत हैं !

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[12 Mar 2016]    बीएसएनएल मजदुर संघ के साथ यूनियन का समझौता 7 वां सदस्यता चुनाव में भी जारी रखने पर सहमति ..

बीएसएनएलईयू के पुराने अलायन्स पार्टनर बीएसएनएल मजदुर संघ के नेता नईदिल्ली में बैठककर साथ चुनाव लड़ने पर सहमति बानी है ! 16 मार्च को बैठक में बातचीत कर आगे की रणनीति को अंजाम देंगे ! यूनियन सभी को साथ लेकर चलने पर विश्वास करता है ! वर्तमान परिस्थिति में सरकार की नीति के खिलाफ लड़ाई में सभी यूनियनों की भागीदारी आवश्यक है !


[12 Mar 2016]    बीएसएनएल में केवल एकमात्र यूनियन बीएसएनएलईयू को मान्यता मिलने की सम्भावना ! SNATTA और BSNLEU मिलकर चुनाव लड़ेंगे !

SNATTA और बीएसएनएलईयू एक साथ 7वां सदस्यता जाँच में जाने का समझौता हो गया है । शीघ्र ही सीएचक्यू के साईट में उपलोड किया जाएगा । अब बीएसएनएल में एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन के लक्ष्य को हासिल करने का राह आसान हो गया है । यह समझौता मात्र चुनाव जीतने के लिए नही है , वरन कंपनी एवं कर्मचारियों के व्यापक हित में लिया गया निर्णय है । कर्मचारियों को 7वां वेतन आयोग के रिपोर्ट का सर्वाधिक लाभ दिलाने की जिम्मेदारी यूनियन की है । एनएफटीई को 2रा यूनियन की मान्यता मिलने पर वेतन समझौता में रोड़े अटकाना एवं प्रशासन से मिलकर कर्मचारियों का नुकसान पहुँचाने का पुराना अनुभव कर्मचारियों का है । एनएफटीई ने 2002 में आई डी ए वेतनमान दिलाने के मुद्दे पर सभी यूनियनों की मांग 4400/ रु न्यूनतम के स्थान पर 3400/ रु का मांग प्रस्तुत कर चूका है । अंतत: सभी युनयनों के भारी दबाव के कारण 4000/ रु न्यूनतम वेतनमान प्राप्त किया जा सका है । एनएफटीई के कारण 1000/ रु के नुकसान को 400/ रु किया जा सका है । कंपनी बनने के बाद कर्मचारियों को 2 वेतनमान बनाए जाने की मांग एनएफटीई ने किया था लेकिन बीएसएनएलईयू के सख्त विरोध के कारण मैनेजमेंट को सिर्फ औद्योगिक वेतनमान ही मानना पड़ा नही तो इस समय सभी कर्मचारी को 3000 से 4000 तक कम पेंशन मिलती । चुनाव में बीएसएनएलईयू की जीत 50% से अधिक मतों का होना कर्मचारियों के व्यापक हित आवश्यक है । बीएसएनएलईयू छ ग परिमंडल SNATTA के साथ चुनाव लड़ने के निर्णय का स्वागत करता है एवं सभी से अपील करता है कि बीएसएनएलईयू को भारी मतों से विजयी बनावें । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू छ ग परिमंडल


[11 Mar 2016]    79 SC एवं 31 ST TTA भर्ती परीक्षा दिनांक 21 /02 /2016 में सलेक्ट हुए हैं !

एससी /एसटी विशेष भर्ती अभियान के अंतर्गत 21 /02 /2016 को आन लाईन परीक्षा आयोजित किया था ! चयनित 79 एससी एवं 31 एसटी की मेरिट लिस्ट जारी किया गया है ! 15 /05 /2016 से सभी चयनित टीटीए कर्मचारियों को ट्रेनिंग में भेजा जाना है ! बीएसएनएलईयू सभी चयनित उम्मीदवारों का बीएसएनएल में हार्दिक स्वागत करता है !

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[09 Mar 2016]    अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया है । सभी महिला कर्मचारियों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया है । महिला संगोष्टी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में केवल महिला ही वक्ता रहे हैं । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव

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[08 Mar 2016]    अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया है !


[08 Mar 2016]    अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बीएसएनएल कार्यालय दुर्ग के सभागार में शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया है । सभी महिला कर्मचारियों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया है । महिला संगोष्टी का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में केवल महिला ही वक्ता रहे हैं । आर एस भट्ट परिमंडल सचिव


[04 Mar 2016]    8 मार्च को परिमंडल में महिला दिवस मनाने के लिए सभी जिला सचिवों को कहा गया है

हां, मैं नारी हूं। मां, पत्नी, प्रेमिका, मित्र, बहू, बेटी, बहन, ननद, भाभी, देवरानी, जेठानी, चाची, ताई, मामी, बुआ,मौसी, दादी, नानी, बॉस, सहकर्मी....अनंत सूची है। इन मीठे, मोहक रिश्तों को अपने आंचल में बांधे मैं तलाशती हूं खुद को। मैं मिलती हूं खुद से। रिश्तों के इतने सुरीले-सुरम्य आंगन में खड़ी मैं बनाती हूं एक रिश्ता अपने आप से। जी हां, मेरा एक रिश्ता और है और वह है मेरा मुझसे। खुद का खुद से। स्वयं का स्वयं से। अपना सबकुछ देने के बाद भी मैं बचा कर रखती हूं खुद को खुद के लिए। मैं नहीं भूलती उस खूबसूरत रिश्ते को जो मेरा मुझसे है। यह रिश्ता मुझसे मेरा परिचय करवाता है। यही रिश्ता कहता है मुझसे, मुझमें ही झांकने के लिए। कितने मधुर सपने हैं मेरे भीतर जो साकार होने के लिए कसमसा रहे हैं। यह रिश्ता मुझे चुनौती देता है, ऐसा क्या है जो मैं नहीं कर सकती? ‍फिर यही कहता है मुझसे-सब कुछ तो कर सकती हो तुम। यह रिश्ता मुझ पर मेरा विश्वास स्थापित करता है... और मैं जीत जाती हूं दुनिया की हर जंग। मैं अपने आप से लड़ती भी हूं, मैं अपने आप से प्यार भी करती हूं। मैं अपने आप का सम्मान करती हूं। यही रिश्ता समझाता है मुझे- मेरे लिए मैं क्या हूं और मेरी जिंदगी के क्या मायने हैं। क्या आपका है अपने आपसे यह रूहानी रिश्ता? महिला दिवस पर बस यही कहना है ढेर सारे रिश्तों के बीच बनाएं एक गहरा, नाजुक, मधुर और मजबूत रिश्ता अपने आप से....


[02 Mar 2016]    बीएसएनएल ने दूरस्थ क्षेत्र में निर्बाध सेवा देकर एक बार फिर जनता सेवा के लिए तत्पर कंपनी के उद्देश्यों को साबित किया है

BSNL Connecting India from Remote Pockets - Rules Again BSNL Connecting India is the tagline for our best telecom, and it is proved already. Now BSNL rules again, This time the platform is Medaram Jatara a tribal festival, celebrated in remote area of Medaram in Warangal district called "Samakka Sarakka" Jatara takes place for ten days in the state of Telangana. Medaram is located in Eturnagarm Wildlife sanctuary, and this is the festival which attracts largest number of devotees after Kumbha Mela as per the records. Providing communication services to this remote location Sammakka Sarakka Festival, and sufficing the requirement of lakhs of mobile customers is really a tough task for any telecom service provider, but for our BSNL with commitment and proper planning based on actual statistics, made BSNL to endorse its tag line Connecting India, made the festival connected to the world with out a single call drop at the Medaram Festival time. As per the statistics BSNL conveyed that around 50 Lakh plus customers have utilized its services during this time of Medaram Jatara. Other than BSNL no other single mobile service provider unable to make connectivity to their dear ones, on the same line BSNL calls during this festival never dropped showcasing that, BSNL is the only brand that will be there for you where ever you travel. BSNL Connecting India at Medaram Jatara BSNL had gone to the perfect field study and depending on the density of the subscribers it, has planned mobile connecting towers to handle the huge traffic, on the peak days it was like that on a peak hour around 10 lakh calls were connected from Medaram Jatara time. This is really the amazing point from BSNL. Telecom brand had also installed 5G based BSNL WiFi Hot Spots backed the a very strong optical fiber network. Which had a straight consumption of 293GB during this Medaram Jatara festival. This is what you can expect when all the services are planned and executed properly. Here we have to appreciate the Team BSNL for doing all this and to make BSNL as the best telecom operator. Apart from this, BSNL is the only telecom provider selected for communication services to provide connectivity for 12th South Asian Games recently held upto 16.02.2016 at Shillong and Guwahati. The team of BSNL employees and executives of Kamrup BSNL Service Area has worked day and night to provide best quality mobile connectivity with latest BSNL Mobile Plans having Free Roaming and Landline services with Unlimited Free Night Calling. BSNL Services at South Asian Games 2016 As a result for quality telecom services of BSNL, gets best appreciation from all with a slogan “Live Long BSNL”, along with 6 crore telecom revenue for excellent connectivity of BSNL for 12th South Asian Games. Connecting India and to the world is a very big task for all, but our BSNL only makes it simple with their best infrastructure and hardship work man force by offering quality telecom services in each and every nook and corner of India. Recently BSNL proved as the most dependable operator with best services for Flood Hit Chennai, and now with this New Telecom services having best connectivity provided for 12th South Asian Games, and for Medaram Jatara, its again proved that BSNL Reaffirmed, it is Connecting India and World from any Remote Pockets. So, Be with BSNL and Be Proud as a BSNL Customer.


[02 Mar 2016]    केबल टीवी आपरेटर के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन देने की शुरaat

Tamil Nadu's ‘Arasu Fibre’ rolls out internet plan ‘Arasu Fibre’ aims to provide broadband plans costing between Rs. 299 and Rs. 899 with the speed ranging between 2 Mbps and 4 Mbps. The Tamil Nadu government on Monday launched a broadband service, ‘Arasu Fibre’, through the Arasu Cable TV Corporation Ltd. The broadband service is the latest entrant to the fast growing broadband internet segment in Tamil Nadu. Vodafone will provide the bandwidth to Arasu Cable. Chief Minister Jayalalithaa launched the service through a video conference. ‘Arasu Fibre’ aims to provide broadband plans costing between Rs. 299 and Rs. 899 with the speed ranging between 2 Mbps and 4 Mbps. BSNL, Airtel, RailTel and ACT are already providing broadband services in the State. Last year, Arasu Cable Corporation received an ISP licence from the Ministry of Telecom, enabling it to offer broadband services. The service will be delivered through cable operators who have signed up with Arasu Cable. Arasu Cable floated a tender for companies to provide bandwidth for the service. “Vodafone became the successful bidder and the work order has been issued to them. Arasu Cable will be paying them per Mbps used,” a State government official told The Hindu. The cable corporation will use the control rooms set up in 32 districts for providing cable television. “As of now, 1,100 connections are live. These are mainly used for testing,” the official said. 8,000 cable operators “A preliminary survey done by Arasu Cable showed that about 8,000 cable operators were ready to sign up. More operators are expected to join,” the official added. The revenue will be shared by Arasu Cable, which is the ISP holder, the aggregator and the last-mile cable operators.


[02 Mar 2016]    TTA ट्रेनिंग के बाद उसी एसएसए में पदस्थ करने की मांग बीएसएनएलईयू ने किया है

TTA cadre was earlier an SSA cadre. However, subsequently it was converted into a circle cadre. The Recognised Unions were not consulted while making this change. As a result of this change, the officials who are promoted as TTAs, on completion of their training, are being posted in far away places, outside their parent SSAs. BSNLEU has already demanded that the promoted TTAs should be posted within their parent SSAs. Com. P. Abhimanyu, GS and com. Swapan Chakraborty, Dy.GS, met Ms. Sujata Ray, Director (HR) today, and discussed the issue. The Union explained to the Director (HR) that the Telecom Mechanics who are promoted as TTAs, belong to the SSA cadre. But on promotion as TTAs, they are being posted to far away places outside their parent SSAs, which create a lot of domestic problems to the officials. The Union demand that the promoted TTAs, on completion of training, should only be posted within their parent SSAs. The Director (HR) assured that the matter would be looked into, and that the needful would be done.


[02 Mar 2016]    Non-Executives in the Board of Directors meeting to be held on 04.03.2016.

CMD urged to ensure approval of HR issues of the Non-Executives in the Board of Directors meeting to be held on 04.03.2016. Important HR issues such as Change of Designations, E1 payscale, One extra increment to the Non-Executives appointed on or after 01.01.2007, 3% Pension Contribution to the Directly Recruited employees and payment of Gratuity to the Casual labourers have been sent for the approval of the Board of Directors meeting, to be held on 04.03.2016. Some of the issues like E1 payscale and pension contribution are already extremely delayed. With a view to ensure that these issues are approved by the Board, atleast in the meeting to be held on 04.03.2016. Com. P. Abhimanyu, GS and com. Swapan Chakraborty, Dy.GS, met shri Anupam Shrivastava, CMD BSNL, today, and urged him to ensure that these HR issues are approved without any hitch, in the Board meeting to be held on 04.03.2016. The CMD assured to do the needful. Later on, Com. P. Abhimanyu, GS and com. Swapan Chakraborty, Dy.GS, met Ms. Sujata Ray, Director (HR) also and requested her to ensure that these HR issues are approved in the next Board meeting.


[02 Mar 2016]     7th Membership Verification – BSNLEU’s serial no. is 9.

20 Unions are participating in the 7th Membership Verification – BSNLEU’s serial no. is 9. The list of the Unions which have submitted their applications for participation in the 7th Membership Verification is released by the Management today. 20 Unions are participating in this verification. BSNLEU’s serial no. is 9

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[01 Mar 2016]    Model notification and time schedule for holding JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14 released by the Corporate Office

Model notification and time schedule for holding JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14 released by the Corporate Office. BSNL Corporate Office, in implementation of the order of the Hon’ble CAT, Jodhpur Bench, has taken step to hold JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14. Accordingly Corporate Office has released the model notification, to be issued by the circles, and has also laid down the time schedule for the said exam as follows:- Starting date of online registration : 10/03/2016 Closing date of online registration : 31/03/2016 Date of LICE for promotion to JTO(T) : 22/05/2016

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[01 Mar 2016]    Corporate Office issues notification to hold JAO LICE under 40% quota

Corporate Office issues notification to hold JAO LICE under 40% quota. Corporate Office has issued notification for holding JAO LICE under 40% quota, for which the time schedule has been fixed as follows:- Starting date of online registration : 10/03/2016 Closing date of online registration : 31/03/2016 Date of LICE for promotion to JAO : 22/05/2016 S also met shri B.C. Das, DGM (Rectt.) and shri K.D. Das, AGM (Rectt.), and insisted them to reschedule the dates of the exam, so that all the three exams are completed by September, 2016.

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[01 Mar 2016]    JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14 released by the Corporate Office

Model notification and time schedule for holding JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14 released by the Corporate Office. BSNL Corporate Office, in implementation of the order of the Hon’ble CAT, Jodhpur Bench, has taken step to hold JTO(T) LICE, for the vacancy year 2013-14. Accordingly Corporate Office has released the model notification, to be issued by the circles, and has also laid down the time schedule for the said exam as follows:- Starting date of online registration : 10/03/2016 Closing date of online registration : 31/03/2016 Date of LICE for promotion to JTO(T) : 22/05/2016


[25 Feb 2016]    बीएसएनएल लोकल केबल टीवी आपरेटर से अनुबंध कर ब्राडबैंड सर्विस देगा

BSNL to provide Broadband Services through Local Cable TV Operators and MSOs on Pan India or Circle or SSA State run telecom operator Bahrat Sanchar Nigam Limited (BSNL) has invited EOI (Expression of Interest) from Local Cable TV Operators (LCOs) and Multi System Operators (MSOs) for providing Broadband Services on Cable TV Network on Pan India or Circle or SSA level of BSNL. BSNL to provide Broadband Services through Local Cable TV Operators and MSOs on Pan India or Circle or SSA level of BSNL As per the latest information, BSNL intends to provide Broadband Services in BSNL’s predominantly Non-Feasible (TNF) Areas on chargeable basis using the network of Local Cable TV Operators (LCOs) or Multi System Operators (MSOs). The last mile connectivity of Cable TV operators can be utilized for providing broadband / FTTH in such technically non-feasible areas. TNF (technically non-feasible) areas refers to those areas where BSNL is not able to provide services due to non-availability of resources. It includes those areas where BSNL's cable network is not present or free cable pair is not available to provide new broadband connections. The eligible companies/firms are also required to do marketing, selling and after sale service activities and customer care in coordination with BSNL units. BSNL is the largest Telecom Service provider in India having country wide presence with over 120 million customers and it is the largest ISP and presently offering Broadband services on wire line, fibre and wireless to its customers. The selected LCOs can offer the services in the approved area after signing the service agreement with appropriate BSNL authority as the case may be and as per the terms and conditions entailed in the EOI. BSNL will provide connectivity for Broadband services to the eligible company/firm at tier-2 locations. It is responsibility of eligible company/firm to provide all the connectivity and equipments required at their cost beyond Tier-2 of BSNL to provide Broadband services to subscribers. BSNL will be offering services through LCOs on revenue sharing basis. The revenue share between BSNL and the company/firm for Broadband services will be in the ratio of 65% (for BSNL) and 35% (for company). BSNL shall be responsible for Billing, Invoicing & Revenue collection. Apart from this, LCOs / MSOs can also offer Voice services to the customer and avail the Free Night calling offer. The interested company/firm can submit their application for offering ‘Broadband Services on Cable TV network’ services either on Pan India or Circle or SSA level of BSNL.


[25 Feb 2016]    ट्राई ने दिसंबर 2015 का ग्रोथ रिपोर्ट जारी किया है ! बीएसएनएल ने एयरटेल , वडाफोन और आइडिया को पीछे छोड़ दिया है !

TRAI Report Card December 2015: BSNL achieved an accelerated monthly growth rate of 1.41% beating Airtel, Vodafone & Idea Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) has released the latest telecom subscription data as on 31st December 2015. As per the latest report, state run PSU Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) achieved an accelerated monthly growth rate of 1.41% in mobile subscriber addition beating Airtel, Vodafone & Idea. BSNL added around 11.5 lakhs of new mobile customers and thereby increasing its market share from 8.06% to 8.16% in the month of December 2015. As we reported earlier, the performance of BSNL in wireless subscriber addition and monthly growth rate is continuously increasing from July 2015 on wards - after the launch of FREE All India Roaming स्कीम Month & Year Net Addition of Wireless Subscribers by BSNL Monthly Growth Rate of BSNL Market Share of BSNL July 2015 4.8 lakhs 0.62% 7.92% August 2015 8.1 lakhs 1.04% 7.95% September 2015 10.8 lakhs 1.33% 8.00% October 2015 7.27 lakhs 0.91% 8.01% November 2015 9.3 lakhs 1.16% 8.06% December 2015 11.5 lakhs 1.41% 8.16% Among BSNL units, all telecom circles achieved positive growth in wireless subscriber addition except Kolkatha Telecom District (-1859) during the month of December 2015. The best performers are UP East (+1,76,653), Maharashtra (+1,32,915), Madhya Pradesh (1,02,084), UP West (+94,906) and Kerala (+91,208). BSNL holds the No.1 position in Landline segment with 59.31% market share. Airtel holds the No.1 position in Broadband segment (Wired + Wireless) position with 23.07% market share and Vodafone at second position with 18.98% market share as on 31st December 2015. The total number of telephone subscribers in India increased from 1035.18 million at the end of November 2015 to 1036.41 million at the end of December 2015, thereby showing a monthly growth rate of 0.12%. Total wireless subscriber base increased from 1009.46 million at the end of November 2015 to 1010.89 million at the end of December 2015, thereby registering a monthly growth rate of 0.14%. As on 31st December 2015, the private access service providers held 91.48% market share of the wireless subscribers whereas BSNL and MTNL, the two PSUs access service providers, held only 8.52% market share. The total number of broadband subscribers in India, increased from 131.49 million at the end of November 2015 to 136.53 million at the end of December 2015 with monthly growth rate of 3.83%. Top Five service providers constituted 83.41% market share of total broadband subscribers at the end of December 2015. These service providers were Bharti Airtel (31.49 million), Vodafone (25.91 million), Idea Cellular Ltd (21.21 million), BSNL (19.85 million) and Reliance Communications Group (15.41 million). In Wired Broadband segment, BSNL holds the No.1 position with 9.92 million customers, followed by Bharati Airtel with 1.67 million customers. Top Five Wired Broadband Service providers as on 30th December 2015 1. BSNL (9.92 million) 2. Bharti Airtel (1.67 million) 3. MTNL (1.12 million) 4. Atria Convergence Technologies (0.86 million) 5. YOU Broadband (0.51 million) Top Five Wireless Broadband Service providers as on 30th December 2015 1. Bharti Airtel (29.82 million) 2. Vodafone (25.91 million) 3. Idea Cellular (21.21 million) 4. Reliance Communications (15.30 million) 5. BSNL (9.93 million) Mobile Number Portability (MNP) In the month of December 2015, a total of 7.31 million subscribers submitted their requests for MNP. With this, the cumulative MNP requests increased from 186.69 million at the end of November 2015 to 194.01 million at the end of December 2015.


[25 Feb 2016]     Do Not make BSNL Landline or Broadband Bill payment through Paytm, BSNL issues warning to Customers

Do Not make BSNL Landline or Broadband Bill payment through Paytm, BSNL issues warning to Customers BSNL Kerala Telecom Circle today (the 22nd of February 2016), has issued a press release which inform all BSNL landline / broadband customers not to make any payment in Paytm as such payments will cause disconnection of their services. BSNL authorities also clarified that, Paytm is not authorized to collect BSNL Bill Payments. Some telephone connections of the subscribers who have paid their telephone bills in Paytm were got disconnected this month and upon further investigation, it was found that Paytm is not officially authorized to collect BSNL Bill payments through their payment portal. BSNL authorities has taken up this matter and all arrangements were made to withdraw the BSNL payment link at Paytm site. It is also learnt that, they(Paytm) have agreed to pay back the amount collected by them unauthorisedly, to the customers account immediately. The press release also informed that, as a one time goodwill measure, BSNL is reconnecting such telephones which stand disconnected with a request to customers to ensure payment to BSNL within 3 days at any BSNL counter or any other authorized channel. All customers can make payment of telephone bills through online at www.portal.bsnl.in


[17 Feb 2016]    34 वीं नेशनल कौंसिल मीटिंग 10 मार्च 2016 को होगी ! कार्पोरेट आफिस ने नोटिफिकेशन जारी किया !

7 सदस्यता जाँच के पहले 34 वीं नेशनल कौंसिल की मीटिंग कराने के लिए बीएसएनएलईयू ने पूरा जोर लगाया था और अंततः कार्पोरेट आफिस को बैठक की तिथि निश्चित करना पड़ा है ! 10 मार्च को आयोजित मीटिंग सदस्यता जाँच के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है ! प्रमुख रूप से 33 वीं नेशनल कौंसिल में लिए गए निर्णयों जैसे पदनाम परिवर्तन , 200 रु. फ्री काल टाईम विभागीय मोबाईल में आफ नेट सुविधा आदि मुद्दों को पूरा कराने में जोर रहेगा !

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[16 Feb 2016]    कार्पोरेट आफिस ने बीएसएनएल में 2016 -17 को आयोजित होने वाले विभिन्न पदों की परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है

2016 -17 में विभिन्न पदों के लिए आयोजित किये जाने वाले विभागीय भर्ती एवं सीधे भर्ती के लिए अनुमानित तिथियों का कैलेण्डर जारी किया है ! पदोन्नति के लिए प्रतीक्षारत कर्मचारी तैयारी कर आवेदन कर सकते हैं ! परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए वांछित योग्यता वाले बीएसएनएल कर्मचारियों के बच्चों के लिए भी अवसर है ! आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव

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[16 Feb 2016]    टीटीए कर्मचारियों के लिए सर्किल और एसएसए दोनों केडर बरक़रार रहेगा ! कार्पोरेट आफिस ने स्पष्टीकरन पत्र जारी किया !

25 / 08 / 2014 से टीटीए कर्मचारियों को सर्किल केडर बनाया गया है ! तब से कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति निर्मित थी कि ट्रांसफर , पोस्टिंग और सिनियारटी कि स्थिति क्या होगी ? तत्सम्बन्ध में कार्पोरेट आफिस ने पत्र जारी किया है !25 / 08 / 2014 से पूर्व के टीटीए का केडर एसएसए ही रहेगा एवं उनकी सीनियरिटी एसएसए में यथावत रहेगा ! 25 / 08 / 2014 के बाद के टीटीए का केडर सर्किल केडर होगा एवं उनकी सिनियारटी सर्किल में बनेगी ! सर्किल केडर और एसएसए केडर में आपसी स्थानांतरण भी स्वीकार किया जायेगा !

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[15 Feb 2016]    JTO LDCE एग्जाम में B . Sc . (Physics ) कर्मचारियों को बैठने दिया जाय - सीएचक्यू बीएसएनएलईयू

गुजरात सर्किल में बीएससी (फिजिक्स) कर्मचारियों को जेटीओ परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया है ! महासचिव ने कार्पोरेट ऑफिस को पत्र लिखकर सभी सर्किल के लिए आदेश जारी करने कहा है ! कार्पोरेट ऑफिस ने गुजरात सर्किल को पत्र लिखकर कुछ स्पष्टीकरण माँगा है ! बीएसएनएलईयू बीएससी ग्रेजुएट कर्मचारियों को जेटीओ परीक्षा में शामिल कर अवसर प्रदान करने की मांग किया है !

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[15 Feb 2016]    जेटीओ परीक्षा में शामिल होने वाले टीटीए के लिए उपयोगी जानकारी

JTO LICE परीक्षा के लिए ENGINEERS INSTITUTE OF INDIA कोचिंग इंस्टीट्यूट ने स्टडी मटेरियल तैयार किया है ! बुक की कीमत 5000 रु.और पोस्टेज चार्ज 500 रु. अतिरिक्त भुगतान करना होगा ! परीक्षार्थी इस बुक से फायदा उठा सकते हैं ! इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए वेब साइट में सर्च कर सकते हैं ! For more information,please visit www..engineersinstitute.com It is learnt that ENGINEERS INSTITUTE OF INDIA, a leading coaching institute of Delhi offering complete study material of JTO LICE .This material is available at the cost of Rs.5000/- directly from the institute and if anyone want home delivery,Rs. 500/- extra for postage charge. आर.एस.भट्ट


[13 Feb 2016]    भारत की अर्थव्यवस्था में आखिर क्या गड़बड़ी है ?

विभिन्न समाचार पत्रों का देश की आर्थिक स्थिति का आकलन !

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[12 Feb 2016]    JTO LDCE EXAM की प्रक्रिया को रोकने का आदेश कार्पोरेट आफिस नईदिल्ली ने किया है

JTO LDCE EXAM की प्रक्रिया को रोकने का आदेश कार्पोरेट आफिस नईदिल्ली ने किया है ! जोधपुर (राजस्थान) CAT में केस फाईल कर 3 वर्षों की वेकेंसी के लिए एक एक्जाम करने को चुनौती दी गयी है ! कोर्ट केस के कारण परीक्षा की प्रक्रिया को स्थगित करने का आदेश जारी किया गया है ! बीएसएनएलईयू सीएचक्यू केस की स्टडी कर रहा है ! एक्जाम कराने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई एवं क़ानूनी सलाह लेकर आगे की तैयारी की जा रही है ! बीएसएनएलईयू हर हाल में परीक्षा कराकर कर्मचारियों को जेटीओ बनने का अवसर प्रदान करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है !

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[12 Feb 2016]    बीएसएनएल निजी कंपनियों से पार्टनरशिप कर आय बढ़ने की योजना पर काम कर रहा है - श्री अनुपम श्रीवास्तव सीएमडी बीएसएनएल

BSNL is seeking partnerships with private sector rivals to generate revenue and return to profitability in a couple of years. To improve earnings and cut losses, BSNL has drawn up a strategy to use its underused network and forge agreements with private telecom players. This will also mean minimal capital expenditure, according to a senior BSNL executive. Advertisement An official of the department of telecommunications said, BSNL wanted to use its network, which is lying vacant at several places, optimally. The latest partnership being planned is with direct-to-home firm Tata Sky to offer BSNL's broadband subscribers video-on-demand. BSNL is also in preliminary discussions with Hathway and Den Cable for similar arrangements. "This has the potential of giving us revenue of Rs 300-400 crore annually," Anupam Shrivastava, chairman and managing director, BSNL, told Business Standard. Experts said the best way out for the loss-making government undertaking was to allow private players to use its nationwide infrastructure and network. Private operators need not set up infrastructure all over again in rural areas. The company will mainly be investing in technology upgrades of its network and in more towers. It is also trying to come up with an attractive voluntary retirement scheme for employees. BSNL is close to signing an agreement with Reliance Jio Infocomm, wherein the Mukesh Ambani company will use BSNL's network and infrastructure for voice services through intra-circle roaming arrangements. "We have done some testing with Reliance Jio. They will use our 2G and 3G networks to offer services to their customers and we are looking to offer 4G services to BSNL customers using their network," Shrivastava said. BSNL is also in talks with Aircel, Airtel and Telenor for similar intra-circle roaming agreements. To share its network for intra-circle roaming, BSNL has fixed charges at 25 paise a minute for voice, 25 paise a megabyte for data and 5 paise per SMS for any telecom operator. Intra-circle roaming could potentially create a revenue stream of Rs 3,000 crore in three years, Shrivastava added. BSNL will come out with expressions of interest next month for a revenue-sharing model to launch 4G services. The services will be launched by the end of this year through partnerships with private network equipment providers, in a deal estimated at about Rs 1,200 crore. BSNL holds spectrum in the 2,500 MHz band in 14 circles, where it will launch 4G services. It has spectrum across India, except in Gujarat, Maharashtra, Andhra Pradesh, Karnataka, Tamil Nadu and Kolkata, and does not operate in Delhi and Mumbai, where MTNL operates. Recently, the company announced a soft launch of 4G services from Chandigarh with speeds of up to 100 Mbps. The service in Chandigarh is available only to employees, while customers can visit the 4G centre to experience it. After a successful pilot, BSNL aims to get into partnerships with equipment providers. "We will not incur any capital expenditure on launching 4G services. We will go for a revenue sharing model with private equipment players and they will install equipment required for 4G, while we will offer spectrum," Shrivastava said. The focus is now on offering 4G services through Wi-Fi hotspots. "We have set up 620 hotspots, which will be increased to 2,500 by the end of this financial year. By end of the next financial year, we will take the number to 40,000 on a revenue share and capital expenditure model," he added. For BSNL, mobile services contribute Rs 13,500 crore, out of which 10 per cent comes from the data segment. "Data is going to be focus for BSNL and this will enable the revival of the company," he said. "We earn Rs 7,500 crore from broadband services. Going forward, the company expects revenue from combined data and broadband services to at least double to Rs 15,000-16,000 crore in the next two-three years."


[12 Feb 2016]    बीएसएनएल के माध्यम से छोटे शहरों में इंटरनेट सर्विस को बढाकर डिजिटल इण्डिया के लक्ष्यों को पूरा करने की योजना सरकार बना रही है

Govt to use BSNL muscle to push internet services The department of telecommunications (DoT) is chalking out a strategy to promote internet services, especially in small towns and areas, through state-run BSNL to bridge the digital divide. This will be in line with government’s vision of Digital India. “Now, we are planning to rope in BSNL for spreading and creating internet awareness. BSNL already offers services, mainly voice, at a subsidised rate in small and remote areas, which will now be extended to internet services,” a senior official from DoT said. Internet services would cover access to the net via mobile phones as well as through broadband — wireline — connections.The plan could be to offer free internet services free for first two months or free internet usage during night, though with a specified data limit to get people onto internet boat. “The proposals are in preliminary stages, it will take few months to finalise the whole architecture.” The official said a meeting on this issue would take place soon and the minister, Ravi Shankar Prasad, would decide. The government was reportedly keen on reducing the digital divide between the various sections of society. Advertisement BSNL is setting up Wi-Fi hotspots in partnerships with other players. These would give users free access to the internet for the first 30 minutes, after which they would have to buy vouchers. The plan was to set up 2,500 such Wi-Fi hotspots. Some officials in the ministry were for plans such as Free Basics to connect people to the net on a massive scale. But the argument that plans such as Free Basics violated net neutrality principles shifted the focus on BSNL. On Monday, the Telecom Regulatory Authority of India (Trai) had barred all forms of differential pricing of data services, except in emergency situations, giving a big blow to Facebook’s Free Basics and Airtel Zero. Trai had upheld the principles of net neutrality. Free Basics allow mobile users to access certain websites without incurring any data charges. It was launched in India in partnership with Reliance Communications but Trai had asked Rcom to suspend the operations till its approval late last year. With the Trai order, many telecom firms would have to rework their data plans, experts said. Bharti Airtel, for instance, which has a music streaming app called Wynk, offered the basic version with a subscription fee of Rs 99-Rs 120 a month to its 3G and 4G users and even gave its subscribers free downloads of songs without data charges. Such schemes would have to either reworked or stopped. Trai had said the existing schemes of mobile service providers can at the most run for six months. “Nothing contained in these regulations shall affect any packs, plans or vouchers with unexpired validity subscribed by a consumer before the date of commencement of these regulations, provided that no such pack, plan or voucher shall be valid beyond a period of six months from the date of commencement of these regulations,” Trai had said.

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[12 Feb 2016]    इंटरनेट सर्विस के लिए भेदभाव वाली नीति मंजूर नहीं ! - संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद

Differential data pricing plainly not acceptable: Telecom Min Stating that Internet cannot be allowed to be monopoly of few, Telecom Minister Ravi Shankar Prasad today slammed Facebook's Free Basics programme and said such differential pricing modes are "plainly not acceptable". The minister said the Trai's order on differential pricing for data services has enhanced India's image in the Net community world over and established its maturity. "We are expanding digital India into nook and corner of the country, and taking extraordinary steps to empower the people through technology, to create a knowledge economy. The very concept of differential pricing on data, whether it is Free Basics or any other mode, is plainly not acceptable," Prasad told PTI. Backing net neutrality, Telecom Regulatory Authority of India (Trai) has barred operators from charging different rates for Internet access based on content, dealing a blow to Facebook's controversial Free Basics and other such plans. Ruling against discriminatory pricing for different data platforms or content, Trai said operators cannot enter into pacts with Internet companies to subsidise access to some websites. The move dealt a blow to Facebook's plans to offer Free Basics service that allows free access to certain websites in partnership with a telecom operator. Zero tariff plans of other operators like Airtel would also be impacted. "This view I have been holding since the day I became minister. In this light, I fully welcome the tariff order of Trai which has enhanced the image of India in the Net community world over and establishes our maturity," he added. The Minister further said the government led by Prime Minister Narendra Modi fully respects the freedom of expression and discourse on social media and Internet. "The view of our government from the beginning has been very clear, which I have also articulated in Parliament, that is Internet is one of the finest creations of human mind and it should not become the monopoly of few," Prasad said. Facebook had launched an aggressive campaign to defend its Free Basics platform and argued that zero-rating plans can lead to increase in Internet adoption at no cost to the government, the content provider or consumers. The debate on Net neutrality started after Airtel decided to charge separately for Internet-based calls in December 2014, but withdrew it later after protests. The debate heated up after Airtel launched free Internet platform Airtel Zero and later Facebook came out with its Internet.Org, renamed as Free Basics. Read more at: http://www.moneycontrol.com/news/current-affairs/differential-data-pricing-plainly-not-acceptable-telecom-min_5395301.html?utm_source=ref_article

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[11 Feb 2016]    नेशनल कौंसिल की मीटिंग 10 मार्च 2016 को संभावित है

बीएसएनएलईयू ने आगामी बैठक नेशनल कौन्सिल के बैठक की मांग की है ! कार्पोरेट आफिस व्दारा शीघ्र पत्र जारी किया जायेगा ! संभवत: 10 मार्च 2016 को बैठक आयोजित की जाएगी !


[11 Feb 2016]    Compassionate Ground Appointments - BSNLEU has scored a major achievement.

Compassionate Ground Appointments - BSNLEU has scored a major achievement. Until now, the dependents of the officials who are killed in accidents while on duty, were not getting Compassionate Ground Appointments on priority basis. They were treated at par with other candidates seeking Compassionate Ground Appointments. BSNLEU took up this issue and demanded that the dependents of the officials killed in accidents while on duty should be given appointment on a priority basis. This was accepted and Corporate Office has issued the necessary order for this. BSNLEU heartily thanks Ms.Sujata Ray, Director(HR) for settling this case.<<>>

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[11 Feb 2016]    उल्लेखनीय उपलब्धि बीएसएनएलईयू सीएचक्यू ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कार्य के दौरान दुर्घटना के शिकार कर्मी के आश्रित को देने का आदेश

Compassionate Ground Appointments - BSNLEU has scored a major achievement. Until now, the dependents of the officials who are killed in accidents while on duty, were not getting Compassionate Ground Appointments on priority basis. They were treated at par with other candidates seeking Compassionate Ground Appointments. BSNLEU took up this issue and demanded that the dependents of the officials killed in accidents while on duty should be given appointment on a priority basis. This was accepted and Corporate Office has issued the necessary order for this. BSNLEU heartily thanks Ms.Sujata Ray, Director(HR) for settling this case.<<>>

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[11 Feb 2016]    टीवी केबल नेटवर्क का उपयोग डिजिटल कनेक्टिविटी में करने की पध्दति पर काम करने की सिपारिश ट्राई के चेयरमेन ने की है

Use cable TV network as an alternative method to provide digital connectivity - says TRAI chairman. R.S.Sharma, chairman of the TRAI has suggested that cable TV networks can be utilised to provide digital connectivity, instead of relying only upon optic fibre and mobile phones. Recently, the TRAI recommended that the public private partnership could be looked into, to expedite the implementation of the NOFN, which is renamed as Bharat Net now. Under the Bharat Net, broadband connectivity is to be provided to 2.5 lakh village panchayats. But, the implementation of this project is getting unduly delayed. The TRAI chairman has said that there are 100 million homes with cable TV connections, and these networks can be utilised to provide an assured speed of 10 Mb per second. This method is being practised even in countries like the US, said the TRAI chairman.


[02 Feb 2016]    10 मई 2016 को यूनियन का चुनाव एवं 12 मई को रिजल्ट घोषित होगा .

बीएसएनएल में सदस्यता सत्यापन के लिए कार्पोरेट आफिस ने अधिसूचना जारी कर दिया है ! मान्यता के लिए यूनियनों को चुनाव में भाग लेने के लिए आवेदन जमा करने के लिए पत्र जारी किया गया है ! तत्काल प्रभाव से नान एक्जीक्यूटिव कर्मचारियों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी गयी है ! 1 मार्च तक मतदाता सूची का प्रकाशन एवं पोलिंग बूथों का निर्धारण करने के लिए आदेश जारी किया गया है ! बीएसएनएलईयू यूनियन चुनाव के लिए पहले से तैयारी कर लिया है ! अन्य यूनियन चुनाव परिणाम में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं होने की आशंका से टालने के लिए पूरा जोर लगा दिए थे , लेकिन अंतत: बीएसएनएलईयू सीएचक्यू अधिसूचना जारी करने में सफल रहा है ! 7 वां सदस्यता सत्यापन में बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन को 50 % प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का समर्थन प्राप्त होने की पूरी सम्भावना है ! कर्मचारियों को बेहतरीन वेतन समझौता दिलाने की विश्वसनीय जिम्मेदारी केवल बीएसएनएलईयू ही कर सकता है ! 6 वां वेतन समझौता बीएसएनएल के घाटे के बाद भी शानदार दिलाने का रिकार्ड को कर्मचारी नहीं भूलें हैं ! यह चुनाव कर्मचारियों के वेतन को सीधे प्रभावित करने वाला है इसलिए मतदान बीएसएनएलईयू के पक्ष में एकतरफा होने की सम्भावना है ! आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव

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[01 Feb 2016]    नयापारा राजिम शाखा का चुनाव संपन्न हुआ है ! का. मुकेश सिदार शाखा सचिव बने

30 जनवरी 2016 को नयापारा राजिम शाखा का चुनाव संपन्न हुआ है ! कामरेड पी.आर. भोसले अध्यक्ष एवं का. मुकेश सिदार सचिव चुने गए हैं ! अधिवेशन में अच्छी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया है ! जिला सचिव आर.के नागरची की उपस्थिति में अधिवेशन संपन्न हुआ है ! परिमंडल यूनियन नव निर्वाचित शाखा सचिव को हार्दिक बधाई देता है ! आर.एस. भट्ट परिमंडल सचिव


[01 Feb 2016]    वेतनमान नहीं मिलने सम्बन्धी बयान पर फोरम के कोर कमेटी का कड़ी आपत्ति सीएमडी के सामने किया गया है

श्री अनुपम श्रीवास्तव सीएमडी बीएसएनएल ने बैंगलोर में 7 वां वेतनमान कंपनी के फायदे में नहीं होने पर नहीं मिलने का बयान दिया है ! फोरम के कोर कमेटी ने आज सीएमडी से भेंटकर कड़ी आपत्ति दर्ज की है ! बीएसएनएलईयू संगठन का स्पष्ट मानना है कि कंपनी के घाटे कि जिम्मेदारी कर्मचारियों कि नहीं है ! बीएसएनएल के घाटे के लिए सरकार कि नीति जिम्मेदार है ! घाटे के नाम पर कर्मचारियों के वाजिब हक़ का हनन नहीं किया जा सकता है ! 6 वें वेतन समझौता के समय भी बीएसएनएल घाटे में थी उसके उपरांत भी शानदार वेतन समझाौता कर कर्मचारियों को सर्वाधिक लाभकारी वेतनमान दिलाने में सफल रहा है ! बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन 7 वां वेतनमान भी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2017 से दिलाने के लिए दृढ प्रतिज्ञ है ! आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव


[01 Feb 2016]    बीएसएनएल ने 20 लाख सिम जनवरी 2016 में बेचकर नया कीर्तिमान कायम किया है ! बधाई !

BSNL has given 20 lakh new mobile connections in January. We are extremely happy to inform that BSNL has given 20 lakh new mobile connections in January, 2016. This is a new record. Earlier, BSNL has given 17.5 lakh new connections in December, 2015. BSNLEU heartily congratulates the entire employees and Management for this feet.


[01 Feb 2016]    10 मार्च को "विरोध-दिवस" मनाने का फैसला - केंद्रीय ट्रेड यूनियंस

Protest Day to be observed on 10th March. The Central Trade Unions have decided to observe 10th March as the Protest Day. This programme is the continuation of the General Strike that took place on 2nd September, 2015, on the demands such as no disinvestment of PSUs, minimum wage of Rs.15,000 to contract workers, controlling of price rise, etc.


[01 Feb 2016]    7 वां सदस्यता जाँच मई में संपन्न होगा

7th Membership Verification is to be held in May 2016. Com.P.Abhimanyu, GS, met Shri Shameem Akthar, PGM(SR) today and discussed about the timing of holding the 7th Membership verification. The PGM(SR) replied that the Verification will be held in the month of May 2016. He said that a slight change in the timing was necessitated due to the transferring of 120 employees from NTR circle to the Corporate Office, on the grounds of administrative requirement.


[30 Jan 2016]    SNATTA कलकत्ता के सदस्यों को लालसलाम !

SNATTIANS of CTD conducted a massive CGM Gherao Campaign in protest of negligence of BSNL CTD Management for arresting of ACS SNATTA CTD Sh. Soumya Acharya by RPF on duty.The incident was as follows: "Soumya Acharya was been instructed by his SDE to conduct the roadshow and SWAS Programme.So he persued his duty and went to the spot along with another staff.In the middle of roadshow,RPF inspector visited the spot and enquired about permission to conduct the roadshow.Then it has been found that SDE had taken VERBAL PERMISSION ONLY.So Soumya got arrested and has been put behind bar.Later he got bail Personally.His SDE went to Bally GRP but his voice have not helped Soumya to stop the charge of arrest.When contacted with GM,Area Manager etc.they showed only their back on the incident telling that they are very busy in MEETING." As the incident with Soumya Acharya occurred on 7th Jan,SNATTA CTD immediately decided to rush the CGM office the next day.CTD Leaders merely had 15 hours to organise and thanks to all brothers and sisters for their tremendous and enourmous support for SNATTA,they made a gathering of about 450-500 TTAs in front of CGM Office.The massiveness of their slogan may have heard outside of Telephone Bhawan.The campaign started from 12:00 p.m,SNATTIANS roamed the whole Telephone Bhawan with Slogans of "Suraksha nehi, to Kaam Nehi","Kaam ke waqt Suraksh do" etc.After that they sat infront of CGM Office,the corridor had nothing left to occupy.Meantime,CGM Office repeatedly requested to SNATTA CTD leaders to sit on discussion.But they gheraoed CGM Sir further.At around 2 P.M, they decided to go for meeting with CGM Sir.In the meeting,our beloved GS Sh. Anup Mukherjee was present along with other eminent SNATTA circle leaders and Sh. Soumya Acharya himself.From management side,along with CGM,all other responsible management person like GM(HR & Admin),GM(West),DGM,Area Manager SMP,DE etc. were present.Meeting went for around 2 hrs,and the outcomes were quite satsfactory. 1. The whole CTD management is convinced that they had accute negligence on the issue. 2. CGM told they will do whatever it takes to bring back Soumya Acharya clean. 3. A strong investigation committe will be formed and CGM himself will lead the committee.The committee will submit the report within 7 days. 4. Strong Departmental action will be taken thereof. 5. CGM assured ,CTD management will provide full security to its staff. SNATTA CTD have also told to Management that,the assurance they gave must be kept,otherwise they will initiate a row of campaign until and unless the justice is met.Later,SNATTA CTD we called off for the day with slogans of SNATTA Jindabad.


[30 Jan 2016]    श्री जे.एस. दीपक आईएएस उ.प्र. केडर टेलीकॉम सेक्रेटरी नियुक्त हुए हैं

The telecom secretary Rakesh Garg on Friday was shunted out of the ministry for his inability to manage call drop, delay in rolling out broadband network, Bharat net, and lack of clarity on net neutrality. The issue of call drop had attracted attention of Prime Minister Narendra Modi and reference was made twice in his meeting with Garg. Communications minister Ravi Shankar Prasad was not “satisfied with his pace of action on important issues,” said a senior official in Sanchar Bhawan that houses the telecom ministry. Despite repeated assurances by the minister of faster roll out of government’s ambitious broadband network project-Bharat Net, Garg was unable to meet the weekly targets, sources said. Despite several attempts Garg could not be reached for comments. He did not respond to the calls at the time of going to print. Prime Minister Narendra Modi on Friday carried out a bureaucratic reshuffle to bring in new officers to head crucial departments such as agriculture, telecom and information technology and moved out others who were unable to match the government’s expectations. A government official suggested the reshuffle, originally necessitated due to some retirements, reflected the government’s commitment to closely watch the performance of civil servants too and take corrective steps. “You will also notice that the intention is to post the best man for the job in crucial sectors, even if he or she is not amongst the senior most,” the official added. Earlier this week, the Prime Minister told senior officers to act against officers indulging in corruption and those who did not bother to redress public grievances. This action, he added, could include sacking them. In all, 10 officers were appointed on Friday. Uttar Pradesh cadre IAS officer JS Deepak has been appointed as the telecom secretary and replaced Rakesh Garg who will now head the minority affairs department. Garg, who is two years senior to 1982-batch Deepak, was one of the first few officers to be appointed by the NDA government soon after Modi took charge. Sources said Garg had been asking for a change. Deepak, who earlier was the IT secretary, will still be reporting to Union minister Ravi Shankar Prasad who holds the charge of both the IT and the telecom departments. He shall hand over the reins of the IT department to Aruna Sharma, who is also a 1980 batch officer from the Madhya Pradesh cadre.


[28 Jan 2016]    TTA कर्मचारियों का बहुप्रतीक्षित मांग पूरा हुआ ! JTO परीक्षा 8 मई 2016 को होगा नोटिफिकेशन जारी हुआ

Corporate Office issued time table for holding JTO LICE. Corporate Office has issued letter, intimating to the CGMs, the long awaited time table for holding the JTO LICE. BSNLEU has demanded that the notification of the LICE should be issued only by the CGMs. Further, BSNLEU has also demanded that the JTO LICE should be held before the Direct Recruitment is held for the JTO cadre. Both our demands have been accepted. According to the Corporate Office letter, the notification will be issued on 15th February. Online application for the exam will start on 22nd February and will end on 22nd March. The exam will be held on 8th May,2016. BSNLEU heartily thanks shri D.Chakraborty, GM (Rectt.) for taking very positive action in this matter. BSNLEU also warmly greets the entire employees who are eagerly awaiting the JTO LICE

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[28 Jan 2016]    2015 में बीएसएनएल का परफार्मेंस

BSNL’s Performance In 2015 Parameters – End-2014 – End-2015 –Growth (in%) Mobile Towers – 77,920 – 78,754 – 1.07 % OFC (in RKm) – 741,076 – 748,350 – 1.0 % Mob . Subscribers –79,340,005– 81178,657 –2.3% Wi-Fi Hotspots – NA – 650 – NA Employees – 225,512 – 211,495 – (-6.2)% B /B Subscribers – 9934,068 – 10158,792 – 2.3 % 3G Subscribers – 8,919,408 – 9,473,885 – 6.2 % IPTV Subscribers – 1,143 – 1,031 – (-9.8)% FTTH Subscribers – 35,752 – 61,053 – 70.8 % NOFN OFC laid in 66,990 Kms and completed in 28,579 gram panchayats NGN Capacity Migration is 1,524,899 lines working at 261 sites in Phase – I


[28 Jan 2016]    NGN सिस्टम से लेंड लाइन उपभोक्ताओं को वर्ल्ड क्लास सुविधा

Using NGN, customers can shift fixed mobile wireless phone numbers to any place in the country Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) will spearhead its integrated services to urban as well as rural customers in a multi-dimensional way using the next generation network (NGN) system. NGN will be commissioned by 31 March across the country. Explaining the salient features of NGN, BSNL General Manager A. Srinivas said it was a back-end support system for broadband, landline and mobile services. “It is a versatile port, and it will integrate all networks on one platform,” he said, adding: “Using NGN, customers can shift fixed mobile wireless phone numbers to any place in the country. The facility is currently available in mobile phones through roaming or number portability.” Rural Wi-Fi connectivity Mr. Srinivas said BSNL had entered into an agreement with QuadGen Wireless Solutions Inc, Pennsylvania, USA, to extend rural Wi-Fi facility to 100 villages as a pilot project in combined Andhra Pradesh. He added that BSNL would upgrade Rajamahendravaram and Kakinada Urban network capacities, particularly 3G per sector from 14.4 mbps to 21.6 mbps. East Godavari stood first After a long gap, East Godavari district stood first in the country in the sale of pre-paid SIM cards, particularly after the ‘Amulya’ plan was introduced. “No private player is nearer to our sales in pre-paid connections, and our Amulya plan has become a boon to customers. Customer who take this plan will get 1,200 seconds free talk time in the first three months and also 50 MD data usage and night time 20 paise per minute to any network,” Mr. Srinivas said


[28 Jan 2016]    बीएसएनएल का नया धमाका ! डाटा चार्ज उपयोग किए गए एम बी के अनुसार

BSNL revises WiFi Hot Spot charging method from Duration basis to Volume basis. bsnl_wifi_hotspotBSNL introduced WiFi hot spot services starting Varanasi Ghats and now it is available at more than 100 places across the country. Till now wifi prepaid customers are enjoying unlimited download data for a fixed duration as per their plan but now the days are over because BSNL has revised the method of charging from duration basis to volume basis as it does in other GSM or CDMA data services. Henceforth, BSNL customers will get 1.5GB of data though wifi hot spot for a price of Rs 150 with a validity of one day. The minimum data pack is for 200MB for which customers have to pay Rs 30 and they can use it one day. Have a look on the revised wifi hot spot plans as shown in below table.bsnl_wifi_plans The revised tariff as shown above will be applicable on PAN India basis starting 1-2-2016. BSNL has planned to set up 40000 WiFi hotspots out of which 2500 are to be activated up to 31 March, 2016.


[28 Jan 2016]    तकनिकी कारणों से साईट बंद हो गया था ! असुविधा के लिए खेद है

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[03 Dec 2015]    7 वां वेतन आयोग की सिपारिश 85 % ग्रुप "सी" कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक है

Pay commission said 14.29 % Hike in Pay is recommended, Media said central government employees will get 23.55% hike in salary including allowances. [See: How 23.55% of hike in Pay and Allowances arrived from 7th Pay Commission recommendation] we will find out the real fact about the so called Bonanza..! Let us know whether the Media claims are true or not through a simple calculation…! The strength of Group C employees in Central Government is 85%. So we must know what the Pay Hike is recommended for them actually. But Media give more attention to this 15 % because they have been paid more It doesnt make sense that the Pay hike recommended for remaining 15 % taken into account. Because they are creamy layer of the Government. The Pay Hike for them also will be decided by them. So the take extra care for not giving more to this 85%. 7th CPC recommendation on Pay Hike is mocking rather than encouraging the Central government employees. See the following example Assume a govt servant has been appointed in GP 1800 on 1st August of 2015 and he has been provided accomadation in Govt Quarters His Net Pay for the month of January 2016 in Sixth CPC is given below.. Basic Pay Pay = PB Rs.5200 + GP Rs.1800 = Rs.7000/- Assuming DA 125% as on 31-1-2016 = Rs.8750/ ( Since he hs availed Quarter) HRA = Nil TA = 600 + DA = Rs.1350 Total Gross Pay = Rs. 17100 Deductions NPS 10% of basic Pay = 700 CGEGIS = 30 Total deductions (700+30) = 730 Net Pay = 17100-730 = 16370 His Revised 7th CPC Pay as on 31-1-2016 Minimum Basic Pay = Rs. 18000/- DA = Nil HRA = Nil TA = Rs. 1350 Total gross pay = Rs.19350 Deductions NPS = 1800 CGEGIS = 1500 Total deductions = 3300 Net Pay -= 19350-3300 = 16050 Before 7th Pay Commission his Net pay = Rs. 16370 After 7th Pay commission his Net Pay = Rs. 16050 He will be drawing Rs.320 lesser in 7th Pay Commission revised Pay than from his Sixth CPC pay Anybody can calculate from the above example that how much percentage of increase this Group ‘C’ Government servants get from this 7th CPC bonanza ?


[03 Dec 2015]    मोबाईल कनेक्शन के नए उपभोक्ताओं को सभी डाक्यूमेंट डिजिटल देने का सरकार का आदेश

All mobile service providers will now be following a new verification process of new mobile connections. The telecom department’s access service cell, which is a competent authority, has ordered all the mobile service providers to follow the alternative process to existing process issued for verification for new mobile connections. mobile The alternative process covers service providers having service authorisation licenses, including CMTS, UAS, and UL (AS). Under the new process, the entry of various fields in customer applications form (CAF) should now be made electronically instead of manual writing. In addition, the photograph of the customer should now be taken at Point of Sale (PoS) itself and the same should be populated in the CAF instead of pasting the photo in the existing process. Further, the scanned imaged of the Proof of identity (PoI) and Proof of Address (PoA) documents furnished by the customers should be embedded in the CAF. TelecomTalk has reviewed the order letter, titled “Customer application form embedded with photograph and scanned images of Proof of identity (PoI) and Proof of Address (PoA)”. The letter also says that the copies of PoI and PoA documents submitted by customer should also be attached and maintained along with CAF as in the existing process. “It shall be ensured that the scanned images of PoA and PoI/ photographs captured at PoS should not be stored at PoS terminal to avoid any misuse of the same,” the letter read.


[03 Dec 2015]    बीएसएनएल के निजीकरण की सरकार की कोई योजना नहीं है ! - श्री रविशंकर प्रसाद संचार मंत्री का संसद में लिखित जवाब

शीतकालीन संसद सत्र के लिखित जवाब में संचार मंत्री ने लोकसभा सांसदों को जानकारी दी गयी है कि सरकार बीएसएनएल का निजीकरण करने का कोई प्रस्ताव नहीं है ! बीएसएनएल के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देने वाला बयान है ! विगत 15 वर्षों से बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन निजीकरण को रोकने के लिए संघर्षरत है ! Shri Ravi Shankar Prasad, Minister of Communications and IT, informed Parliament that government has no plan for disinvestment in BSNL. The Minister, in a written reply given to a question raised in the Parliament, has stated that government has no plan for disinvestment in BSNL and MTNL, as a part of the revival plan. (MTNL is already disinvest upto 46% as on date) The Minister has also informed that BSNL has already started showing positive results in the matter of revival. He has further stated that BSNL has allocated Rs.7,795 crore for expansion works during the financial year 2015-16


[02 Dec 2015]    मैं "काल ड्राप मंत्री "कहलाना पसंद नहीं करूँगा - श्री रविशंकर प्रसाद संचार मंत्री

Asserting that he does not want to be known as 'call drop minister', Telecom Minister Ravi Shankar Prasad on Tuesday said operators must reinforce their networks to improve quality of services. He also said the implementation was being monitored of the investment commitments made by telecom operators for upgrading networks, as he reminded Bharti Airtel about Rs 80,000 crore investment announced by the company in July. Taking a jibe at telecom operators, the minister said it took a lot of nudging on his part to let them publicly accept that quality of services was not up to the mark and needs improvement. "I regret to say very frankly it took a lot of nudging on my part to all of you to publicly acknowledge that there is need for improvement... I am sorry, I don't want to be known as call drop minister, sorry, I am very clear," Prasad said during an Ericsson event on broadband. The issue of call drop has been prevailing over the last few months. The services though are now showing some signs of improvement. The minister said on the policy front, he has took most of the decisions that were pending for the last many years like spectrum trading and sharing guidelines, identification of Defence band etc. "I have done my duty, the operators must do theirs and I am saying very firmly with full sense of responsibility...while I acknowledge your role ... deserve my compliments and good wishes for the work you have done but you need to realign to consumers satisfaction as well," he added. He further said government is accountable to peoples' convenience and the operators must rise to the occasion to reinforce their networks and invest where the infrastructure is lacking. Referring to Bharti Enterprises Chairman Sunil Mittal, Prasad said, "I am complimenting you for Rs 60,000 crore, they must be used very quiclky... and I would hold you for your larger commitment that you said on July in the presence of Prime Minister (at Digital India event) that you will invest Rs 80,000 crore. I hope you remember that." Mittal mentioned about Airtel's commitment to invest Rs 60,000 crore on capital expenditure over the next three years while accepting that quality of services need further improvement.


[02 Dec 2015]    रिलायन्स टेलीकॉम का 2G नेट सर्विस वेस्ट बंगाल , बिहार और आसाम में बंद ! दिसंबर में उपभोक्ताओं को अन्य कंपनी में पोर्ट करने की सुचना

Rcom asks West Bengal, Bihar and Assam customers to port out before Dec 12. Reliance Communications (RCom), the Anil Ambani-owned telecom service provider, has urged about a million of its 2G customers in West Bengal, Bihar and Assam circles to port out to other telcos before December 12. The company’s 900 MHz spectrum holdings in West Bengal, Bihar and Assam expire on December 12 as it did not win back 2G airwaves in these circles in the March 2015 auction. The communication, which is being sent via text messages to customers, however, says that the company is upgrading to high-speed 4G technology. According to a report by ET, RCom’s 17 million users have opted to upgrade to the telco’s 3G network in these markets. The telco, however, entered into an intra-circle roaming (ICR) pact with Vodafone India for 2G and 3G coverage in all three circles, the ET report said. Also read : What could be the fate of Rcom subscribers in Bihar, West Bengal and Assam post December 12th? It already has existing ICR pacts in these markets with Aircel and Tata Teleservices. Earlier, RCom on November 12 urged its 2G customers to upgrade to 3G network. It has 3G airwaves in West Bengal, Bihar and Assam. The move was a part of the company’s full-fledged focus on data services in these markets


[01 Dec 2015]    बीएसएनएलईयू जिला संगठन बिलासपुर का अधिवेशन एवं कांट्रेक्ट वर्कर्स का अधिवेशन दिनांक 7 नवम्बर को संपन्न हुआ है

दिनांक 7 नवम्बर 2015 को महाप्रबंधक कार्यालय परिसर बिलासपुर में बीएसएनएलईयू जिला संगठन का अधिवेशन एवं कांट्रेक्ट वर्कर्स का अधिवेशन संपन्न हुआ है ! कामरेड अजय मेंढेकर संरक्षक , का. एस.एच.दानी अध्यक्ष एवं परिमंडल सचिव aar.एस.भट्ट ने कार्यक्रम उपस्थित रहे हैं ! आगामी सत्र के लिए का. एस.के.गडकरी जिला अध्यक्ष , का. कालेश्वर प्रसाद जिला सचिव एवं का. रामकुमार राठोर कोषाध्यक्ष चुने गए हैं ! सभी संगठन सदस्यों ने उत्साह के साथ अधिवेशन में भाग लिया है !

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[01 Dec 2015]    कामरेड डी. के मेश्राम जिला सचिव दुर्ग के सेवानिवृत्ति कार्यक्रम का भव्य आयोजन जिला यूनियन आफिस में किया गया

कामरेड डी. के मेश्राम जिला सचिव दुर्ग के सेवानिवृत्ति कार्यक्रम के लिए बीएसएनएलईयू जिला संगठन ने भव्य समारोह का आयोजन किया गया है !का. मेश्राम की बिदाई के लिए विशेष रूप से बैंड बाजा , आतिशबाजी एवं स्वल्पाहार का इंतजाम किया गया ! भारी संख्या में कर्मचारियों ने जिला यूनियन आफिस में पहुंचकर कार्यक्रम को अभूतपूर्व सफल बनाया है ! परिमंडल सचिव ने सभी साथियों को आभार व्यक्त किया है ! भविष्य में भी अपने साथियों को ऐसे ही रंगारंग कार्यक्रम के साथ बिदाई देने की परंपरा को जारी रखने की अपील किया गया है !

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[01 Dec 2015]    बीएसएनएल कांट्रेक्ट एंड केजुअल वर्कर्स का परिमंडल स्तरीय महासम्मेलन दिनांक २९/११/२०१५

बीएसएनएल कांट्रेक्ट एंड केजुअल वर्कर्स का परिमंडल स्तरीय महासम्मेलन दिनांक २९/११/२०१५ को साहू सदन टिकरापारा रायपुर में संपन्न हुआ है ! का. अनिमेष मित्रा सेक्रेटरी जनरल BSNL CCWF नई दिल्ली का स्वागत रायपुर रेलवे स्टेशन में वर्कर्स के हुजूम ने किया है ! कामरेड अजय मेंढेकर संरक्षक ने सदस्यों से परिचय कराया है I कार्यक्रम में ऐतिहासिक सदस्यों की उपस्थिति रही है ! सदस्यों के जोश खरोश एवं संगठन के प्रति प्रतिबद्धता की तारीफ कामरेड मित्रा ने किया है ! संगठन के साथ जुड़ कर ही हक़ की लड़ाई जीती जा सकती है तथा छ. ग. के कांट्रेक्ट लेबरों की जायज मांग को पूरा करने से कोई भी प्रबंधन इंकार नहीं कर सकता है ! संगठन का काम ही संघर्ष करना है और शोषण से मुक्ति दिलाना है ! का. मित्रा ने छ.ग. के यूनियन की ताकत पर पूरा विश्वास जताया है ! केंद्रीय यूनियन नईदिल्ली हर संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिलाया है ! कामरेड आर.एल. श्रीवास्तव अध्यक्ष बीएसएनएल कांट्रेक्ट एंड केजुअल वर्कर्स छ.ग , का.अश्वनी कौशिक महासचिव बीएसएनएल कांट्रेक्ट एंड केजुअल वर्कर्स , का. एस.एच. दानी अध्यक्ष बीएसएनएलईयू , का. आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू छ.ग. परिमंडल एवं का. पी. एन. पराते वरिष्ठ साथी ने सम्मलेन में अपने विचार रखे हैं ! छत्तीसगढ़ परिमंडल का यह महासम्मेलन आशातीत रूप से सफल रहा है !

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[21 Nov 2015]    बीएसएनएल का मुख्य घाटा असेस्ट्स का डिप्रिएशेसन कैलकुलेशन है

Reversing in the welcome trend, state-run BSNL has reported an operating profit of Rs 672 crore for the financial year 2015. This has been achieved due to fall in administrative costs and jump in revenues. The company had posted an operating loss of Rs 691 crore in the previous fiscal. BSNL chairman and managing director Anupam Shrivastava said income from services increased by 4.16 per cent to Rs 27,242 crore in 2014-15, which is highest in comparison to the previous five years. Income from services stood at Rs 26,153 crore in 2013-14. "BSNL had bad results for the last few years, but in year 2014-15, it has been able to reverse the trend. Also it is a known fact that most of the telecom majors are having heavy debt burdens but it still continues to be relatively better, showing a low debt-equity ratio," Shrivastava said. He added the debt equity ratio of BSNL is around 0.13 per cent, which is lowest in the industry. Shrivastava said BSNL is making relentless efforts to revive itself. BSNL will be investing Rs 7,700 crore in the current financial year to expand network. The company also plans to launch 4G LTE services on 2600 MHz band in a couple of cities by the end of March. It has taken various customer centric initiatives such as free night calling, free roaming and providing a minimum broadband speed of 2 Mbps. Shrivastava said in 2006, BSNL was the number one operator in mobile and landline services as it was able to expand its network but during 2006-2012, it was not able to procure equipment, which led to its downfall. "The market expanded rapidly during this period and we failed to expand our network because of non procurement of equipment and we missed the voice opportunity," he said. Shrivastava though added that these days, data is growing rapidly and they are investing heavily for data. "BSNL is focussing on data. Currently 10 per cent of the revenue is coming from mobile data," he said. The CMD further said BSNL has started to monetise its towers by entering into agreements with other operators and there is 42 per cent increase in tower business. "A tower subsidiary will be created as the Cabinet has already cleared the proposal for that," he said. The net loss of BSNL though increased to Rs 8,234 crore for the reported fiscal compared with Rs 7,020 crore last year, mainly on account of asset depreciation calculated as per the Companies Act. The loss could have come down to Rs 5,370 crore if the company would have calculated its asset depreciation as per the old Act.


[21 Nov 2015]    टेलीकॉम आपरेटरों को काल ड्राप रोकने के लिए सरकार का सख्त हिदायत

NEW DELHI: With frequent "call drops" during mobile phone conversations having become a major menace for which the government was being blamed and the issue also came up in Parliament, telecom minister Ravi Shankar Prasad is learnt to have taken stringent measures to resolve the issue. According to ministry sources, the telecom operators were asked by the government to take immediate measures to rectify the fault to ensure that call drops did not happen. When the ministry got into finding out as to why the call drops were happening their frequency going up, it transpired that the telecom companies were gravely at fault. Most of them had not bothered "to invest in the network gaps" which is one of the things the operators are responsible for. For maintenance, the operators are supposed to "reconfigure their network, to energise and reinforce the network" and "invest on network gaps." While the operators did followed the other norms, they were found at fault when it came to investing in network gaps. To be doubly sure and ascertain the nature of the fault, the ministry started monitoring the network gaps on its own, parallel to the TRAI monitoring. Both the results matched about the network gaps not being taken care of by the operators. This was then told to the operators, with the ministry telling them sternly to do the needful. At present a fortnightly monitoring is being done by the ministry. The ministry also asked the operators to publicly apologise for it, which followed. When it started looking for the fault line, the ministry found that out of the 18 lakh total towers in the country, about 35,000 were faulty. According to ministry sources, the operators have started to invest in network gaps, as result of which call drops have reduced, but it will still take time for the issue to be completely resolved. Meanwhile, the government has allowed government buildings to be used for putting up towers, and the minister has also written to all the chief ministers requesting them to allow towers to be put up in government buildings. The government-owned BSNL has been able to establish 26,000 towers across the country


[20 Nov 2015]    7 वां वेतन आयोग रिपोर्ट के कुछ मुख्य अंश

Minimum Pay: Based on the Aykroyd formula, the minimum pay in government is recommended to be set at ₹18,000 per month. Maximum Pay: ₹2,25,000 per month for Apex Scale and ₹2,50,000 per month for Cabinet Secretary and others presently at the same pay level. Financial Implications: The total financial impact in the FY 2016-17 is likely to be ₹1,02,100 crore, over the expenditure as per the ‘Business As Usual’ scenario. Of this, the increase in pay would be ₹39,100 crore, increase in allowances would be ₹ 29,300 crore and increase in pension would be ₹33,700 crore. Out of the total financial impact of ₹1,02,100 crore, ₹73,650 crore will be borne by the General Budget and ₹28,450 crore by the Railway Budget. In percentage terms the overall increase in pay & allowances and pensions over the ‘Business As Usual’ scenario will be 23.55 percent. Within this, the increase in pay will be 16 percent, increase in allowances will be 63 percent, and increase in pension would be 24 percent. The total impact of the Commission’s recommendations are expected to entail an increase of 0.65 percentage points in the ratio of expenditure on (Pay+Allowances+ Pension) to GDP compared to 0.77 percent in case of VI CPC. New Pay Structure: Considering the issues raised regarding the Grade Pay structure and with a view to bring in greater transparency, the present system of pay bands and grade pay has been dispensed with and a new pay matrix has been designed. Grade Pay has been subsumed in the pay matrix. The status of the employee, hitherto determined by grade pay, will now be determined by the level in the pay matrix. Fitment: A fitment factor of 2.57 is being proposed to be applied uniformly for all employees. Annual Increment: The rate of annual increment is being retained at 3 percent. Modified Assured Career Progression (MACP): Performance benchmarks for MACP have been made more stringent from “Good” to “Very Good”.The Commission has also proposed that annual increments not be granted in the case of those employees who are not able to meet the benchmark either for MACP or for a regular promotion in the first 20 years of their service.No other changes in MACP recommended. Military Service Pay (MSP): The Military Service Pay, which is a compensation for the various aspects of military service, will be admissible to the Defence forces personnel only. As before, Military Service Pay will be payable to all ranks up to and inclusive of Brigadiers and their equivalents. The current MSP per month and the revised rates recommended are as follows: Short Service Commissioned Officers: Short Service Commissioned Officers will be allowed to exit the Armed Forces at any point in time between 7 and 10 years of service, with a terminal gratuity equivalent of 10.5 months of reckonable emoluments. They will further be entitled to a fully funded one year Executive Programme or a M.Tech. programme at a premier Institute. Lateral Entry/Settlement: The Commission is recommending a revised formulation for lateral entry/resettlement of defence forces personnel which keeps in view the specific requirements of organization to which such personnel will be absorbed. For lateral entry into CAPFs an attractive severance package has been recommended. Headquarters/Field Parity: Parity between field and headquarters staff recommended for similar functionaries e.g Assistants and Stenos. Cadre Review: Systemic change in the process of Cadre Review for Group A officers recommended. Allowances: The Commission has recommended abolishing 52 allowances altogether. Another 36 allowances have been abolished as separate identities, but subsumed either in an existing allowance or in newly proposed allowances. Allowances relating to Risk and Hardship will be governed by the proposed Risk and Hardship Matrix. Risk and Hardship Allowance: Allowances relating to Risk and Hardship will be governed by the newly proposed nine-cell Risk and Hardship Matrix, with one extra cell at the top, viz., RH-Max to include Siachen Allowance. The current Siachen Allowance per month and the revised rates recommended are as follows: Present Proposed i. Service Officers ₹21,000 ₹31,500 iii. JCO/ORs ₹14,000 ₹21,000 This would be the ceiling for risk/hardship allowances and there would be no individual RHA with an amount higher than this allowance. House Rent Allowance: Since the Basic Pay has been revised upwards, the Commission recommends that HRA be paid at the rate of 24 percent, 16 percent and 8 percent of the new Basic Pay for Class X, Y and Z cities respectively. The Commission also recommends that the rate of HRA will be revised to 27 percent, 18 percent and 9 percent respectively when DA crosses 50 percent, and further revised to 30 percent, 20 percent and 10 percent when DA crosses 100 percent. In the case of PBORs of Defence, CAPFs and Indian Coast Guard compensation for housing is presently limited to the authorised married establishment hence many users are being deprived. The HRA coverage has now been expanded to cover all. Any allowance not mentioned in the report shall cease to exist. Emphasis has been placed on simplifying the process of claiming allowances. Advances: All non-interest bearing Advances have been abolished. Regarding interest-bearing Advances, only Personal Computer Advance and House Building Advance (HBA) have been retained. HBA ceiling has been increased to ₹25 lakhs from the present ₹7.5 lakhs. Central Government Employees Group Insurance Scheme (CGEGIS): The Rates of contribution as also the insurance coverage under the CGEGIS have remained unchanged for long. They have now been enhanced suitably. The following rates of CGEGIS are recommended: Medical Facilities: Introduction of a Health Insurance Scheme for Central Government employees and pensioners has been recommended. Meanwhile, for the benefit of pensioners residing outside the CGHS areas, CGHS should empanel those hospitals which are already empanelled under CS (MA)/ECHS for catering to the medical requirement of these pensioners on a cashless basis. All postal pensioners should be covered under CGHS. All postal dispensaries should be merged with CGHS. Pension: The Commission recommends a revised pension formulation for civil employees including CAPF personnel as well as for Defence personnel, who have retired before 01.01.2016. This formulation will bring about parity between past pensioners and current retirees for the same length of service in the pay scale at the time of retirement. The past pensioners shall first be fixed in the Pay Matrix being recommended by the Commission on the basis of Pay Band and Grade Pay at which they retired, at the minimum of the corresponding level in the pay matrix. This amount shall be raised to arrive at the notional pay of retirees, by adding number of increments he/she had earned in that level while in service at the rate of 3 percent. In the case of defence forces personnel this amount will include Military Service Pay as admissible. Fifty percent of the total amount so arrived at shall be the new pension. An alternative calculation will be carried out, which will be a multiple of 2.57 times of the current basic pension. The pensioner will get the higher of the two. Gratuity: Enhancement in the ceiling of gratuity from the existing ₹10 lakh to ₹20 lakh. The ceiling on gratuity may be raised by 25 percent whenever DA rises by 50 percent. Disability Pension for Armed Forces: The Commission is recommending reverting to a slab based system for disability element, instead of existing percentile based disability pension regime. Ex-gratia Lump sum Compensation to Next of Kin: The Commission is recommending the revision of rates of lump sum compensation for next of kin (NOK) in case of death arising in various circumstances relating to performance of duties, to be applied uniformly for the defence forces personnel and civilians including CAPF personnel. Martyr Status for CAPF Personnel: The Commission is of the view that in case of death in the line of duty, the force personnel of CAPFs should be accorded martyr status, at par with the defence forces personnel. New Pension System: The Commission received many grievances relating to NPS. It has recommended a number of steps to improve the functioning of NPS. It has also recommended establishment of a strong grievance redressal mechanism. Regulatory Bodies: The Commission has recommended a consolidated pay package of ₹4,50,000 and ₹4,00,000 per month for Chairpersons and Members respectively of select Regulatory bodies. In case of retired government servants, their pension will not be deducted from their consolidated pay. The consolidated pay package will be raised by 25 percent as and when Dearness Allowance goes up by 50 percent. For Members of the remaining Regulatory bodies normal replacement pay has been recommended. Performance Related Pay: The Commission has recommended introduction of the Performance Related Pay (PRP) for all categories of Central Government employees, based on quality Results Framework Documents, reformed Annual Performance Appraisal Reports and some other broad Guidelines. The Commission has also recommended that the PRP should subsume the existing Bonus schemes. There are few recommendations of the Commission where there was no unanimity of view and these are as follows: The Edge: An edge is presently accordeded to the Indian Administrative Service (IAS) and the Indian Foreign Service (IFS) at three promotion stages from Senior Time Scale (STS), to the Junior Administrative Grade (JAG) and the NFSG. is recommended by the Chairman, to be extended to the Indian Police Service (IPS) and Indian Forest Service (IFoS). Shri Vivek Rae, Member is of the view that financial edge is justified only for the IAS and IFS. Dr. Rathin Roy, Member is of the view that the financial edge accorded to the IAS and IFS should be removed. Empanelment: The Chairman and Dr. Rathin Roy, Member, recommend that All India Service officers and Central Services Group A officers who have completed 17 years of service should be eligible for empanelment under the Central Staffing Scheme and there should not be “two year edge”, vis-à-vis the IAS. Shri Vivek Rae, Member, has not agreed with this view and has recommended review of the Central Staffing Scheme guidelines. Non Functional Upgradation for Organised Group ‘A’ Services: The Chairman is of the view that NFU availed by all the organised Group `A’ Services should be allowed to continue and be extended to all officers in the CAPFs, Indian Coast Guard and the Defence forces. NFU should henceforth be based on the respective residency periods in the preceding substantive grade. Shri Vivek Rae, Member and Dr. Rathin Roy, Member, have favoured abolition of NFU at SAG and HAG level. Superannuation: Chairman and Dr. Rathin Roy, Member, recommend the age of superannuation for all CAPF personnel should be 60 years uniformly. Shri Vivek Rae, Member, has not agreed with this recommendation and has endorsed the stand of the Ministry of Home Affairs. The full report is available in the website, http://7cpc.india.gov.in


[18 Nov 2015]    बीएसएनएल का आपरेशनल प्रॉफिट रु. 672 करोड़ वर्ष 2014 - 15 हुआ है

BSNL reports operating profit of Rs.672 crore in 2014 - 15. As per the statement of shri Anupam Shrivastava, CMD BSNL, published in various dailies today, BSNL has earned an operating profit (not net profit) of Rs.672 crore in 2014-15. Some other aspects of the statement: - = Income from services has increased by 4% to Rs.27,242 crore. = Operating profit is Rs.672 crore. In 2013 -14, there was an operating loss of Rs.691 crore. = Net loss increased to Rs.8,234 crore. Depreciation increased by Rs.2,000 crore. = Administrative expenses have come down due to the retirement of 10,000 employees. = Company will earn net profit in 2018 – 19. = 25,000 towers are installed in the last 2 years and the total number of towers at present is 1,00,000 towers. = Rs.7,000 crore will be spent in the current financial year for network expansion. = 4G service will be started in a couple of cities by March end. = At present there are 400 WiFi hotspots. It will be increased to 40,000.


[16 Nov 2015]    ब्रॉड बैंड के ERROR CODE और उसके निराकरण के उपाय

Problem / Error Number Description Remedy Error- 678 This is most common problems. It is due to poor connectivity. Switch off / Switch on Modem (Power Switch at the back of modem) and wait for 2 minutes. Then retry. If problem is still not solved then Check link lamp in Black type Modem or WAN lamp in White Modem. If it is blinking, then it is line problem. Check Modem to splitter connectivity. Remove & Connect the cable of / to the modem and to the splitter Remove & Connect the telephone connection of the splitter. If lamp is still blinking - then it is due to poor line condition / fault. Call lineman for line change. Check for Virus in your Laptop / PC. Disable Firewall in your Laptop / PC. Reinstall Operating System Error- 691 User id and Password problem. Enter correct username and password spellings as details are case sensitive. If problem is still not solved then Make new Dialer & Dial Call Broadband Help Desk for resetting password. ( Call 12678 from your Landline Or STD Code + 12678 from your Mobile ) Error- 769 LAN not enabled. The LAN Card has to be enabled by following the steps given below. Go to Desktop. Right Click “My Network Place". Click Select Properties. Right click on LAN Icon Click "Enable the local network". If using USB cable then Install Modem's USB Cable Driver. Error- 797 Modem or LAN driver problem Check computer LAN Card driver or Modem connectivity. Check for Viruses or corrupt TCP/IP Files Error- 718 This problem occurs if loading is high on the system and number of customers exceed the call handling capacity of system. Error - 630-633 Computer LAN Card problem. LAN Card has to be changed. Error- Limited or No Connectivity IP Address Problem Give Correct IP Address to LAN card Error- 735 Dialer problem Make New Dialer. Error - 720 Dialer or Virus problem Make New Dialer Check for Virus in your PC.. Reinstall Windows Error- 676 Modem Configuration problem Give Correct IP Address to LAN card Change PVC 0/35 to Bridge Mode instead of PPPOE mode


[16 Nov 2015]    बीएसएनएल ब्रॉड बैंड के नेटवर्क समस्याओं के निदान करने के सुझाव

How to fix errors in BSNL Broadband: General Instructions & Connection Diagnosis State run PSU, Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL), is the No.1 Broadband Service Provider in India. Most of us will be using BSNL Broadband service in our home or in our offices. As compared to all other broadband service providers in India, BSNL provides services to almost all rural and remote areas of our country. The broadband tariff plans offered by BSNL is also very cheap and affordable to ordinary people. The following video describes some general instructions and connection diagnosis for BSNL ADSL broadband. We should be careful while connecting our Broadband modem and telephone instrument. Always connect ADSL Splitter directly on the telephone line and then connect Modem and Telephone Instrument


[16 Nov 2015]    बीएसएनएल ने इमरान खान को शानदार तोहफा दिया ...................

जानिए, आखिर क्यूँ PM मोदी के इमरान खान को BSNL ने दिया शानदार तोहफा ??? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के वेंबले स्टेडियम में राजस्थान के अलवर के जिस इमरान खान का जिक्र किया था, उन्हें भारत ने मुफ्त इंटरनेट का तोहफा दिया है. बीएसएनएल ने अगले ही दिन शनिवार को इमरान के घर ब्रॉडबैंड कनेक्शन लगा दिया. मोदी ने वेंबले में भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा था कि इमरान ने 50 छात्रों की मदद के लिए मोबाइल एप्लिकेशन बनाए हैं और वह उन्हें मुफ्त बांट रहे हैं. दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इमरान को फोन कर छात्रों के लिए किए जा रहे इस काम के लिए बधाई दी. उन्होंने इमरान को दिल्ली बुलाकर सम्मानित भी किया. प्रसाद ने कहा कि मैंने बीएसएनएल के सीएमडी से कहा कि वह अलवर के महाप्रबंधक को इमरान से मिलने भेजें. इमरान से कहा कि वह जो काम वह कर रहे हैं उसके लिए पूरे देश को उन पर गर्व है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने भी इमरान का सम्मान किया. रविशंकर ने इमरान खान को सच्चा भारतीय बताया है. कहा है कि ऐसे लोग असल मायनों में भारत में बदलाव ला रहे हैं. इमरान अलवर के संस्कृत स्कूल में गणित के टीचर हैं. उन्हें अभी तक कंप्यूटर की औपचारिक ट्रेनिंग भी नहीं दी गई. इसके बावजूद उन्होंने अलग-अलग विषयों के एप्लिकेशन बनाए जिन्हें 30 लाख छात्र इस्तेमाल कर रहे हैं


[14 Nov 2015]    काल ड्राप पर पेनाल्टी के आदेश पर ट्राई अडिग निजी दूरसंचार कंपनियों की आपत्ति अमान्य

TRAI has refuted the claim of the private operators on the call drop issue. The private operators have claimed that the decision of the TRAI for payment of compensation to customers, for call drops, will have a huge financial implication for them. They have stated that the expenditure on this account would be to the tune of Rs.54,000 crore per annum. However the TRAI has rejected this claim. It has stated that the financial implication will be less than Rs.200 cross per quarter and has also stated that this will be less than 1% of the total revenue of the telecom operators


[14 Nov 2015]    बीएसएनएल को वर्तमान स्थिति में बनाये रखने की आवश्यकता को निजी कंपनियों ने भी स्वीकारा

The process of consolidation has started in the Indian telecom sector, with the taking over of MTS by Reliance Infocomm. Sunil Mittal Bharti, the chief of Airtel has stated that, with the entry of Reliance Jio, more consolidation will take place. He means that smaller telecom companies will be swallowed by bigger companies. At the same time, Sunil Mittal has said that an ideal situation for the Indian telecom sector will be the existence of four private operators and the state-run BSNL. It is significant to note that the chief of the biggest Indian private telecom company is also admitting that the existence of BSNL is a must, for an ideal situation in Indian telecom industry.


[12 Nov 2015]    शुभ-दीपावली ..................... परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू

"दीप पर्व पर , जीवन पथ पर पड़े प्रत्येक कांटे को निकाल फेकना असंभव है ,किन्तु फेंकना ही होगा ! कोई तो पल हो जो स्वत: परिवर्तन का स्वाभाविक कारन बने ! दीपावली ऐसी है !" दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें ! = रविशंकर भट्ट


[12 Nov 2015]    बीएसएनएल हाई-स्पीड ब्रॉडबेन्ड के लिए नई टेक्नालाजी शीघ्र ल रहा है

BSNL plans to launch GFast and Vectored VDSL Broadband BSNL Advanced broadband technologies like G.Fast and Vectored VDSL are being introduced in Broadband segment is the latest news announced in a press release by BSNL dynamic CMD Shri ANUPAM SHRIVASTAVA wishing all their customers A VERY HAPPY SPARKLING DEEPAVALI, and shared about latest technology developments to be introduced and many as follows about, how BSNL plans to move in future with their active participation of all officers, employees including BSNL Unions and Associations. The new advanced broadband technologies to be introduced like G.Fast and Vectored VDSL can provide 1Gbps of high speed data on copper at short lengths. It is imperative that BSNL should utilize their unique precious asset of copper cable for provisioning of high speed internet data to esteemed BSNL customers. For this, BSNL plans to use nearest BSNL Locations like GSM BTS sites etc.. for installation of Broadband Equipments like DSLAM. In Fixed line BSNL Broadband services, BSNL is the largest service provider offering array of broadband services at the most affordable prices in present broadband market. BSNL is also in the process of replacing its legacy networks with state of the art modern technologies, which would provide BSNL necessary edge in terms of capacity and features such as IP Centrex, Multi Media Video Calling, Fixed Mobile Convergence etc. BSNL Broadband GFast and Vectored VDSL Technologies BSNL has started showing the signs of revival. These Omni present signs are the result of various innovative, out of the box initiatives, taken by BSNL Management. Some of these initiatives include Free Night Calling from BSNL land line to all networks, free incoming roaming services for BSNL Mobile customers, laying special emphasis on mobile data growth and increasing the minimum Broadband bandwidth to 2MB and all the way upto till 100 Mbps. In line with our competitors rolling out their 4G networks, BSNL has launched an ambitious plan for roll out of 2500 Wi-Fi hotspots during current financial year at major tourist destinations and important public places. 450 such Hotspots have already been put in place. BSNL is also in advanced stages of its Wifi offload initiative allowing seamless mobility between WiFi Hotspots and Mobile network. In CM Vertical also, we are in the process of replacing old Mobile network with latest 3GPP Release compliant equipment. BSNL is also adding 2G and 3G BTSs to strengthen its network and widen its reach. High capacity and feature rich Data nodes, IN Systems, Messaging systems, OBD systems have been introduced into the Mobile network. BSNL is also in talks with private operators for Intra Circle Roaming arrangements, which would enable BSNL optimize its under utilized resources and also would help tap new uncovered territories, where BSNL Coverage is either not present or is not adequate. In CM segment, the IN revenue figures of BSNL has also started growing, which is yet another sign of revival. The growth of data in mobile segment has been unprecedented and is increasing 50 to 60 % on year to year basis. BSNL clocked more than 250 TB of data in a single day in the month of October with data STY revenue being more than 100 Crores in a month. For the first time since the introduction of MNP, BSNL has turned net positive, wherein more customers are joining BSNL Family as compared to the porting out customers, showing renewed faith of customers on BSNL Mobile Services. So in near future, BSNL WiFi Hotspots in wireless segment to be completed soon along with expansion of 3G mobile network rapidly in all areas across India, and Indians will see revolutionary changes in internet market and taste the high speed internet services with latest advanced Broadband Technologies GFast and Vectored VDSL to be introduced soon by our BSNL in wired broadband services.


[12 Nov 2015]    बीएसएनएलईयू छ. ग. परिमंडल की ओर से सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें ..

"दीप पर्व पर , जीवन पथ पर पड़े प्रत्येक कांटे को निकाल फेकना असंभव है ,किन्तु फेंकना ही होगा ! कोई तो पल हो जो स्वत: परिवर्तन का स्वाभाविक कारन बने ! दीपावली ऐसी है !" दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें ! = रविशंकर भट्ट परिमंडल सचिव


[10 Nov 2015]    कामरेड कालेश्वर प्रसाद बिलासपुर जिला के जिला सचिव चुने गए हैं

बिलासपुर जिला यूनियन का अधिवेशन एवं सेमिनार दिनांक 7 अक्टूबर 2015 को संपन्न हुआ है ! प्रशासन की ओर से उप महाप्रबंधक , सहायक महाप्रबंधक प्रशासन , आंतरिक वित्त सलाहकार ने सेमिनार में अपने विचार रखे हैं ! कामरेड अजय मेंढेकर , कामरेड एस. एच. दानी , का. जे.एन. नस्कर आदि ने सेमिनार में अपने क्रन्तिकारी विचार रखे हैं ! कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड संतोषी पासवान ने किया है ! आगमी सत्र के लिए अध्यक्ष का.एस.के.गड़करी , जिला सचिव का. कालेश्वर प्रसाद एवं कोषाध्यक्ष का. रामकुमार राठौर चुने गए है !


[26 Oct 2015]    बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन का 12 सालों का संघर्ष एवं उपलब्धियां

BSNL Employees Union – 12 years of struggles and achievements (Part-1) - 22nd March 2013 is the 12th Birth Anniversary of BSNL Employees Union, the mighty organisation of the BSNL workers. It was formed at Visakhapatnam in Andhra Pradesh, in the National Convention of Telecom Employees held on 21-22 March 2001 in the presence of late Com. E.Balanandan, President, CITU, one of the beloved leaders of the working class.P&T Workers have been unionised since the early part of the 20th century. It was not easy to organise the government employees under the British imperialist rule. It was with great courage and personal sacrifice that Babu Tarapada and Henry Barton organised Postal and Telegraph workers respectively. Despite much harassment and victimisation the unions strengthened, organised struggles and achieved demands. V.G.Dalvi organised the Postal Union in the second decade. The Postmen strike of 1946, which is also treated as part of the Independence struggle, was historic in all sense. Although started on 11th July 1946 as a Postmen strike, within two weeks the entire P&T workers became part of the struggle and also it got support from the freedom movement. 14 out of the total 16 demands could be achieved by the end of the successful strike. This strike gave a new dimension to the movement and the need for unity of the P&T workers was instilled in the mind of the leaders and the workers. Consequently, the leaders of the existing unions discussed and the Union of P&T Workers (UPTW) was formed in 1947 by merger. In 1954, the National Federation of P&T Employees (NFPTE) was formed by realignment by merging all the existing unions in to 9 All India Unions federated with NFPTE at the apex. Com. B.N.Ghosh, popularly called Dada Ghosh, was the first Secretary General of the united organisation. The 5 days glorious strike of 1960 of the Central government employees was brutally supressed by the central government by treating it as a ‘Civil Rebellion’ and imposing the draconian ‘Essential Service Maintenance Ordinance’(ESMO), putting thousands of employees in jail and also dismissing, suspending, terminating and victimising tens of thousands of employees. But his could not deter the Central Government employees movement from going on a successful one day token strike on 19th September 1968 facing similar victimisation, arrests and confinement. As a result of these struggles, the government was compelled to appoint II and III Central Pay Commissions and revise the wages of the employees, formulate rules for grant of dearness allowance when the cost of living index increases etc. In the 1974 strike for Bonus in which the railway workers participated in lakhs and were brutally victimised, in which a part of the P&T employees under the leadership of Com.K.G.Bose participated, though supressed, resulted in the grant of Bonus in 1978 after the Janatha Government was formed at the centre. The difference in NFPTE started mainly on the approach to the issues as also the method to be adopted. One section of the leadership was of the opinion that the government policies need not be opposed but should try to settle the demands through negotiations and compromise only. The other section led by Com. K.G.Bose, N.J.Iyer, Adinarayana and others wanted to organise struggles, if the demands are not settled by the government. In the stiff contest in elections in NFPTE in 1970, the KG Bose group was elected. But the group led by Com. O.P.Gupta floated a parallel list in the next Federal Council and with the connivance of the Minister got recognition. Two NFPTEs functioned for a few years, but the urge for unity resulted in bringing both the groups together and unity was restored by 1976. Consequent to the bifurcation of the P&T Department in to Postal and Telecommunications in 1985, NFPTE was also bifurcated in to NFPE and NFTE. The revisionists led by Com. O.P.Gupta were in the leadership of NFTE. Differences cropped up in the organisation on issues as well as the compromise being made by the leadership including agreement on ban on creation of posts, surrendering posts for promotion etc. As a result, some of the office-bearers in the unions affiliated to NFTE including Coms. Moni Bose, V.A.N.Namboodiri, M.N.Reddy and J.Renganathan resigned from the office bearer posts protesting against the wrong line of the leadership. In the Bhopal All India Conference of the All India Telecom Employees Union Class III, contest took place and OPG leadership was defeated and Coms.V.A.N.Namboodiri and Moni Bose were elected as President and General Secretary respectively with other office bearers. Though the defeat was gracefully accepted by OPG, after six months, in connivance with the DOT, a dispute was created. The two groups of the union continued functioning separately. After the collapse of the USSR, the global political situation changed. The imperialists led by US started dictating and imposing their decisions on the underdeveloped and developing countries. The economic and foreign policies of Indian government also changed. Instead of the socialist pattern of society, the shift started towards capitalist line. The government started implementing the neo-liberalisation policy of Liberalisation, Privatisation and globalisation(LPG). The PSUs, called the ‘Temples of Modern India’ by the first Prime Minister of the country Jawaharlal Nehru, was treated under the new dispension, as the cemeteries of India. PSUs were disinvested and privatised by handing over the same to private companies for paltry sums. Privatisation became the important mantra of the government. The neo-liberalisation policy has its impact on the telecommunications also. Under the New Telecom Policy 1995, for the first time, private telecom companies were formed and the government granted them licence to provide mobile service, while denying the same to the Department of telecom. This was a starting point of discrimination against DOT and later MTNL and BSNL., the telecom PSUs formed as per the new policy of the government.The unions led by Coms. Moni Bose, V.A.N.Namboodiri, P.S.Raman Kutty, Pabitra Chakroborty and others formed a National Action Committee and organised many struggles against the anti-worker policies and decisions of the government. They participated in all the struggles organised by the central trade unions on the demands of the common workers. They also organised two strikes against the proposal of the government to form a telecom corporation carving out of the Department of Telecom. NFTE kept away from these struggles. Despite opposition from the workers and their unions, BSNL was formed on 1st October 2000. The corporatisation was made easy after the revisionist leadership of NFTE agreed for the same on certain assurance like government pension etc. It was the unions which formed the National Action Committee and organised many struggles against neo-liberalisation and privatisation before and in 2000, that called for the National Telecom Convention at Visakhapatnam on 21-22 March 2013. And as stated earlier, BSNL Employees Union with Com. J.N.Mishra As President, V.A.N.Namboodiri as General secretary and P.S.Raman Kutty as Dy. General Secretary with other office bearers were elected unanimously. Seven unions merged together to form the new union. Thus BSNL Employees Union was born on 22nd March 2001 at the Vishakhapatnam Convention/Conference.


[19 Oct 2015]    3 . 49 % बीएसएनएल की आय में वृध्दि ( अप्रैल से सितम्बर)

The revenue from mobile services has grown by 3.49% during the period from April to September this year and that revenue from Enterprise business has grown by 25 %. The overall revenue has grown by 1.5%. The growth in landlines was also - 0.3% and very soon this will also become positive, said the CMD. He further stated that in the month of September alone we have added 1 lakh mobile connections through MNP. However, he stated that mobile additions have decreased now, compared to the month of July and requested the Forum to take steps to motivate the employees in the marketing front. He further stated that our revenue needs to be increased by at least by Rs.5,000 crore to implement wage revision from 01.01.2017. The leaders pointed out that acute shortage of cable, drop wire, 5 pair cable, etc. is still prevailing at the field level, which requires to be solved immediately. The CMD assured that these items will be supplied immediately and once again requested the Forum representatives to step up marketing activities. R.S.Bhatt Circle Secretary BSNLEU CG Circle


[19 Oct 2015]    कल ड्राप पर पेनाल्टी के ट्राई के आदेश पर निजी दूरसंचार कंपनियों की हालत अभी से ख़राब हो रही है

Telecom cos will incur Rs.150-cr loss every day Telecom regulator Trai on Friday made it mandatory for operators to provide Re 1 compensation to consumers for every call drop effectiveJanuary 1, 2016. The compensation will, however, be limited to threedropped calls a day, the Telecom Regulatory Authority of India said. Industry body Cellular Operators Association of India (COAI) estimatedthat the regulation may force the industry to shell out about Rs 150crore every day even if half of the consumer base in the country facesthis problem. "There are various provisions which the regulator hasignored. If there is a problem in network of the subscriber to whom the call is being made, then why should the company from whose networkthe call has originated be penalised?" Cellular Operators Associationof India Director General Rajan S Mathews said. COAI said it willapproach the regulator as this mandate is a diversion for the real issue behind call drops and put the इंडस्ट्री concern across to theregulator.As per the new rule, the telecom operator will have to send a messagethrough SMS or USSD message to the customer who made the call withinfour hours of a call drop and details of the amount credited to his account. For post-paid customers, the details of the credit should beprovided in the next bill. The regulator said it's of the view thatthe mandated regime would provide relief to customers to some extentand spur players to improve quality of service. Telecom Minister RaviShankar Prasad echoed Trai's view."As far as the tariff is concerned, under the Trai Act, the regulator is the final authority. And once this regulation has been framed, thisbecomes law of land, binding on operators and the government.Therefore, we welcome it, we hope it will go a long way in addressingthe concerns of consumers," he said. The minister appealed again to all operators to address the issue ofcall drops "very seriously". "The Vodafone chief was here. Isensitised him. The Telecom Secretary has also spoken to all owners.My office is monitoring it. I hope the issue of call drops will becomea thing of the past at the earliest," Prasad said."Some 350 towers have been sealed in Delhi in the last three weeks and 100 in Mumbai in the last 4-5 months. How can you expect to resolvethe call drop problem with local authorities sealing mobile towers?"Mathews asked. He also said licence conditions do not mandate telecomoperators to provide 100 per cent coverage and also inside buildings."Why should an operator compensate a consumer if call drop happens inpart not covered as per licence conditions? The licence conditions saysignals for street level coverage should be 85 dBu, which in some casemay provide in-building coverage and sometimes not. Why should anoperator compensate if call drop happens inside building?" Mathews wondered.He further said the regulator has also not factored in टेक्नोलॉजिकल changes and cost burden on the industry to implement changes इन network as per its recommendations. "We will discuss all these इश्यूज with TRAI before taking any further decision," Mathews said. NEW REGULATIONS AND IMPLICATIONS * The compensation will, however, be limited to three dropped calls a day; * Telecom operator will have to send SMS to the customer who made the call within four hours of a कॉल drop; * For post-paid customers, the details of the credit should be provided in the next bill; * Cellular Operators Association of इंडिया says the cos may have to hell out Rs.150 crore or more every day.


[19 Oct 2015]    दुर्ग - एडहाक बोनस के लिए धरना एवं भोजनावकाश में जोरदार नारेबाजी/प्रदर्शन

आज अखिल भारतीय फोरम ऑफ़ बीएसएनएल यूनियंस/एसोसिएशन्स के आह्वान पर छ ग. के सभी दूरसंचार जिलों में कर्मचारियों / अधिकारीयों ने जबरदस्त नारेबाजी / प्रदर्शन किया है ! बोनस कर्मचारियों का हक़ है ! कर्मचारियों ने सराहनीय एकजुटता का परिचय दिया है !


[19 Oct 2015]     बिलासपुर - एडहाक बोनस के लिए धरना एवं भोजनावकाश में जोरदार नारेबाजी/प्रदर्शन

आज अखिल भारतीय फोरम ऑफ़ बीएसएनएल यूनियंस/एसोसिएशन्स के आह्वान पर छ ग. के सभी दूरसंचार जिलों में कर्मचारियों / अधिकारीयों ने जबरदस्त नारेबाजी / प्रदर्शन किया है ! बोनस कर्मचारियों का हक़ है ! कर्मचारियों ने सराहनीय एकजुटता का परिचय दिया है !


[19 Oct 2015]    रायपुर - एडहाक बोनस के लिए धरना एवं भोजनावकाश में जोरदार नारेबाजी/प्रदर्शन

आज अखिल भारतीय फोरम ऑफ़ बीएसएनएल यूनियंस/एसोसिएशन्स के आह्वान पर छ ग. के सभी दूरसंचार जिलों में कर्मचारियों / अधिकारीयों ने जबरदस्त नारेबाजी / प्रदर्शन किया है ! बोनस कर्मचारियों का हक़ है ! कर्मचारियों ने सराहनीय एकजुटता का परिचय दिया है !


[17 Oct 2015]    33 नेशनल काउन्सिल बैठक का रिपोर्ट

नेशनल कौन सील की बैठक 16 अक्टूबर को नै दिल्ली में संपन्न हुयी है ! कॉपोरेट आफिस ने बैठक की कार्यवृत्त जारी किया है ! बैठक में हुए फैसले संलग्न है :-


[30 Sep 2015]    मेडिकल बिल के भुगतान के लिए मुख्य महाप्रबंधक को २९/०९/२०१५ को मीटिंग लेकर पत्र सौपा गया - परिमंडल सचिव

दिनांक २९/०९/२०१५ को मुख्य महाप्रबंधक के साथ परिमंडल सचिव ने बैठक लिया है ! १५ सितम्बर के मीटिंग में लिए गए फैसले पर समुचित कार्रवाई नहीं होने की शिकायत दर्ज की गयी है ! प्रमुख रूप से मेडिकल बिलों का भुगतान , खिलाडी कोटा में कर्मचारियो की बेगलाक भर्ती , सभी एसएसए के लेखाधिकारियों को डीओ लेटर जारी कर समय सीमा के अंदर भुगतान प्रक्रिया कर परिमंडल को प्रेषित करने आदि मामलों में परिमंडल प्रशासन टालमटोल की नीति पर काम कर रहा है ! परिमंडल सचिव ने गंभीर आपत्ति दर्ज किया है ! मुख्य महाप्रबंधक व्दारा समय सीमा में समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया है ! संगठन परिमंडल के सभी कार्रवाइयों पर नजर रखा है ! कर्मचारि समस्याओं के निराकरण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है !


[30 Sep 2015]    काल ड्रॉप पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी - रविशंकर प्रसाद संचार मंत्री

संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने काल ड्राप पर कार्रवाई करने के लिए कहा है ! काल ड्राप की सबसे ज्यादा शिकायत निजी दूरसंचार ऑपरेटरों की है ! अधिक से अधिक लाभ कमाने के लिए टावर की क्षमता से अधिक सिम बेचकर उपभोक्ताओं को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं ! TRAI is told to take action on operators for call drops - says Ravi Shankar Prasad. The efforts taken by the Telecom Minister Ravi Shankar Prasad, to settle the call drops menace, have not yielded any results. The Minister conducted serious discussions with private operators, which went in vain. In the meanwhile, Congress Party has called for the removal of Ravi Shankar Prasad from the post of Telecom Minister, on this issue. Yesterday, Ravi Shankar Prasad, has stated that the TRAI has been told to take action on operators, on the call drops issue. It is to be noted that the TRAI has received maximum number complaints on private operators, on the call drops issue.


[29 Sep 2015]    उपमहाप्रबंधक (प्रशासन) का प्रभार श्रीमती ज्योत्सना एक्का को सौंपा गया है

मुख्य महाप्रबंधक ने परिमंडल कार्यालय में फेर बदल करते हुए श्रीमती भावना गुप्ता उपमहाप्रबंधक (प्रशासन) की जिम्मेदारी श्रीमती ज्योत्सना एक्का को सौपी गयी है ! श्रीमती गुप्ता को प्रशासन की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी थी ! आशा की जाती है कि मुख्य महाप्रबंधक परिमंडल कार्यालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है ! बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन श्रीमती एक्का से कर्मचारी समस्याओं के निराकरण में तत्परता कि अपेक्षा करता है !


[28 Sep 2015]    फोरम की अगली बैठक 12 अक्टूबर 2015 को नईदिल्ली में होगी

Forum holds serious discussions. Next meeting to be held on 12-10-2015. A meeting of the Forum was held at New Delhi yesterday the 23-09-2015. Com.Chandeswar Singh, Forum President, presided over the meeting. Com.P.Abhimanyu, Forum Convener, welcomed the comrades and briefly explained the agenda items. Serious discussions took place on the issue of formation of the Subsidiary Tower Company. Status of the demands of the two day strike held in April,2015, was also reviewed. Discussions were incomplete. Further discussion will take place in the next meeting of the Forum, to be held on 12-10-2015.


[28 Sep 2015]    फोरम की बैठक में कुछ यूनियनों/एसोसिएसशनों की अनुपस्थिति पर नारजगी व्यक्त की गयी है

Forum expresses it's concern over the lackadaisical attitude of certain unions and associations, in attending Forum meetings. The Forum meeting held yesterday the 23-09-2015 was attended by the major unions and associations. The General Secretaries of BSNLEU, NFTE, SNEA, AIBSNLEA, BSNL MS, SNATTA, BTU and BSNLOA attended the meeting. Concern was expressed in the meeting that, some unions and associations habitually abstain from the meetings of the Forum. At the same time, it was also pointed out that, these unions and associations scramble to attend the Forum meetings, arranged with the CMD or Secretary, DoT. Undoubtedly, this is not a healthy trend, it was observed. It was also agreed that this issue would be discussed in the next meeting of the Forum for appropriate decision.


[28 Sep 2015]    एडहाक बोनस की मांग पर 6 अक्टूबर 15 नारेबाजी/प्रदर्शन किया जाएगा

Forum gives call to organise demonstrations on 06-10-2015, demanding payment of Adhoc PLI. The Forum meeting held yesterday the 24-09-2015, has called upon the Non-Executives and Executives of BSNL to organise powerful demonstrations on 06-10-2015, demanding immediate payment of Adhoc PLI. The issue was discussed at length in yesterday's meeting of the Forum. The BSNL Management has denied payment of PLI to the employees for the past several years,on the plea that the Company is running in loss. But, fact remains that the DPE has issued guidelines that, payment of PLI should not be linked with the profit of a PSU. A copy of this DPE letter has already been provided to the Management. The Joint Committee constituted by the Management, could not fulfil the task of framing a new PLI Formula, mainly because the meetings were not held sufficiently in quick succession. It will take some more months for the Committee to finalise the new Formula. It will certainly take some more months for the Formula to get the approval of the Management Committee and the BSNL Board. In view of this, the Forum has decided to demand immediate payment of Adhoc PLI to the entire Non-Executives and Executives. If the Management does not take prompt action, the next meeting of the Forum will take decision to further intensify the struggle. All Circle and District Unions of BSNLEU are requested to take immediate steps, in coordination with all other constituents of the Forum, to successfully organise this demonstration programme.


[24 Sep 2015]    मुख्य महाप्रबंधकों के नकारेपन पर बीएसएनएलईयू सीएचक्यू का कड़ा विरोध

प्रेसिडेंशियल आर्डर के पेंडिंग केस की जानकारी नहीं भेजी गई है ! महाप्रबंधक (स्थापना) मधु अरोरा के समक्ष महासचिव एवं उपमहासचिव ने कड़ा विरोध दर्ज किया है ! उक्त प्रकरणो में कार्पोरेट ऑफिस ने भी नारजगी व्यक्त किया है ! BSNLEU has recorded it's strong protest with the Corporate Management, over the lethargy of the various CGMs, in providing inputs required by the Corporate Office, for the settlement of long pending issues of the Non-Executives. For example, BSNL Corporate Office has called for inputs from the circles , on the issue of settlement of Anomalies and also on the issue of issuing Presidential Orders to the TSMs,who were directly promoted as Telecom Mechanics. Com.P.Abhimanyu, GS, com.Swapan Chakraborty, Dy.GS and com.M.C.Balkrishna, AGS, met Ms.Madhu Arora,GM (Estt.) today and expressed their extreme unhappiness, as well as protest, over the lethargy of the CGMs, in furnishing inputs required by the BSNL Corporate Office. The GM (Estt.) agreed with the Union and replied that this issue would be taken up with the Director (HR), for necessary remedy.


[19 Sep 2015]    श्री जी सी पाण्डेय मुख्य महाप्रबंधक एमपी का प्रशंसनीय कार्य - मेडिकल अदालत में पेंडिंग बिलों का निपटारा

An appreciable initiative taken by the CGM, Madhya Pradesh. Dr. Ganesh Chandra Pandey, CGM, MP has taken an appreciable initiative towards issues related with the staff of Madhya Pradesh. He has notified to hold “Medical Adalat” on 17th October, 2015 at Circle Office, Bhopal, to settle all the pending medical claims of the staff in Madhya Pradesh Circle which were lying pending for last 3 to 4 years. He has ordered all SSA GMs to dispose all medical claims by 30th September, 2015. BSNLEU highly appreciate the concern of the head of circle for settling the staff related matters and hope that the other head of circles can do the same


[19 Sep 2015]    बीएसएनएल एम्पलाईज़ यूनियन की कार्यकारिणी के साथ मुख्य महाप्रबंधक की बैठक दिनांक 15 /09 /२०१५ का संक्षिप्त रिपोर्ट

दिनांक 15/09/2015 को बीएसएनएल एम्प्लाईज़ यूनियन की कार्यकारिणी एवं मुख्य महाप्रबंधक दूरसंचार परिमंडल रायपुर के साथ संपन्न बैठक का संक्षिप्त रिपोर्ट :- (परिमंडल कार्यालय का बैठक के लिए पत्र क्र. यू.एन.-01/बीएसएनएलईयू/चे.2/2015/150 दिनांक 11/09/2015) मुख्य महाप्रबंधक श्री महक सिंह छ.ग. परिमंडल के साथ बीएसएनएलईयू परिमंडल कार्यकारिणी के साथ बैठक परिमंडल के सभागार में शाम 4 बजे से आयोजित की गई जो रात्रि 7 बजे संपन्न हुयी ! प्रबंधन पक्ष से श्री महक सिंह मुख्य महाप्रबंधक , श्री ए.के उपाध्याय वरिष्ठ महाप्रबंधक (प्रशासन) , श्री वी के गोलदार आंतरिक वित्त सलाहकार , श्री निकोसे सहायक महाप्रबंधक (प्रशासन) तथा यूनियन पक्ष से का. अजय मेंढेकर संरक्षक ,का. एस.एच.दानी परिमंडल अध्यक्ष , का. आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव , का. आर.के.नागरची सहायक परिमंडल सचिव एवं जिला सचिव रायपुर , का. ए.के.गंगेले परि. उपाध्यक्ष(रायपुर) , का. संतोषी पासवान परि.उपाध्यक्ष(बिलासपुर) , का.अमरसिंह परि.उपाध्यक्ष(रायगढ़) , का. कालेश्वर प्रसाद सहा.परि.सचिव (बिलासपुर) , का.एस.आर.बरिहा सह.परि.सचिव(रायपुर) , का.जे.एन.नस्कर परि.कोषाध्यक्ष(रायपुर), का. मिथिलेश सिंह ठाकुर सहा.परि.कोषाध्यक्ष(दुर्ग) , का. एस.एस.राजपूत सहा.परि.सचिव(कोरबा) , का.रामकुमार राठौर सहा.परि.सचिव (बिलासपुर), का.गोस्वामी कार्य.जिला सचिव(रायगढ़) , का.एस. लुईस सहायक परिमंडल सचिव (रायपुर) का. बिसंभर पाण्डेय(दुर्ग) ,का. कदम(रायपुर) का.शिवदास मानिकपुरी डब्ल्यू टी. आर. (रायपुर) ने भाग लिया ! निम्न ज्वलंत समस्याओं पर सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा कर निराकरण किया गया :- आईटम नंबर 01 :-यूनियन आईटम का बाजार दर तय करने हेतु यूनियन का पत्र :- प्रबंधन ने जानकारी दिया है की कार्पोरेट आफिस से नियमावली मंगाई जा रही है ! नियमानुसार कार्रवाई चल रही है ! परिमंडल सचिव ने परिमंडल कार्यालय व्दारा 2008 में छ.ग.सर्किल आफिस व्दारा यूनियन आईटम के दर में किए गए संशोधन का पत्र प्रस्तुत करके परिमंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले यूनियन आइटमों के दर में संशोधन करने के लिए वेलफेयर बोर्ड एवं यूनियनों की बैठक आयोजित करने कीमांग किया ! मुख्य महाप्रबंधक नए महाप्रबंधक प्रशासन को पत्रानुसार अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ! यूनियन को आश्वस्त किया गया है की परिमंडल के अधिकार क्षेत्र के यूनियन आइटम संशोधन के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद मीटिंग आयोजित की जाएगी ! आईटम नंबर 02 :- पी.एल.आई./आर.डी.ए. का लंबित भुगतान :- आंतरिक वित्त सलाहकार श्री गोलदार ने जानकारी दिया है की सभी कर्मचारियों का भुगतान दिनांक 11/09/2015 को किया जा चूका है ! विलंब के लिए बैंक की तकनीकी कारणों का उल्लेख किया गया ! यूनियन के सभी सदस्यों नए कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए परिमंडल कार्यालय के लेखानुभाग के कार्यप्रणाली को कर्मचारी विरोधी मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया है ! कर्मचारियों के भुगतान में विलंब का कोई वैधानिक कारण नहीं है ! संगठन के आन्दोलन के नोटिस के बाद सितंबर माह के वेतन में करने का आश्वासन तथा यूनियन के असहमति के बाद तुरंत भुगतान किया जाना समझने के लिए पर्याप्त है ! परिमंडल सचिव ने ई.आर.पी. के नाम से परिमंडल कार्यालय का लेखानुभाग पी.एल.आई./आर.डी.ए. का क़िस्त वेतन से काटकर जमा करने की सुविधा को समाप्त कर रही है ! सरकार व्दारा कर्मचारी हित में चलायी जा रही योजना को हतोत्साहित किया जा रहा है एवं सोसायटियों के क़िस्त काटकर भेजने में कोई परेशानी नहीं हो रही है ! अन्य परिमंडल में ई.आर.पी. के माध्यम से यह सुविधा कर्मचारियों को दी जा रही है ! संगठन पी.एल.आई./आर.डी.ए. के क़िस्त की कटौती वेतन से पुन: प्रारंभ करने की मांग रखा ! मुख्य महाप्रबंधक ने ई.आर.पी. में कटौती की सुविधा प्रारंभ करने का आश्वासन दिया है ! महाप्रबंधक प्रशासन को डाकेट बुक कर व्यक्तिगत रूचि लेकर चालू कराने का निर्देश दिया है ! लेखानुभाग को भविष्य में कर्मचारियों के भुगतान पर अनावश्यक लेटलतीफी नहीं करने का हिदायत दिया गया ! आईटम नंबर 03 :- टी.ए.बिल का भुगतान :- अनुपातिक 2 लाख रूपये का भुगतान करने की जानकारी श्री गोलदार ने बैठक में दिया है ! यूनियन व्दारा प्रबंधन से 10 माह से टी.ए.बिल का भुगतान नहीं करने का कारण पूछा गया ! प्रबंधन व्दारा कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जा सका है ! ई.आर.पी. के कारण भुगतान में विलंब की बात कही गयी है ! यूनियन ने कर्मचारियों को टी.ए. अडवांस देने की मांग की गई है ताकि फिल्ड के कर्मचारियों को आर्थिक भार न पड़े एवं बीएसएनएल का कार्य भी प्रभावित न हो ! मुख्य महाप्रबंधक नए सभी लंबित टी.ए.बिलों का भुगतान 15 अक्टूबर तक करने का निर्देश दिया है ! आई.ऍफ़.ए. को टी.ए. बिलों का भुगतान समय करने का निरेदेश दिया है ! आईटम नंबर 04 :- लंबित मेडिकल बिल :- प्रशासन व्दारा बैठक में जानकारी दी गई है की अगस्त 2015 तक ई.आर.पी. सिस्टम में भेजे गए ओपीडी बिलों का भुगतान किया गया है ! का. एस.के गडकरी जिला सचिव बिलासपुर ने जानकारी को गलत बताया ! विगत 3 माह से ओपीडी बिलों का भुगतान बिलासपुर एस.एस.ए. में कर्मचारियों को नहीं होने की जानकारी दी गयी ! परिमंडल लेखानुभाग ने बिल एस.एस.ए. में पेंडिग होने की जानकारी दी गयी ! सदस्यों ने कर्मचारियों के भुगतान को लेखानुभाग व्दारा महीनों पेंडिग रखा जाता हैं ! परिमंडल लेखानुभाग की जिम्मेदारी है की सभी एस.एस.ए. के लेखानुभाग को एक निश्चित समय सीमा से अधिक होने पर मेमो जारी किया जाय ! डाक्टर परामर्श फ़ीस एस.एस.ए. के लेखानुभाग व्दारा अपने मन से कुछ भी तय करते हैं ! सदस्यों ने नियम बताने की मांग की ! ओपीडी भुगतान केवल कर्मचारियों के सीमा से बाहर नहीं करने का प्रावधान है फिर कैसे बिलों में कटौती की जाती है ! परिमंडल कार्यालय से मेडिकल बिलों में आपत्ति धारावाहिक सीरियलों की तरह लगाई जाती हैं ! आपत्ति के उपर फिर आपत्ति लगाकर बिलों को लटकाने का काम किया जा रहा है ! बैठक की तारीख के पहले 7 सितंबर को परिमंडल कार्यालय से मेडिकल बिलों को नए प्रोफार्मा में भरकर भेजने के नाम पर सभी एस.एस.ए. को वापस कर दिया गया है ! सदस्यों व्दारा उक्त कार्रवाई को जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कहा गया और कड़ी आपत्ति दर्ज की गयी है ! सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि परिमंडल के पुरे एस.एस.ए. में लेखानुभाग की कार्यप्रणाली कर्मचारी विरोधी है जिसमे सुधार नही होने पर गंभीर आन्दोलन से इंकार नही किया जा सकता है ! मुख्य महाप्रबंधक ने मेडिकल बिलों को 5-6 सालों से पेंडिग होने का कारण जानना चाहा ! परिमंडल अध्यक्ष का. एस.एच. दानी नए बताया कि परिमंडल युनियन के पूर्व जिम्मेदारी पदाधिकारियों ने मेडिकल बिलों के भुगतान में भाईभातिजावाद की नीति अपनाई गयी है ! अपने नजदीकी लोगो के भुगतान में विशेष रूचि लेकर कार्य गया है ! परिमंडल कार्यालय ने भी नेताओं के इस कार्य में भरपूर मदद किया है जिसके कारण आम कर्मचारियों का बिल आज तक पेंडिंग है ! सदस्यों ने ऐसे नेताओं को नकार दिया है और नए नेतृत्व को समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी दी गयी है ! परिमंडल के अधिकारीयों/कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा प्रदान करना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है ! बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन मेडिकल सुविधा में कटौती को बर्दाश्त नहीं करेगा ! मुख्य महाप्रबंधक ने सभी एस.एस.ए के एकाउंट्स आफिसर को डी.ओ. लेटर जारी करने का आदेश दिया है ! प्रत्येक माह कर्मचारियों का मेडिकल बिल परिमंडल कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करने और समय पर भुगतान के लिए आई.ऍफ़.ए. को निर्देशित किया है ! पेंडिग इनडोर मेडिकल बिलों को चरणबध्द रूप से निपटारा करने का आश्वासन दिया गया है ! यूनियन से पेंडिग बिलों के निपटारे में सहयोग की अपील की गयी है ! आईटम नंबर 05:- छ.ग. परिमंडल में खिलाड़ियों की बैगलाग भर्ती :- कार्पोरेट आफिस नईदिल्ली ने रिक्त खिलाडी कोटा में बैगलाग भर्ती के लिए 24/08/2015 तक सभी परिमंडल से प्रस्ताव माँगा है ! परिमंडल प्रशासन नए कुछ स्पष्टीकरण के लिए कार्पोरेट आफिस को पत्र भेजने की जानकारी बैठक में दी है ! यूनियन व्दारा पत्र की प्रतिलिपी मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया गया ! परिमंडल सचिव नए प्रशासन के दोषपूर्ण कामकाज पर आपत्ति दर्ज किया है ! खिलाड़ियों के बैगलाग भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजने के स्थान पर मीटिंग में कोरम पूरा करने के लिए दिनांक 11/09/2015 को कार्पोरेट आफिस एक सामान्य पत्र प्रेषित किया गया है जो कि पूरी तरह अनुचित है ! परिमंडल प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई से छ.ग. परिमंडल को दो खिलाड़ी कर्मचारियों का नुकसान होने की दशा पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ! मुख्य महाप्रबंधक ने प्रकरण पर नाराजगी व्यक्त किया है ! महाप्रबंधक प्रशासन ने सहायक महाप्रबंधक प्रशासन को बैठक में पूरी तयारी के साथ आने का हिदायत दिया है ! यूनियन को आश्वासन दिया गया है की प्रकरण को प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जावेगा ! परिमंडल में खिलाडी कोटा की भर्ती की जावेगी ! आईटम नंबर 06 :- छ.ग. परिमंडल क्रीडा एवं सांस्कृतिक मंडल का पुनर्गठन :- यूनियन ने छ.ग. परिमंडल क्रीडा एवं सांस्कृतिक मंडल का कार्यकाल 31/03/2015 का समाप्त हो चूका है ! पुनर्गठन करने की मांग की गयी है ! महाप्रबंधक प्रशासन ने मंडल का कार्यकाल 31/03/2016 तक होने की जानकारी दिया ! परिमंडल सचिव नए मुख्य महाप्रबंधक को पत्र क्र. सी.एस.सी.बी./गठन-!!/13-14/137 दिनांक 15/10/2013 व्दारा छ.ग. परिमंडल क्रीडा एवं सांस्कृतिक मंडल का गठन 31/03/2015 तक के लिए किया गया था ! परिमंडल के वेलफेयर से सम्बंधित कई कार्य सम्पादित होते है तथा कार्पोरेट आफिस से फंड का आबंटन प्राप्त होता है ! आर्थिक लेनदेन के लिए छ.ग. परिमंडल क्रीडा एवं सांस्कृतिक मंडल का वैधानिक होना आवश्यक है ! प्रशासन ने पिछले कार्यकारिणी गठन में एक वर्ष विलंब होने के कारण यह परिस्थिति पैदा होने की बात कही है ! परिमंडल सचिव व्दारा पिछले कार्यकारणी के कार्यकाल में वृध्दि को स्वीकृत किए जाने वाले पत्र की मांग की गई ! तत्सम्बम्ध में कोई पत्र नहीं होने की जानकारी दी गयी है ! मुख्य महाप्रबंधक ने छ.ग. परिमंडल क्रीडा एवं सांस्कृतिक मंडल का पुनर्गठन की प्रक्रिया आरम्भ करने का निर्देश दिया है ! सभी एस.एस.ए. से कार्यरत खेल से संबंधित गतिविधियों से जुड़े कर्मचारी/अधिकारी का नाम मंगाया जावेगा ! आईटम नंबर 07 :- जीएसएलआईसी (बीएसएनएल कर्मचारियों क ग्रुप बीमा) :- ई.आर.पी. सिस्टम प्रारंभ होने से आज दिनांक तक कर्मचारियों का जीएसएलआईसी का पैसा जमा नहीं हुआ है ! 50 लाख रुपए का चेक कुछ समय पहले परिमंडल लेखानुभाग व्दारा भेजने की जानकारी दिया गया ! कर्मचारियों के पॉलिसी में अज दिनांक तक जमा नहीं हुआ है ! बिलासपुर के जिला सचिव व्दारा तीन कर्मचारियों के देहांत पर बीमित राशी एक लाख के भुगतान से कंपनी के इंकार करने की जानकारी डी गयी ! कर्मचारियों के वेतन से प्रत्येक माह राशि काटने के बाद भी जमा नहीं करना बहुत ही गंभीर है ! संगठन बीमा की राशि का भुगतान आंतरिक वित्त सलाहकार से करने की चेतावनी दिया ! मुख्य महाप्रबंधक ने मामले को गंभीर माना है एवं आंतरिक वित्त सलाहकार से निराकरण के लिए 30 सितंबर तक का समय सीमा निर्धारित किया है ! मुख्य महाप्रबंधक के साथ बीएसएनएलईयू परिमंडल कार्यकारिणी की बैठक संतोषप्रद रहा है ! बैठक में उपस्थित सदस्यों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को भी मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष रखा है ! बैठक में लिए गए फैसलों को लागु कराने के लिए यूनियन का जागरूक होना आवश्यक है ! प्रबंधन के साथ बैठक एवं परिमंडल कार्यालय का बैठक के लिए पत्र क्र. यू.एन.-01/बीएसएनएलईयू/चे.2/2015/150 दिनांक 11/09/2015 पर चर्चा के उपरांत परिमंडल यूनियन के प्रस्तावित प्रदर्शन/नारेबाजी कार्यक्रम को समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने स्थगित करने निर्णय लिया गया है ! (आर.एस.भट्ट) परिमंडल सचिव


[18 Sep 2015]    JTO RR को बीएसएनएल बोर्ड ने अपनी स्वीकृति दे दी है

JTO RR is approved by the BSNL Board. BSNL Board meeting held today, on 18.09.2015 approved the JTO RR amendments. With this amended JTO RR, service condition is reduced to 5 years from 7 years. The officiating JTOs will be regularized as a one time mesure. It may be recalled that the RR was pending before the BSNL Board for approval for more than one year. The CHQ met the Director (HR), on 8th September, 2015 and requested for approval of the RR. Finally, the RR is approved. Congratulations !!


[16 Sep 2015]    १६ सितंबर २०१५ को मुख्य महाप्रबंधक के साथ बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन के साथ बैठक संपन्न

मुख्य महाप्रबंधक छ.ग. परिमंडल ने बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन के साथ बैठक आयोजित किया था ! तदनुसार शाम 4 बजे रात 7 बजे तक सौहाद्रपूर्ण वातावरण में बैठक संपन्न हुआ है ! बीएसएनएलईयू यूनियन ने 16 सितम्बर को निर्धारित नारेबाजी एवं प्रदर्शन को स्थगित किया ! बैठक में लिए गए मुद्दे एवं प्रबंधन व्दारा दिए गए फैसले का विस्तृत विवरण शीघ्र अपलोड किया जायेगा !


[14 Sep 2015]    SNEA और BSNLEU परिमंडल यूनियन का केरल सीजीएम के दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी/प्रदर्शन

कामरेड आर.आर. श्रीवास परिमंडल सचिव एस.एन.ई.ए. छ.ग. परिमंडल अपने सदस्यों के साथ फाफाडीह रायपुर में आयोजित भोजनावकाश नारेबाजी/प्रदर्शन में भाग लिया है ! कामरेड एस.एच.दानी परिमंडल अध्यक्ष अपने सम्बोधन में बीएसएनएल बनाने के विरोध में बीएसएनएलईयू के साथ एकमात्र एस.एन.ई.ए.ने ही कंधे से कन्धा मिलाकर संघर्ष किया है ! बीएसएनएल को बचाने की लड़ाई में ईमानदारी से सघर्ष में साथ देने वाला एसोसिएशन है ! केरल के साथियों को लाल सलाम पेश करते हुए उनके संघर्ष को अभूतपूर्व कहा है ! बीएसएनएल में हमेशा इसी दो संगठनो के नेतृत्वकारी साथियों को प्रशासनिक दंड का दंश झेलने का इतिहास रहा है ! प्रबंधन को झुकाने का माद्दा भी इन्हीं संगठनों में है ! अंतत: जीत हमारी होगी !


[13 Sep 2015]    बीएसएनएल के हेड ऑफ़ ऑफिस को सप्ताह में एक दिन बड़े ईबी के संभावित ग्राहक से मिलने का सीएमडी का आदेश

.श्री अनुपम श्रीवास्तव ने बीएसएनएल के विभाध्यक्षो को फिल्ड में जाकर इंटर प्राइजेस बिज़नेस के लिए संभावित उपभोक्ताओं से मिलने का निर्देश जारी किया है ! सभी अधिकारीयों के सही पालन करने पर इसका फायदा बीएसएनएल को अच्छा होगा !


[11 Sep 2015]    पी.एल.आई./आर.डी. का भुगतान 15 सितंबर तक कर्मचारियों को देना होगा

कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गयी पी.एल.आई./आर.डी. का भुगतान 15 सितंबर तक कर्मचारियों को देना होगा ! परिमंडल कार्यालय अनधिकृत रूप से कर्मचारियों का पैसा रोककर रखा है ! सितंबर माह के साथ भुगतान के बहाने को यूनियन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा ! विगत २ माह से कर्मचारियों को वेतन में देने का आश्वासन के बाद भी परिमंडल के लेखा अनुभाग ने वादा खिलाफी की है !


[11 Sep 2015]    कर्मचारियों के आर्थिक हित के खिलाफ परिमंडल कार्यालय पर आन्दोलन केलिए कर्मचारियों /अधिकारीयों का जबरदस्त समर्थन

बीएसएनएल एम्प्लाईज़ यूनियन छ.ग. परिमंडल के आह्वान पर दिनांक 16/09/2015 को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय खम्हारडीह रायपुर के समक्ष जंगी प्रदर्शन/नारेबाजी करने का निर्णय लिया गया है ! छ.ग. परिमंडल के बिलासपुर ,अंबिकापुर ,रायगढ़ , जगदलपुर , दुर्ग , बेमेतरा , डोंगरगढ़ , डोंगरगांव , कवर्धा , धमतरी , नयापारा राजिम , गरियाबंद , भाटापारा एवं बलौदाबाजार के बीएसएनएल कर्मचारी प्रदर्शन करने अपने साथियों के साथ रायपुर पहुच रहे हैं ! बीएसएनएल में नवंबर 15 से कर्मचारियों के सभी भुगतान को केंद्रीकृत कर रायपुर मुख्यालय से किया जा रहा है ! जिलों में स्थित बीएसएनएल आफिस का बिजली बिल , मकान किराया , उपभोक्ता सेवा के सुधार कार्य का भुगतान आदि सभी का भुगतान रायपुर से किया जा रहा है ! नए व्यवस्था में परिमंडल कार्यालय का लेखा अनुभाग पूरी तरह निरंकुश होकर कार्य कर रहा है ! तत्सम्बंध में परिमंडल यूनियन लगातार मुख्य महाप्रबंधक से लेखा अनुभाग के मनमानी पर लगाम लगाने और कर्मचारियों को प्रताड़ित होने से बचाने की मांग किया है ! मुख्य महाप्रबंधक की मौन सहमति से कर्मचारियों के आक्रोश के कारण यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए आन्दोलन शुरू किया है ! पुरे छ.ग. से आये बीएसएनएल के कर्मचारी 16 सितम्बर को 01:30 (भोजनावकाश) में जबरदस्त नारेबाजी एवं प्रदर्शन कर चेतावनी देंगे ! यूनियन ने 1 सितम्बर को अपनी तीन सूत्रीय मांग पत्र प्रबंधन को सौंपकर आन्दोलन का नोटिस दिया है ! कर्मचारियों के वेतन से पोस्टल लाइफ इन्शुरेंस एवं रिकरिंग डिपाजिट का 5 किश्त काटने के बाद भी जमा नहीं किया गया है ! बाद में कर्मचारियों को पासबुक वापस कर खुद जमा करने कहा गया ! सभी कर्मचारियों को पेनाल्टी सहित किश्त जमा करना पड़ा है ! कटौती की गयी राशि कर्मचारियों को वापस करने के लिए 3 माह से चक्कर लगा रहे हैं ! विगत दस माह से कर्मचारियों के टी.ए. बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है ! कर्मचारियों के मेडिकल बिल का भुगतान मरणोपरांत भी नहीं किया गया है ! यूनियन समस्याओं के निराकरण के बातचीत प्रयास में सफल नहीं होने पर आन्दोलन के प्रथम चरण में नारेबाजी/प्रदर्शन के लिए समस्त बीएसएनएल कर्मचारियों को रायपुर आने का आह्वान किया है ! परिमंडल के सभी जिलों के आमसहमति से आंदोलन किया जा रहा है ! कर्मचारियों में परिमंडल कार्यालय के कार्यप्रणाली से तीव्र आक्रोश है ! प्रदर्शन के बाद यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा ! परिमंडल सचिव को फोन और मोबाईल से कर्मचारी/अधिकारीयों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है ! परिमंडल में यूनियन नेता सुविधा भोगी हो चुके हैं एवं अधिकारों के लिए लड़ना भूल गए हैं ! फलस्वरूप प्रशासन तानाशाह बन गया है ! (आर.एस.भट्ट) परिमंडल सचिव


[10 Sep 2015]    परिमंडल आफिस की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ..........

बीएसएनएल एम्प्लाईज़ यूनियन छ.ग. परिमंडल के आह्वान पर दिनांक 16/09/2015 को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय खम्हारडीह रायपुर के समक्ष जंगी प्रदर्शन/नारेबाजी करने का निर्णय लिया गया है ! छ.ग. परिमंडल के बिलासपुर ,अंबिकापुर ,रायगढ़ , जगदलपुर , दुर्ग , बेमेतरा , डोंगरगढ़ , डोंगरगांव , कवर्धा , धमतरी , नयापारा राजिम , गरियाबंद , भाटापारा एवं बलौदाबाजार के बीएसएनएल कर्मचारी प्रदर्शन करने अपने साथियों के साथ रायपुर पहुच रहे हैं ! बीएसएनएल में नवंबर 15 से कर्मचारियों के सभी भुगतान को केंद्रीकृत कर रायपुर मुख्यालय से किया जा रहा है ! जिलों में स्थित बीएसएनएल आफिस का बिजली बिल , मकान किराया , उपभोक्ता सेवा के सुधार कार्य का भुगतान आदि सभी का भुगतान रायपुर से किया जा रहा है ! नए व्यवस्था में परिमंडल कार्यालय का लेखा अनुभाग पूरी तरह निरंकुश होकर कार्य कर रहा है ! तत्सम्बंध में परिमंडल यूनियन लगातार मुख्य महाप्रबंधक से लेखा अनुभाग के मनमानी पर लगाम लगाने और कर्मचारियों को प्रताड़ित होने से बचाने की मांग किया है ! मुख्य महाप्रबंधक की मौन सहमति से कर्मचारियों के आक्रोश के कारण यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए आन्दोलन शुरू किया है ! पुरे छ.ग. से आये बीएसएनएल के कर्मचारी 16 सितम्बर को 01:30 (भोजनावकाश) में जबरदस्त नारेबाजी एवं प्रदर्शन कर चेतावनी देंगे ! यूनियन ने 1 सितम्बर को अपनी तीन सूत्रीय मांग पत्र प्रबंधन को सौंपकर आन्दोलन का नोटिस दिया है ! कर्मचारियों के वेतन से पोस्टल लाइफ इन्शुरेंस एवं रिकरिंग डिपाजिट का 5 किश्त काटने के बाद भी जमा नहीं किया गया है ! बाद में कर्मचारियों को पासबुक वापस कर खुद जमा करने कहा गया ! सभी कर्मचारियों को पेनाल्टी सहित किश्त जमा करना पड़ा है ! कटौती की गयी राशि कर्मचारियों को वापस करने के लिए 3 माह से चक्कर लगा रहे हैं ! विगत दस माह से कर्मचारियों के टी.ए. बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है ! कर्मचारियों के मेडिकल बिल का भुगतान मरणोपरांत भी नहीं किया गया है ! यूनियन समस्याओं के निराकरण के प्रयास में सफल नहीं होने पर आन्दोलन के प्रथम चरण में नारेबाजी/प्रदर्शन के लिए समस्त बीएसएनएल कर्मचारियों को रायपुर आने का आह्वान किया है ! परिमंडल के सभी जिलों के आमसहमति से आंदोलन किया जा रहा है ! कर्मचारियों में परिमंडल कार्यालय के कार्यप्रणाली से तीव्र आक्रोश है ! प्रदर्शन के बाद यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा ! (आर.एस.भट्ट) परिमंडल सचिव


[10 Sep 2015]    अंडर ग्राउंड केबल फाल्ट के लिए आउट सोर्सिंग के लिए मुख्य महाप्रबंधकों को कार्पोरेट ऑफिस से पत्र

Maintenance of underground cable faults. In the meeting against outsourcing of broadband provisioning and maintenance, BSNLEU strongly argued against outsourcing of broadband services as decided by the Management and expressed that performance of broadband services are affected not for non-attendance but due to bad conditions of the under ground cables which are frequently getting faults due to shortage of staff in cable maintenance work. The union feels that outsourcing may be allowed for maintenance of underground cables. Now the Management has issued letter to all CGMs regarding maintenance of underground cable faults.<>


[10 Sep 2015]    परिमंडल कार्यालय में 16 सितम्बर को शामिल होने के लिए पत्र

समस्त जिला सचिव/शाखा सचिव बीएसएनएलईयू छ.ग .परिमंडल कामरेड , बीएसएनएलईयू छ.ग. यूनियन ने 3 सूत्रीय मांगों को हासिल करने के लिए दिनांक 16 /09 /2015 को भोजनावकाश में ( 01 : 30 ) मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मेनगेट पर नारेबाजी/प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है ! अत: शाखा के समस्त सदस्यों के साथ कार्यक्रम में शामिल होना सुनिश्चित करें ! संगठन का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जिसमे सभी स्थानीय सदस्यों की भागीदारी आवश्यक है ! आर.एस. भट्ट परिमंडल सचिव


[09 Sep 2015]    क्रमश: आगे .......आंदोलन की आवश्यकता क्यों ???????????????????????????????????

मांग नं. 02 ... कर्मचारियों /अधिकारीयों को टी.ए. बिल का भुगतान लगभग 10 माह से पुरे परिमंडल ,में नहीं किया गया है ! कर्मचारियों को महीने में अधिकतम स्वीकृत टी.ए .बिल की राशि निर्धारित है उससे अधिक राशि का भुगतान नहीं किया जा सकता है ! बीएसएनएल की सेवा में निरंतरता बने रखने के लिए कर्मचारी खुद कैसे से जाते हैं ! टी.ए. बिल का भुगतान वेतन मद से भुगतान किए जाने वाला राशि है ! क्यों 10 माह से नहीं किया गया है ? क्या कर्मचारी फाल्ट ठीक करने जाना बंद कर दे ? लेखा-अनुभाग के कारण उपभोक्ता सेवा में कमी आने की पूरी सम्भावना है लेकिन परिमंडल के मुखिया कोई पहल नहीं कर रहे हैं ! मांग नं . ०३ ..... लेखा अनुभाग मेडिकल बिल में एक आपत्ति लगाकर वापस एसएसए को भेजेगा उसका जवाब भेजने पर दूसरा ,फिर तीसरा इस तरह से किश्तों में आपत्ति लगाना अपना हक़ समझता है ! जबकि किसी भी प्रकरण में एक साथ जो जो कमी है की आपत्ति लगाकर भेजा जाना चाहिए ! लेकिन लेख अनुभाग कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के लिए महीनो आपत्ति लगाने का काम कर रहा है ! 2007 में दिवंगत हुए कर्मचारियों के प्रकरण में अगस्त 15 में परिमंडल के लेख अनुभाग ने आपत्ति लगाकर भेजा है ! क्या मृत कर्मचारी आपत्ति का जवाब देगा ? उपरोक्त सभी समस्याओं को लगातार 2 माह से परिमंडल यूनियन मुख्य महाप्रबंधक से निराकरण की मांग करता रहा है ! जिम्मेदार अधिकारी के उदासीनता के कारण यूनियन ने कर्मचारियों को उनका हक़ दिलाने एवं लेखा अनुभाग को कामकाज सुधारने की चेतावनी देने के लिए 16 सितम्बर 15 को नारेबाजी /प्रदर्शन का आयोजन किया है ! परिमंडल कार्यालय के लेखा अनुभाग के कर्मचारी विरोधी कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए सभी साथियों से शामिल होने का अनुरोध है ! आर.एस. भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएल एम्प्लॉईज़ यूनियन छ.ग. परिमंडल रायपुर छ.ग.


[09 Sep 2015]    आंदोलन की आवश्यकता क्यों ???????????????????????????????????

परिमंडल कार्यालय का लेखा-अनुभाग पूरी तरह निरंकुश हो गया है ! कर्मचारियों के सभी भुगतान को महोनो लंबित रखना अपना अधिकार मानते हैं ! मुख्य महाप्रबंधक भी मूक दर्शक की भूमिका निभाकर मनमानी करने का छूट दे दिए हैं ! बीएसएनएलईयू यूनियन ने विगत 2 माह से पत्राचार कर समस्याओं के निराकरण की मांग करता रहा है ! मांग नं. 01 कर्मचारियों के वेतन से पी.एल.आई./आर.डी. की 6 किश्तों की कटौती की गयी है ! लेकिन पोस्ट आफिस में जमा नहीं की गयी है ! कर्मचारियों ने पेनल्टी सहित नगद किश्त जमा किया है ! कर्मचारियों से कटौती की गयी किश्त की राशि (जो की लाखों रुपए है) का भुगतान की मांग 3 माह से कर रहें हैं ! तत्सम्बन्ध में मुख्य महाप्रबंधक को कई पात्र लिखकर यूनियन ने भुगतान की मांग किया है ! चूँकि कर्मचारियों के वेतन से कटी गयी राशि है जिसके भुगतान को रोकना केवल लेखा अनुभाग की तानाशाही है ! क्रमश:..................


[08 Sep 2015]    रायपुर चलो , रायपुर चलो , रायपुर चलो 16 सितम्बर को प्रदर्शन के लिए खम्हारडीह चलो .... परिमंडल सचिव

परिमंडल कार्यालय के लेख अनुभाग के मनमानी के विरोध में 16 सितम्बर 2015 को भोजन-अवकाश (01 : 30 बजे ) में नारेबाजी /प्रदर्शन किया जायेगा ! बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन ने मुख्य महाप्रबंधक को नोटिस सौंपकर समय सीमा में 3 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की चेतावनी दी है ! विगत कई माहों से कर्मचारियों के वेतन से पी.एल.आई.और आर.डी. का पैसा कटौती कर पोस्ट ऑफिस को नहीं भेजा गया है ! कर्मचारियों के पैसे को वापस करने के लिए विगत 2 माह से यूनियन पत्राचार कर रहा है ! लगभग 10 माह से कर्मचारियों को टी.ए. बिल का भुगतान नहीं किया गया है ! 2012 से कर्मचारियों के मेडिकल बिल को परिमंडल कार्यालय में लंबित रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है ! समस्याओं के निराकरण के सभी प्रयास विफल होने पर परिमंडल यूनियन ने आंदोलन के लिए विवश हुआ है ! परिमंडल के सभी कर्मचारियों से अपील है की 16 सितम्बर को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने जायज हक़ की लड़ाई को मजबूती प्रदान करें !


[08 Sep 2015]    16 सितम्बर को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय खम्हारडीह में बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन का जंगी प्रदर्शन/नारेबाजी

परिमंडल कार्यालय के लेख अनुभाग के मनमानी के विरोध में 16 सितम्बर 2015 को भोजन-अवकाश (01 : 30 बजे ) में नारेबाजी /प्रदर्शन किया जायेगा ! बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन ने मुख्य महाप्रबंधक को नोटिस सौंपकर समय सीमा में 3 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की चेतावनी दी है ! विगत कई माहों से कर्मचारियों के वेतन से पी.एल.आई.और आर.डी. का पैसा कटौती कर पोस्ट ऑफिस को नहीं भेजा गया है ! कर्मचारियों के पैसे को वापस करने के लिए विगत 2 माह से यूनियन पत्राचार कर रहा है ! लगभग 10 माह से कर्मचारियों को टी.ए. बिल का भुगतान नहीं किया गया है ! 2012 से कर्मचारियों के मेडिकल बिल को परिमंडल कार्यालय में लंबित रखकर प्रताड़ित किया जा रहा है ! समस्याओं के निराकरण के सभी प्रयास विफल होने पर परिमंडल यूनियन ने आंदोलन के लिए विवश हुआ है ! परिमंडल के सभी कर्मचारियों से अपील है की 16 सितम्बर को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने जायज हक़ की लड़ाई को मजबूती प्रदान करें !


[08 Sep 2015]    कर्मचारियों

BSNLEU is continuously taking up two issues connected with the providing of Rs.200/- prepaid SIMs to the Non-Executives of BSNL. (1) Providing of Rs.200/- prepaid SIMs to the Non-Executives posted in the MTNL service areas. (2) To allow Non-Executives of BSNL to call the subscribers of other network also (off net facility). In this matters com. Swapan Chakraborty, Dy.GS and com. M.C. Balakrishna, AGS met Shri Sanjoy Kr. Sinha, GM (Admn.), BSNL C.O. on 07.09.2015 and demanded to implement the same immediately as it is already delayed. The GM (Admn.) informed that the Management Committee has finally approved the proposal to provide Rs.200/- SIM to the Non-Executives of BSNL posted in Delhi from Haryana circle. Regarding off-net facility to Rs.200/- SIM is under active consideration of the Management. The leaders demanded that the issue is required to settle urgently to end the discrimination between the Executives and Non-Executives. The GM (Admn.) assured to look into the matter.


[08 Sep 2015]    कर्मचारियों के विभागीय मोबाईल में (OFF NET )अन्य कंपनी के मोबाईल में बात करने की सुविधा

BSNLEU is continuously taking up two issues connected with the providing of Rs.200/- prepaid SIMs to the Non-Executives of BSNL. (1) Providing of Rs.200/- prepaid SIMs to the Non-Executives posted in the MTNL service areas. (2) To allow Non-Executives of BSNL to call the subscribers of other network also (off net facility). In this matters com. Swapan Chakraborty, Dy.GS and com. M.C. Balakrishna, AGS met Shri Sanjoy Kr. Sinha, GM (Admn.), BSNL C.O. on 07.09.2015 and demanded to implement the same immediately as it is already delayed. The GM (Admn.) informed that the Management Committee has finally approved the proposal to provide Rs.200/- SIM to the Non-Executives of BSNL posted in Delhi from Haryana circle. Regarding off-net facility to Rs.200/- SIM is under active consideration of the Management. The leaders demanded that the issue is required to settle urgently to end the discrimination between the Executives and Non-Executives. The GM (Admn.) assured to look into the matter.


[08 Sep 2015]    ठेका प्रथा , गुलामी प्रथा ......................

ठेकेदारी प्रथा आज मजदूर वर्ग के लिए अभिशाप बन गई है । इस ठेका प्रथा के कारण आज कई करोड़ परिवार केवल जीवन यापन बढ़ी मुश्किल से कर पा रहे है । आज की नौजवानो की पूरी पीढ़ी इसके चपेट मैं है आज कारखानो, सरकारी विभागो, खेत मजदूरो, के अलावा अधिकारी, स्टाफ, टेक्नीकल डिग्री और डिप्लोमा धारी नौजवानो को इस ठेका प्रथा के कारण आधे दामो में काम करने को मजबूर होना पढता है । आज सरकारी और प्राईवेट क्षेत्र में अस्सी प्रतिशत लोग नौजवान है जिनकी उम्र तीस साल से कम है । इसके बाद नौकरी से भगाने के डर से गुलामी करने को मजबूर किया जाता है । यही कारण है कि आज पूरे समाज में गरीबो की संख्या बढ़ रही है । अब इस व्यवस्था का विश्लेषण करते है । इसमें मुख्य शोषण कर्ता कारखाना मालिक यानी जो भी मालिक होता है । सरकारी विभागो में सरकार मालिक होती है । मुख्य फायदा इन्हीं को होता है । ये लोग ठेकेदार को लगाते है उससे कम दामो में श्रमिकों को लेने की बात करते है और उसी मजदूर के श्रम का एक छोटा हिस्सा इस ठेकेदार को देते है । ठेकेदारी में श्रमिकों को दो लोग उसके श्रम का हिस्सा लेते हैं । इसमें उसको डराने धमकाने अधिक काम लेने का काम ठेकेदार का होता है । अब पुरानी जमीदारी प्रथा को देखते हैं जिसमें राजा मुख्य शोषक था जो जमीदारो के माध्यम से किसानों की लूट कराते थे उस लूट में से कुछ हिस्सा जमीदारो को देते थे । उस समय जमीदार राजाओं के ठेकेदार हुआ करते थे । यह एक पुरानी शोषण कारी व्यवस्था थी । पहले कारखाने नहीं थे श्रम की लूट का एक ही माध्यम खेती था। यही व्यवस्था आज नये रुप में है आज राजा की जगह कारखाने मालिक पूँजीपति हैं । जमीदार की जगह ठेकेदार है । किसानों की जगह मजदूर, कर्मचारी है । आज नई गुलामी की व्यवस्था में पढ़े लिखे इंजीनियर से लेकर प्रोफेसनल तक, मैनेजर से लेकर स्टाफ तक सब इस ठेकेदारी में काम कर रहे है जिसको हम आउट सोर्सिंग कहते है । आऊट में जो काम कराने वाली कंपनी है वह कंपनी मालिक है और वह ठेकेदार है, जो उसके लिए काम कर रहा है । आज शोषण करने का तरीका बदल गया है । अमेरिका अपना काम दिल्ली में करवाता है । इसमें भी वही रिस्ता है । आज पूरे देश में पूंजीवादी सरकारे इस ठेका प्रथा को हर जगह करना चाहते है और इसलिए कानून में संशोधन करे बगैर ही उन्होंने ये प्रथा लागू कर दी । शोषण के लिए दो काम अावश्यक है जिसमें एक डर और दूसरा असुरक्षा ये दोनों होने पर आप मेहनत करने वाले व्यक्ति का हर प्रकार का शोषण कर सकते है यही हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर रहे है । डर इस बात का कि हमे कभी भी नौकरी से भगा सकते हैं । डर ये है कि अगर भगा दिया तो काम नहीं मिलेगा फिर बच्चे कैसे पलेगे । यही डर कम पैसे और ज्यादा काम करने को मजबूर करता हैं । इसीलिए ये ठेकेदारी व्यवस्था लाई गई । असुरक्षा ऐसे की, कि अब परमानेन्ट नौकरी नहीं मिलेगी । श्रम कानूनो का पालन नहीं होगा । युनियन का नाम लेते ही नौकरी से बाहर । न्यूनतम वेतन में काम करना होगा वेतन बढ़ाने की बात की नौकरी से बाहर, रोजाना नौकरी से भगाने का डर ही हमारे दिमाग को गुलाम कर देता है । पूंजीवादी सरकारे एक तरफ असुरक्षा और डर पैदा करती है और दूसरी तरफ मंहगाई बढाती है और सामाजिक सुरक्षाऐ काटती है । जिससे हर काम के लिए ज्यादा धन की जरूरत होती है । ज्यादा धन के लिए ज्यादा काम करना होता है इसी मजबूरी में हमारा हर प्रकार का शोषण होता है । एक और सबसे बड़ी समस्या है ये धर्म जो हमें शोषण को सहने के लिए दिमागी रुप से तैयार करता है । जातिवाद हमें बॉटता है । ये हमे कई भागों में बॉटता है और आपस में लडाता है । धर्म हमें कभी जीवन में कोई फायदा नहीं कराता केवल हमें दर्द सहने को कहता है । इसके अन्दर भी डर और लालच का फार्मूला लगाया हुआ है । इसीलिए कहा जाता है कि तुम्हारी किस्मत खराब है, तुम्हारे नसीब में नही लिखा है, नसीब से ज्यादा नहीं मिल सकता, ऐसी कई बातें हमें समझाई जाती है जो सौ फीसदी असत्य है । सच ये है कि यदि ये सरकार परमानेन्ट करने का कानून लागू करा दे तो आज देश में कई करोड़ लोगों का सब कुछ बदल सकता है । आज रुपये के बिना कुछ नहीं हो सकता है रुपया काम करने पर मिलता है इस काम का कितना रुपया मिलेगा यह सरकार तय करती है इसलिए हमारी किस्मत हम खुद बदल सकते है । बस सही जगह निशाना लगाना है ।


[08 Sep 2015]    कांट्रेक्ट वर्कर्स एक्ट 1971 की मूल भावना ......

पूरे देश के खासकर नौजवानो को ये पता होना चाहिए कि ये ठेका अधिनियम क्या है । इसमें क्या लिखा हुआ है । यह कानून 1971 में केंद्र सरकार ने बनाया था उसके बाद देश की राज्य सरकारो ने अपने अपने राज्य मे कानून बनाये । सभी राज्यों में इस कानून की मूल भावना को नहीं बदला गया । इस कानून बनाने का क्या उद्देश था । कारखानो में काम करने वाले सभी कर्मचारी परमानेन्ट हुआ करते थे जो उत्पादन का काम करते थे । उसके अलावा भी कुछ काम और होते थे । जैसे मटेरियल सिप्टिंग, लोडिग अनलोडिंग, पुताई, सिविल कार्य, हाउस कीपिंग, जैसे कुछ काम थे जो काम कभी कभार होते थे । उन कामों को करने वाले मजदूरो को परमानेन्ट नहीं कर सकते थे । तब यह ठेका पे काम होता था । तो फिर सरकार ने इसको कानूनी रुप दिया और ये ठेका अधिनियम 1971 में बनाया । ठेका में कौन कौन से काम होगें उसमें साफ लिखा है इस अधिनियम की धारा में साफ लिखा है कि कोई भी स्थाई प्रवृति का काम ठेका में नहीं कराया जायेगा । स्थाई प्रवृति के काम में स्थाई कामगार लगेंगे । यदि कोई काम ऐसा है कि जो स्थाई कर्मचारी काम करते है वही काम यदि ठेका मजदूरो से कराया जाता है तो उस ठेका मजदूर को वहाँ काम करने वाले परमानेन्ट कर्मचारी के बराबर वेतन सहित सभी सुविधाएं देनी होगी यानि कि परमानेन्ट को मिलने वाला वेतन दिया जायेगा । यह ठेका अधिनियम की धारा में लिखा है । यही समान काम का, समान वेतन देना है । जहाँ 200 श्रमिक से ज्यादा है वहाँ पर मालिक को केन्टीन खोलनी होगी जिसमें सस्ती दरों पर खाने का सामान दिया जायेगा ।


[08 Sep 2015]    देश के युवाओं का शोषण के नए तरीके

बेताहा बेरोजगारी बढ़ रही है नौजवान बच्चों का तरह तरह से शोषण किया जा रहा है आज लाखों की तादात में इंजिनियरिंग किये बच्चे नौकरी की तलाश में घूम रहे है हालात यहाँ तक हो गए कि बच्चों को शिक्षा के आधार पर काम नहीं मिलने के कारण ठेकेदारी में अनपढ़ मजदूर का काम कर रहे हैं बेरोजगारी के कारण डिप्लोमा करने वाले बच्चे जिनको सुपरवाइज़र का काम मिलना था अब उनसे मजदूर का काम कराया जा रहा है इसी समय में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना के बजट में कटौती कर, कमजोर किया जा रहा है नरेगा को धीरे धीरे बंद करने की साजिश चल रही है इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ेगी गॉव में काम न मिलने के कारण बड़ी संख्या में नौजवान बच्चे, शहरों की तरफ पलायन कर रहे है इन नौजवान बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण कारखाना मालिक अब पच्चीस साल तक के बच्चों की भर्ती कर रहे है सबसे पूरा हाल तो निर्माण क्षेत्र का है जहाँ रोजगार बहुत कम हो गया है ठेकेदारी प्रथा आज मजदूर वर्ग के लिए अभिशाप बन गई है इस ठेका प्रथा के कारण आज कई करोड़ परिवार केवल जीवन यापन बढ़ी मुश्किल से कर पा रहे है आज की नौजवानो की पूरी पीढ़ी इस ठेका प्रथा चपेट मैं है टेक्नीकल डिग्री और डिप्लोमा धारी नौजवानो को इस ठेका प्रथा के कारण आधे दामो में काम करने को मजबूर होना पढता है आज सरकारी और प्राईवेट क्षेत्र में अस्सी प्रतिशत लोग नौजवान है जिनकी उम्र तीस साल से कम है नौकरी से भगाने के डर से गुलामी करने को मजबूर किया जाता है ठेका प्रथा शोषण का सबसे बड़ा हथियार बन गया है इससे सभी कर्मचारियों, मजदूरों का वेतन आधा हो गया श्रम कानूनो में परिवर्तन कर दिया गया है जिसमें मालिकों को तरह तरह से शोषण करने के रास्ते खोल दिये गए हैं कई डिप्लोमा, डिग्री वाले बच्चे आज ठेकेदारी में न्यूनतम वेतन पर काम करने को मजबूर है स्थायी प्रवृति के काम में स्थायी कर्मचारी लगाने है मगर पूरे देश में कोई मालिक इस कानून को नहीं मान रहा है 50 से कम है परमानेन्ट मजदूर है तो उस कारखाने श्रम कानून लागू नही होगें जिस कंपनी में 300 परमानेन्ट मजदूर है उसको बंद करने छटनी करने के लिए सरकार से अनुमति की जरूरत नहीं होगी इससे 80 % कारखाने श्रम कानून के दायरे से बाहर हो जाएगे । ट्रेंड युनियन बिल में संशोधन किया जा रहा है कि मजदूर विरोध करने के लिए एकजुट न हो पाए भाजपा शाषित सरकारो ने तुरंत इन परिवर्तन के आधार पर ,अपने राज्यो में श्रमिकों के गुलामी के कानून बना दिए हैं इसके बाद म. प्र. सरकार ने स्वाप्रमाणिकरण योजना के नाम पर एक गुलामी का दस्तावेज़ बना दिया आप स्वयं सब जानकारी भरकर श्रम विभाग में जमा कर दे इसमें कोई जॉच नहीं करेगा । आप जो भरकर देंगे उसी को सही मान लिया जाएगा अब सवाल है कि क्या कोई मालिक खुद अपनी कमियॉ बतायेगा, वह लिखेगा कि मैं ये श्रम कानून नहीं मानता हूं कंपनी मालिक को लिख के देना होगा कि आपकी कंपनी में हम इस तारीख़ को ,इतने बजे से, इस बिषय पर जॉच करने, ये ये अधिकारी आयेंगे श्रम कानून का पालन नहीं करने पर सजा का प्रावधान था अब असमे मामूली जुर्माना लेकर छोड़ दिया जायेगा उसमें यह भी लिखा यह जुर्माना तब भरना होगा जब न्यायालय दोषी ठहरा देता है जॉच के दौरान श्रम कानूनो का उलंघन पाया जाता है तो उस कंपनी पर तुरंत कार्यवाही नहीं की जाएगी उसको पहले समझाइस दी जायेगी पालन करने की सलाह दी जायेगी । उस प्रकरण नहीं बनाया जायेगा । इसमें अधिकतम जुर्माना राशि पचास हजार ह यदि कोई प्रकरण नहीं होता है तो व्याज सहित वापस की जायेगी बड़े संघर्ष के बाद तय हुआ कि अब पेन्शन 1000 रुपये से कम नहीं मिलेगी अभी नरेंद्र मोदी ने इस पर भी रोक लगा दी है .ये लोग सभी से आठ घंटे की जगह 12 घंटे काम कराना चाहते हैं ये ओवर टाइम डबल की जगह सिन्गल करना चाहते हैं ।


[06 Sep 2015]    पूरी नौजवान पीढ़ी गुलामी की ओर , श्रम कानूनो का सफाया...................

यही मजदूर विरोधी संशोधन श्रम कानूनो में अंग्रेज कर रहे थे, तब भगत सिंह ने संसद में बम फोड़ कर रोका था ऩ उस समय इन कानूनो को अंग्रेज और पूँजीपति नहीं बदल पाये थे ऩ आज अंग्रेजो के जगह पर नरेंद्र मोदी और भाजपा है जो सब कुछ खत्म कर दिया ऩ क्रांति कारियो ने पहले देश को बचाया था आज भी इंकलाब ही देश को बचायेगा ऩ बहुत कष्ट होता है जब कोई कर्मचारी, आफिसर, परमानेन्ट कर्मचारी, सरकारी विभागो के कर्मचारी, आफिसर, जिनका वेतन पन्द्रह हजार से ज्यादा है वह जब कहते हैं कि हम मेहनत कश नहीं है, मेहनतकश तो मजदूर है, हम मजदूर थोड़ी न है ऩ कई अच्छे पढे लिखे लोग का आचरण देख ऐसा लगता है कि यह सबसे बड़े योग्य व्यक्ति है बाकी सब मूर्ख है ऩ में इन साथियों को सिर्फ याद दिलाना चाहता हूँ कि इतिहास को पढ ले आप जो आज वेतन पा रहे हो या जिन अधिकारो से हम सब परमानेन्ट है, हमको कोई नौकरी से नहीं निकाल सकता यह सब पाने के लिए कई हमारे पुर्वजो ने अपनी जान देकर इस हक को पाया है, हमारी ये सुविधाए हमारे पूर्वजो की खून से सनी हुई है, पहला गुलामी को तोड़ने के लिए आठ घंटे काम, आठ घंटे आराम और आठ घंटे समाज के लिए जिसमें हजारों मजदूर नेताओ को गोली से मारा गया, तलवारो से काटा गया, न जाने हमारी कितनी माताए विधवा हुई और न जाने कितने बच्चे अनाथ हुए ऩ पूरी दुनिया में भीषण संघर्ष के बाद रुस की क्रांति के बाद पूरी दुनिया में कानून बने जिसमें आठ घंटे काम और परमानेन्ट का अधिकार, यूनियन बनाने का अधिकार मिला, इस समय कई कानूनी अधिकार हमे मिले, ट्रेंड यूनियन बनाने का अधिकार हमे 1926 में मिल गया था जब अंग्रेज राज करते थे ऩ इसके बाद दुनिया में बहुत जगह मजदूर क्रांतियॉ हुई, जिसमें लाखों लोगों ने आपनी जान कुर्वान की ऩ हजारों नेताओ की हत्याऐ कर दी गई ऩ होश में आ जाओ आज हम फिर वही पहुंच गए, उसी गुलामी और जिंल्लत भरी ज़िन्दगी जीने को मजबूर होने की तरफ चले गए हैं ऩ मेरे सवाल उन पढे लिखे और समझदार लोगों से है जो शिक्षित और उच्च शिक्षित है, आज भी बड़ी सेलरी पर काम कर रहे है, जो लोग आज भी परमानेन्ट नौकरी कर रहे है ऩ 01. क्या आज आठ घंटे की नौकरी ,कितने प्रतिशत लोग कर रहे है ऩ क्या सिर्फ आठ घंटे की नौकरी से जो आय मिलती है उसमें आज खुशी से जीवन की सभी जरुरते पूरी हो सकती हैं ऩ 02. क्या आज सभी कारखानो में परमानेन्ट कर्मचारियों की संख्या लगभग केवल पॉच प्रतिशत बची है ऩ क्या ये सच नहीं है ऩ आज 90 % लोगो को केवल इतना वेतन मिल रहा है जिससे वह बड़े मुश्किल से जीवित रह सकते हैं और कुछ नहीं कर सकते हैं ऩ 03. सरकारी विभागो में कितनी नौकरी परमानेन्ट बची है, क्या बहुमत काम ठेका मजदूरों से नहीं कराया जा रहा है , इसके बाद स्कीम वर्कर्स के नाम पर करोडो लोग न्यूनतम वेतन से नीचे काम नहीं कर रहे हैं ऩ 04. सरकारी कंपनियों, रेलवे, सहित सभी सरकारी विभागो में लगभग अस्सी प्रतिशत काम ठेकेदारी, फिक्स टर्म, अप्रेन्टिस, ट्रेनिंग के नाम पर नहीं कराया जा रहा है ऩ 05. क्या देश के अस्सी प्रतिशत मेहनतकश पन्द्रह हजार से नीचे के वेतन में काम नहीं कर रहे है ऩ बहुत सारे सवाल है जिनका जबाब है कि आज हम दोबारा गुलामी में चले गए हैं ऩ सावधान सावधान , गुलामी में धकेलने का कुछ काम कांग्रेस ने कर दिया था बाकी का नरेंद्र मोदी जी की भाजपा सरकार ने कर दिया है ऩ इन्होने हमारे जो पुराने अधिकार जिनको हमारे पूर्वजो के अपनी कुर्बानीयॉ देकर, गोलियां खाकर, तलवारो से सर कटवा कर हासिल किए थे, उनको इस नरेंद्र मोदी और भाजपा ने समात्त कर दिया है, बाकी जो है उनको भी समात्त करने की पूरी हो गयी हैं ऩ लो देख लो आज कहॉ पहुंच गए 01. अब मैनेजर और स्टाफ पर श्रम कानून लागू नही होगे ऩ लगभग सब रोजाना 12 घंटे काम करते है ऩ 02. अप्रेन्टिस, ट्रेनिंग, बदली, फिक्स टर्म सब पर कोई कानून नहीं लगता कुछ कहा तुरंत नौकरी से बाहर ऩ 03. ठेका मजदूर पर कोई कानून नहीं चलता कुछ कहा तुरंत नौकरी से बाहर ऩ जो आज कारखानो में सबसे ज्यादा है ऩ 04. सरकारी विभागो में दैनिक वेतन भोगी, शिक्षा के स्तर पर कई पद है, ठेकेदारी में, कम्पूटर अॉपरेटर इन पर कोई कानून नहीं चलता ऩ 05. सारे स्कीम वर्कर्स जिसमें आगनवाडी, आशा, ऊषा मध्यान्ह भोजन कर्मचारी, ऐसी कई श्रेणी है जो आज वर्कर्स बनने के लिए संघर्ष कर रहे है ऩ इन पर कोई कानून नहीं लगते ऩ यह जो थोड़े बहुत कानून थे वो केवल पॉच प्रतिशत लोगों पर लगते थे ऩ इन सब को माननीय नरेंद्र मोदी जी और भाजपा ने ठिकाने लगा दिए ऩ अब कुछ कहने को नहीं है नई पूरी पीढ़ी को लूटने की तैयारी हो गई है आज हम सब पर ये जिम्मेदारी आ गई है कि सब लोग सभी जो अनपढ़ साथी उनको समझाये पढे लिखे साथी अपनी भूमिका निभाए और लाल झंडा लेकर इंकलाब करने की तैयारी करे ऩ मेहनत कश का अर्थ है कि जो शारीरिक या दिमागी श्रम करके अपना परिवार का पालन पोषण करता है वह मेहनतकश है ऩ हमारे देश में 95% मेहनतकश ही है


[06 Sep 2015]    हड़ताल से राष्ट्रिय नुकसान का ढिंढोरा पीटकर मजदूरों को देशद्रोही बताने से भी परहेज नहीं करने का क्रम पूंजीपतियों के इशारे पर शुरू

2 सितम्बर की आम हड़ताल के मुद्दे भले चर्चा में न आये हों, मगर अब इससे हुए हजारों करोड़ रुपयों के नुक्सान का शोर जरूर जोरशोर से मचाया जाएगा । अनेक उपदेश झाडे जाएंगे ! अनगिनत प्रवचन सुनाए जाएंगे । यह अलग बात है कि इस तरह की चतुराई आजमाने वाले समझदार ऐसा करके खुद को ही धोखा दे रहे होंगे, तूफ़ान आने पर रेत में सर गढ़ा कर खुद को सुरक्षित मान बैठने की शुतुरमुर्गी कोशिश कर रहे होंगे । इसी के साथ देश की विराट बहुमत आबादी के विवेक को भी अपमानित कर रहे होंगे, जिसने शांतिपूर्ण तरीके से सरकार द्वारा अपनाये जारहे रास्ते के प्रति असहमति व्यक्त की है । उन्हें बदलने का दृढ़ आग्रह किया है । यह हड़ताल उदारीकरण के काई भरे रास्ते पर एक के बाद एक आई सरकारों की सरपट फिसलन पर ब्रेक लगाने की, भारतीय श्रम शक्ति की, 16वी कोशिश है । दिलचस्प बात यह है कि, पिछली हड़तालों की तरह इस बार भी, ट्रेडयूनियनो की मांग किसी बुनियादी या गुणात्मक सुधार की नहीं है । वे समाजवाद तो छोड़िये, एक जमाने में अजेंडे पर आयी प्रबंधन में भागीदारी और आवश्यकता पर आधारित न्यूनतम वेतन की मांग को भी नहीं उठा रहीं । नीतियों पर विमर्श से कतराने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि इसका असली कारण,श्रमिक संगठनों की ज़िद नहीं, बल्कि लाखों करोड़ रुपयों का फायदा पहुंचाने वाले वैकल्पिक सुझावों के प्रति शासकों की ढीठ खामोशी है । जब राष्ट्र और उसके आधार को प्रभावित करने वाले प्रश्नो पर खुला और ईमानदार संवाद करने की गुंजाइशें खत्म हो जाती हैं तब ही कशमकश और टकराव के रास्ते खुलते हैं । 24 जुलाई 1991 से देश पर आरोपित की गयी आयातित नीतियो से पसरी 24 वर्ष लंबी अमावस में, विकासशील दुनिया के अपने सहधर्मियों की तरह, भारतीय श्रम आंदोलन भी अपनी बचीखुची रोशनी की हिफाजत की लड़ाई में मुब्तिला है । कुछ नया हासिल करने से ज्यादा उनका जोर अब तक के अनुभवों की समग्र समीक्षा करके उनसे सबक लेने का अधिक है । जीडीपी, संस्थागत विदेशी निवेश और डॉलर अरबपतियों की खरपतवार को हरियाली माने बैठे कारपोरेट अभिभूत शासकों की तंद्रा तोड़कर उनकी दृष्टि में बहुमत अवाम की बढ़ती दुर्दशा को लाने की अधिक है । एक तरह से 2 सितम्बर कामगारों को आर्थिक लाभ दिलाने की कार्यवाही कम, देश के आर्थिक रास्ते पर बहस और संवाद करने की चीत्कार ज्यादा है । 1991 के बाद शब्दों ने ही अपने मायने नहीं खोये है, जनता के मत से चुनी जाने वाली सरकारों के सरोकार भी बदले हैं । वास्तविक और आभासीय यथार्थ में फर्क करने का सलीका खत्म हुआ है । राष्ट्र-राज्य की अवधारणा फीकी पड़ी है । प्रगति के पैमाने सर के बल खड़े कर दिए गये हैं, विकास का नजरिया पूरी तरह बदल गया है । यहां तक कि पूंजीवादी मानदंडों से भी सट्टा बाजार सहित चौतरफा लगे धक्कों और झटकों के बाद भी पुनर्विचार कोई इच्छा दिखाई नहीं दे रही है । किसी भी सभ्य समाज के सबसे अगुआ तबके के रूप में श्रमिक संगठन इस सब पर तार्किक और तथ्यपरक संवाद की मांग उठाते रहे हैं । उनका मानना है कि खम्भों की तरह नजर आती सर्चलाइटों की रोशनी भले कितनी गाढ़ी और चमकीली क्यों न हो उस पर प्रगति के महल खड़े नहीं किये जा सकते । निर्माण वे ही टिकाऊ होते हैं जिन्हें करोड़ों इंसानों की मजबूत ईंटों, बजरी और सीमेंट से गढ़ा गया होता है । दुनिया का इतिहास गवाह है कि नौलखा मुनाफों के आभूषण से ललचा कर सटोरिया बाजार में बुलाई गयी अप्सराओं ने किसी का घर नहीं बसाया । घर लक्ष्मी से बसते हैं, और लक्ष्मी खेत, कारखाने, खदान में बहाये गए पसीने से फलती फूलती है । बाजार के हिसाब से भी देखें तो वह समयसिद्द 44 श्रम कानूनों को सिकोड़ कर 4 संहिताओं में जकड़ देने से नहीं फैलेगा, हर थाली में 4 रोटी और 2 मुट्ठी भात बढ़ा देने से फलेगा फूलेगा । शासक अगर मार्क्स का अनुसरण करने से डरते हैं तो पूंजीवादी शास्त्रीय अर्थशास्त्र के जनक कीन्स का ही कर लें जिसने कहा था कि गड्डा खोदने और बाद में उसे मूँद देने का 100 रूपये का अनुत्पादक रोजगार भी देना पड़े तो दिया जाना चाहिए, क्योंकि इस 100 रूपये से बाजार में 300 रुपये की गतिविधि होती है । मगर इसका ठीक उलटा हो रहा है ।1980 के दशक में कुल मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडीशन) का 30% मजदूरी भुगतान और 35% मुनाफे में जाता था । 2014 में यह अनुपात गड़बड़ाते गड़बड़ाते क्रमशः 10 और 65% हो गया है । जाहिर है कि इसके चलते बाजार संकुचित हुआ है । श्रमिक संगठन इस कैंसरस ग्रोथ के जिम्मेदार अंतर्राष्ट्रीय पूँजी प्रदत्त नुस्खे को बदलने की गुहार कर रहे हैं । वे संविधानेतर इंडिया इंक के नहीं संविधान में वर्णित इंडिया दैट इज भारत के समग्र विकास वाली औषधि सुझा रहे हैं ।


[06 Sep 2015]    छ.ग. कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की बैठक ऑटो एक्सचेंज यूनियन आफिस में संपन्न हुई है ..

बैठक अध्यक्षता का. आर.एल. श्रीवास्तव ने किया है ! महासचिव का. अश्वनी कौशिक ने छ.ग. कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की बैठक ऑटो एक्सचेंज यूनियन आफिस में आयोजित किया था ! रायगढ़ ,अंबिकापुर ,दुर्ग एवं रायपुर के नेतृत्वकारी साथियों ने बैठक में भाग लिया है ! उपमहासचिव का. आर.के. नागरची एवं संगठन सचिव का. ए. एल. साहू ने कांट्रेक्ट यूनियन के नए पंजीयन के बाद आयोजित प्रथम बैठक में सभी को बधाई दिया है ! शीघ्र ही सदस्यों के वाजिब हक़ के लिए लड़ाई लड़े जाने की जानकारी दिया है !


[03 Sep 2015]    2 सितम्बर 2015 को आम हड़ताल - रायगढ़ एसएसए


[03 Sep 2015]    छ.ग. परिमंडल वेस्ट जोन में नंबर - 1 पोजीशन ! अगस्त 15 में 7 . 21 % रेवेन्यू ग्रोथ ! सभी कर्मचारियों को बधाई ....

छ.ग. परिमंडल अगस्त १५ में 7 . 21 प्रतिशत अपनी आय बढाकर वेस्ट जोन में प्रथम रहा है ! इस उपलब्धि के लिए सभी बीएसएनएल परिवार को हार्दिक बधाई ! सभी के सार्थक परिश्रम का यह सुखद परिणाम है ! आने वाले महीनों में और अधिक वृध्दि की सम्भावना है !


[03 Sep 2015]    महा हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी जुझारू साथियों का आभार ......


[31 Aug 2015]    पी.एफ. और ई.एस.आई. पर घातक हमला

पी.एफ. और ई.एस.आई. पर घातक हमला वर्तमान सरकार, ई.पी.एफ. और ई.एस.आई. अधिनियमों के द्वारा मजदूरों को प्राप्त सामाजिक सुरक्षा को भी बक्सने को तैयार नहीं है, वह बाजारी ताकतों के पक्ष में इन दोनों को पूरी तरह समाप्त करने पर उतारु है। कर्मचारी भविश्य निधि संगठन (ई.पी.एफ.ओ.) के साथ कोई भी चर्चा किए बिना ही इस बजट भाषण में वित्तमंत्री ने घोषणा कर डाली कि कर्मचारी भविष्य निधि (ई.पी.एफ.) के 6,000 करोड़ रुपए को आम बुढ़ापा पेंशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है, क्योंकि ई.पी.एफ. धन राशि का इस्तेमाल सिर्फ ई.पी.एफ. अंश धारकों के लाभ के लिए ही किया जा सकता है। उसने यह भी घोषणा की है कि नई पेंशन व्यवस्था के तहत पेंशन फण्ड को सट्टेबाजी के लिए उपयोग करने के वास्ते “शेयर बाजार में लगाया जाएगा। सरकार की मंशा ई.पी.एफ. को वैकल्पिक बनाने की है। इस वर्ष संसद में बजट पेश करने से पहले ही वित्तमंत्री ने, सेन्ट्रल बोर्ड आॅफ ट्रस्टीज में कर्मचारियों के समूह के सामूहिक विरोध को नजरअन्दाज करते हुए, ई.पी.एफ. की जमा राशि के न्यूनतम् 5% से 15% तक को “शेयर यर बाजार में लगाए जाना अधिसूचित कर दिया। अब सरकार ने, ई.पी.एफ. योजना को नई पेंशन योजना के पक्ष में वैकल्पिक बनाने के लिए, ई.पी.एफ. अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया है। जबकि सभी श्रम संघों ने इस प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया है, मजदूरों की जीवन भर की बचत को लूट लेने के मकसद के लिए, मालिकों के समूह ने पूरी तरह से सरकार का समर्थन किया है। इसी प्रकार सरकार ने ई.एस.आई. को चिकित्सा बीमा के पक्ष में वैकल्पिक बनाने की मंशा के साथ ई.एस.आई. अधिनियम में संशोधन करने की साजिश बनायी है। सिर्फ मालिकान के हितों के मद्देनजर सरकार कुछ अति महत्वपूर्ण तथ्यों को नजर अन्दाज कर रही है कि ई.एस.आई. बीमित कर्मचारी एवं उसके आश्रितों को वाह्य चिकित्सा सहित सिर्फ सम्पूर्ण चिकित्सा हितलाभ ही मुहैया नहीं कराता बल्कि कुछ अन्य लाभ भी मुहैया कराता है, जैसे कि बीमारी के कारण तंगी, अस्थायी या स्थायी अपंगता, के समय नगद लाभ और बीमित महिला को प्रसूति हितलाभ आदि भी मुहैया कराता है। किसी औद्योगिक दुर्घटना, रोजगार से जुड़ी चोट या पेशेवर संकट के कारण बीमित कामगार की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को ई.एस.आई. प्रतिमाह पेंशन भी मुहैया कराता है। जबकि चिकित्सा बीमा द्वारा, बीमित व्यक्ति को बीमा राशि की सीमा के अन्दर ही सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने पर ही चिकित्सा लाभ मुहैया कराया जाता है, परन्तु ई.एस.आई. मामूली से अंशदान पर ही बीमित व्यक्ति और उसके सभी आश्रितों को रोजमर्रा के इलाज सहित सभी चिकित्सा लाभ मुहैया कराता है। इस धृश्टतापूर्ण सोच के पीछे का असली मकसद, नवउदारवादी नीतियों के लागू के बाद, बीमा क्षेत्र देशी-विदेशी निजी कम्पनियों के लिए खोलने पर कुकुरमुत्ते की तरह उग आयी निजी बीमा कम्पनियों को अधिकाधिक व्यापार मुहैया कराना ही है। यह बीमा कानून को संशोधित करने का ही परिणाम है। अर्थात् एक कुकर्म के लिए एक और कुकर्म, जो लाखों मजदूरों से अत्यन्त महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा छीन लेना ही है।

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[31 Aug 2015]    श्रम सुधार खरबपतियों का पक्षधर दस्तावेज

प्रस्तावित कानून खरबपतियों की हिमायत का दस्तावेज - मोटर वाहन अधिनियम 1939 50 साल तक भारत भर में लागू रहा जिसमें संसद द्वारा संशोधन कर मोटर वाहन अधिनियम-1988 लाया गया जो 1 जुलाई 1989 से प्रभाव में आया। अब केंद्र्र सरकार मौजूदा मोटर वाहन अधिनियम- 1988 को परिवर्तित कर सड़क परिवहन और सुरक्षा विधेयक 2015 लाना चाहती है जिसका नया मसौदा 21 फरवरी 2015 को प्रकाशित किया गया है। इस कानून का उद्देश्य सड़क परिवहन को केंद्र सरकार के अपने नियंत्रण में लेकर इसका पूर्ण निजीकरण कर इसे कारपोरेट घरानों को सौंपने का है। इससे इस क्षेत्र के लाखों मजदूरों को रोजगार खोना पड़ेगा। कानून के प्रावधान व उससे पडऩे वाले प्रभाव निम्रानुसार है:- (1) विधेयक के मसौदे में राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरण बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। यात्री मांग का आकलन और योजनाएं तैयार कर यह प्राधिकरण योजनाओं की घोषणा करेंगे। प्रत्येक योजना में यात्री वाहनों के संचालन के लिए खुली निविदाएं बुलाई जाएंगी। राज्य परिवहन निगम व निजी स्वामित्व के परिवहन दोनों निविदाओं में भाग लेंगे। सबसे अधिक बोली लगाने वालों को मार्ग मिल जाएंगे और सार्वजनिक क्षेत्र के राज्य परिवहन का पूरी तरह से सफ ाया हो जाएगा। जनता को मिलने वाली रियायतों का अंत हो जाएगा। लाखों की संख्या में कार्यरत निजी बस ऑपरेटर भी मैदान से बाहर जायेंगे और पूरे क्षेत्र पर विकसित देशों की तरह कारपोरेट कंपनियों का एकाधिकार हो जाएगा। वर्तमान में ऑटो, टैक्सी समेत निजी क्षेत्र का ट्रांसपोर्ट उद्योग लाखों लोगों के लिए रोजगार प्रदान कर रहा है। उनमें से कई स्व रोजगार योजनाओं के तहत काम कर रहे हैं जो इस कानून के कारण रोजगार से बाहर हो जाएंगे। (2) विधेयक के मसौदे में नए प्राधिकरणों की स्थापना करना शामिल है। परिवहन विभाग को राष्ट्रीय प्राधिकरण के रूप में एक कार्पोरेट निकाय बनाया जा रहा है। इसके नियंत्रण में निम्नलिखित प्राधिकरणों का गठन किया जायेगा। द्द राष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण द्द राज्य सुरक्षा प्राधिकरण द्द राज्य प्राधिकरण द्द राज्य परिवहन प्राधिकरण द्द एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण (3) अब तक परमिट के नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और मोटर वाहनों के पंजीकरण का काम राज्य सरकार के परिवहन विभाग द्वारा किया जाता था जो अब ऊपर उल्लेख किये गए कारपोरेट निकायों द्वारा ही किया जाएगा। इसके अलावा भारत में सड़क सुरक्षा के नियमन और निगरानी के लिए भी प्राधिकरण स्वतंत्र होंगे। (4) अकेले वाहनों का निर्माण ही नहीं बल्कि स्पेयर पाट्र्स के निर्माण को भी राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित एजेंसियों से एक प्रकार का अनुमोदन लेना होगा। इसके तहत- द्द ट्रेलरों के निर्माण पर राज्य सरकार के वर्तमान अधिकार को समाप्त किया गया है। द्द स्पेयर पाट्र्स की गुणवत्ता को केवल भारत में उपयोग के लिए नियंत्रित किया जाएगा। निर्यात के लिए निर्मित स्पेयर पाट्र्स को किसी अनुमोदन की जरूरत नहीं है। निर्यात कारोबार वाली कम्पनियां निर्यात के नाम पर किसी भी गुणवत्ता नियंत्रण के बिना स्पेयर पाट्र्स निर्माण कर सकती हैं। द्द स्पेयर पाट्र्स निर्माण के क्षेत्र में लघु उद्योग का भविष्य खतरे में है और फि टिंग की गुणवत्ता सवालों के घेरे में रहेगी। (5) टोल ऑपरेटर नियमों को लागू करने का अधिकार दिया जा रहा। इसके तहत :- द्द टोल ऑपरेटरों को नियमों और विनियमों पर अमल करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। द्द टोल ऑपरेटर वस्तुओं और व्यक्तियों की ओवरलोडिंग पर कार्रवाई कर सकते हैं। द्द हेलमेट पहनने के मामलों में राज्य सरकार की छूट की शक्ति समाप्त होगी। द्द आँखों में उनींदापन पता करने के लिए निरीक्षण उपकरण लाया जाएगा। (6) सामान्य यातायात कानूनों के उल्लंघन पर कड़ी सजायें :- ड्रायविंग लायसेंस व आर.सी.पर दंड अंक प्रथा लागू की गयी है। केन्द्र सरकार इसकी सीमा तय करेगी। द्द वाहन निर्माण में गड़बड़ी के लिये 5 लाख रुपये का प्रति वाहन का जुर्माना। द्द मोटर व्हीकल को वापस बुलाने से इंकार करने पर 3 माह का कारावास या वाहन की सम्पूर्ण कीमत का जुर्माना या दोनों ही। द्द बिना मालिक की सहमति के ड्राईविंग पर 6 माह का कारावास या 2,500 रुपये का जुर्माना या दोनों ही। द्द अयोग्य लाईसेन्स से ड्राईविंग पर 3 माह का कारावास या 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों ही। द्द बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन का उपयोग करने पर 1,500 से 50,000 रुपये तक के जुर्माने के साथ वाहन की कुर्की। द्द दूसरा लाईसेंस रखने के प्रयासों पर एक माह का कारावास, 1000 रुपये जुर्माना या दोनों ही। द्द बिना परमिट के वाहन चलाने पर 1,500 से 25,000 रुपये तक जुर्माना तथा वाहन की जप्ती। द्द बिना बीमा का वाहन चलाने पर 2,000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना। द्द चलाने से इंकार करने पर 10,000 से 25,000 रुपये का जुर्माना। द्द आदेशों की अवहेलना पर 5,000 रुपये का जुर्माना। द्द कानून लागू कराने वाले प्राधिकारी द्वारा कोई अपराध किये जाने पर दुगुना जुर्माना। (7) ''राजमार्ग यातायात विनियमन और संरक्षण बलÓÓ नामक एक नया बल नियामक का गठन किया जायेगा। यह बल पुलिस की तरह एक सशस्त्र सेवा जैसा होगा। यह बल न केवल अधिनियम और नियमों को लागू करवाएगा बल्कि अभियोजन शक्ति के साथ सड़क दुर्घटनाओं का भी निरीक्षण करेगा। (8) दंड प्रावधानों में ''सामुदायिक सेवाÓÓ को जोड़ा गया है। यह निम्न प्रकार प्रभावित करेगी:- द्द गति सीमा उल्लंघन अपराधी की तस्वीरें उनके स्वयं के खर्च पर कम से कम तीन समाचार पत्रों (एक अंग्रेजी और दो क्षेत्रीय भाषाओं में) में प्रकाशित किया जाना है। द्द टोल ऑपरेटर के आदेशों की अवहेलना अपराध है। द्द वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र में दंड भी दर्ज किया जाएगा। द्द अगर ओव्हर लोडिंग वाहन टोल नाके से निकल गया तो टोल ऑपरेटर उसके लिए जिम्मेदार होगा। द्द ड्राइवर के अपराध पर उसके ड्राइविंग लाइसेंस पर जुर्माना अंक दर्ज किया जाएगा। जुर्माना अंक की वैधता 3 वर्ष की है। द्द 12 जुर्माना अंक पर एक साल का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। द्द 24 जुर्माना अंक पर पहुँचने पर पांच साल के लाइसेंस रद्द किया जाएगा। द्द लरनिंग लाईसेंस धारकों के लिए 4 जुर्माना अंक पर पहुँचने पर लरनिंग लाईसेंस रद्द किया जाएगा। (9) विधेयक के मसौदे में 6 और 12 यात्रियों को ले जाने वाले छोटे वाहनों के लिए क्रमश: 125 किलोमीटर से कम और 125 किलोमीटर से ऊपर संचालन के लिए स्टेज कैरिज के लिए परमिट दिये जाने का प्रावधान है। इससे राज्य परिवहन निगम और निजी बस खतरे में पड़ जाएगी और यात्रियों का जीवन प्रभावित होगा। (10) राष्ट्रीय प्राधिकरण, राष्ट्रीय परिवहन प्राधिकरण के तरह स्वतंत्र कॉर्पोरेट निकायों के गठन के बाद मोटर वाहनों को नियंत्रित करने और विनियमित करने के लिए नियम बनाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे। केन्द्र और राज्य सरकारें कोई भी नीतिगत निर्णय सीधे लागू नहीं कर सकती और जो भी कदम उन्हें उठाने होंगे उसके लिए उन्हें इन स्वायत्त निकायों की मंजूरी लेना होगी। इसका अर्थ है समूचे ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर कारपोरेट शक्तियों का पूरा नियंत्रण। (11) राज्य सरकारें मोटर वाहनों पर कर लगाने के अधिकार से वंचित हो जाएगी। राष्ट्रीय प्राधिकरण सभी शुल्क, जुर्माना, शुल्क समझौता, मोटरवाहन कर आदि इलेक्ट्रॉनिक मोड द्वारा एक एकल खिड़की प्रणाली के जरिए एकत्रित करेगी और पूरे देश में एकत्र राजस्व में से केवल एक छोटी राशि को ही राज्यों के लिए विभाजित करेगी। ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में राज्य सरकारों के पास मोटरवाहन टैक्स राज्यों के खजाने के लिए प्रमुख राजस्व स्रोत है जिसे अब कॉर्पोरेट निकायों के फैसलों पर छोड़ दिया जाएगा। इसके चलते वाहन मालिक भी समय-समय पर कर की दरों में मनमाने ढंग से बढ़ोत्तरी का सामना करेंगे। (12) भारत के संविधान के संघीय ढ़ांचे में केन्द्र व राज्य के अधिकारों की स्पष्ट व्याख्या है ऐसे में सड़क परिवहन को संपूर्णता में केन्द्र के नियंत्रण में लेना संवैधानिक रूप से वैध नहीं है। क्योंकि:- (अ) ''मोटर यान के नियंत्रण और विनियमनÓÓ का विषय, भारत के संविधान की समवर्ती सूची के भाग 3 में बिन्दु 35 में शामिल है। (ब) समवर्ती सूची या भाग 3 केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों के विषयक भारत के संविधान के भाग ग्यारह में दी गई 52 मदों की एक सूची है (हालांकि सूची के अंतिम आइटम का क्रमांक 47 है) यह भाग विधायी और प्रशासनिक शक्तियों के बीच विभाजित है। हमारे संविधान की उपरोक्त व्यवस्था विधायी अनुभाग तीन सूचियों-केंद्र सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में विभाजित है जो संयुक्त राज्य अमेरिका, स्विट्जरलैंड या ऑस्ट्रेलिया की संघीय सरकारों से अलग है। लेकिन प्रस्तावित कानून इन देशों की नकल कर हमारे संविधान की व्यवस्था पर ही आघात का प्रयास है। (स) समवर्ती व्यवस्थाओं में एकरूपता वांछनीय है लेकिन समवर्ती सूची में शामिल मुद्दों के लिए यह अनिवार्य नहीं है। यही कारण है कि सड़क परिवहन के विषय के अमल हेतु राज्य सरकारों को प्राधिकृत कर उनके परिवहन अधिकारियों को परमिट, फि टनेस प्रमाण पत्र जारी करने, यातायात के नियमों और कर की वसूली के अनुदान के संबंध में नियम बनाने एवं मोटर वाहन विभाग की स्थापना और गठन करने का अधिकार दिया गया है। उपरोक्त विश्लेषण से स्पष्ट है कि ट्रांसपोर्ट उद्योग को खरबपतियों के हवाले करने के लिये मोदी सरकार भारत के संविधान की मूल अवधारणा को ही नकार रही है।


[31 Aug 2015]    एकजुट होकर लड़ना होगा

योजनाकर्मियों को एकजुट होकर लडऩा ही होगा - इस पृष्ठभूमि में सीटू ने पहल की और सभी केन्द्रीय टेड यूनियनों की मदद से योजना कर्मियों के मुद्दों को भारतीय श्रम सम्मेलन के एजेंडे में शमिल कराने में सफलता हासिल की। 'योजना कर्मियोंÓ का मुद्दा मई 2013 में हुए 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की चर्चा का पहला मुद्दा था। 45 वें भारतीय श्रम सम्मेलन ने लगभग सर्वसम्मति से कुछ महत्वपूर्ण सिफारिशेें की थीं, जो निम्रानुसार हैं : * सभी योजना कर्मियों को जिन्हें 'सामाजिक कार्यकर्ताÓ, 'स्वंयसेवकÓ, 'कार्यकर्ताÓ, 'मित्रÓ, 'अतिथिÓ आदि विभिन्न नाम दिये गये हैं उन्हें 'मजदूरÓ माना जाना चाहिये। * उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जाना चाहिये। * उन्हें सामाजिक सुरक्षा लाभ दिये जाने चाहियें। * इन योजनाओं का निजीकरण नहीं होना चाहिये। इसके बावजूद, न तो पूर्ववर्ती कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने और न ही मौजूदा भाजपानीत सरकार ने इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कोई कदम उठाया। यहाँ तक कि 45वें श्रम सम्मेलन में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि ने यह ठोस आश्वासन दिया था कि सरकार 2015 में चरणबद्ध रूप से मिड-डे-मील कर्मियों के पारिश्रमिक को 3000 रुपये महीना तक बढ़ा देगी, लेकिन उसे भी लागू नहीं किया है। चुनावों से पूर्व, भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में 'आंगनवाड़ी कर्मियों के काम के हालात की समीक्षा करने और उनके पारिश्रमिक बढ़ाने का वादा किया थाÓ। लेकिन, सत्ता में आ जाने के बाद भाजपा ने न सिर्फ इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है बल्कि उसकी सरकार ने तो बजट में भी भारी कटौती कर दी है। भाजपा के नेतृत्व वाला मौजूदा निजाम इतना नीचे गिर गया है कि उसने 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन में पेश किये जाने के लिए तैयार कार्रवाई रिपोर्ट में 45वें श्रम सम्मेलन की उपरोक्त सिफारिशों को ही खारिज कर दिया। यह सामने आया है कि महिला व बाल विकास, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालयों व मानव संसाधन विकास मंत्रालय के स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने यह कहकर इन सिफारिशों को मानने में असमर्थता जतायी है कि यह सभी 'योजनाकर्मीÓ तो 'पार्ट टाइमÓ अवैतनिक कर्मी हैं। 45 वें भारतीय श्रम सम्मेलन के तीनों 'भागीदारोंÓ नियोक्ताओं के संगठनों, मजदूर संगठनों व केन्द्र व राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की सर्वसम्मत सिफारिशों को खारिज करना भी सरकार के अहंकार को ही दर्शाता है। इसे कोई और क्या कह सकता है जब उन कर्मियों को , जो हर दिन 6-8 घंटे से ज्यादा काम करने के लिए बाध्य हैं, जिनमें से कुछ को कार्य के समय के बाद भी काम करना पड़ता है, 'अंशकालिक कर्मीÓ कहा जावे। उनके कार्य के सामने किसने अवैतनिक कार्य नत्थी किया है? क्या कर्मी इसके लिए जिम्मेदार हैं? क्या इन 'सामाजिकÓ अवैतनिक आदि वैसे सर्वनामों को हटाना और उन्हें बस मजदूर कहना, उनसे वैसा व्यवहार करना और उन्हें मानदेय के बजाय वेतन देना सरकार के बूते से बाहर की बात है? उसे ऐसा करने से कौन रोक रहा है? उत्तर स्पष्ट है कि सरकारें ऐसा कर सकती हैं। लेकिन वर्तमान व इसकी पूर्ववर्ती सरकारों के पास ऐसा करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। तब ये क्यों इसका सीधा उत्तर नहीं देतीं? इसीलिए, कि इन सरकारों का नेतृत्व कर रही पार्टियों को मालूम है कि वे बिना इन 'योजना कर्मियोंÓ और योजनाओं के लाभान्विता के वोटों के न तो सत्ता में आ सकती हैं न ही उसे बनाये रख सकती हैं। इसलिये वे अपने असली मतलब को बताने के हमें भ्रमित करती रहती है। किसी भी तरह से गरीबों के वोट लेना और सत्ता पाने के बाद अमीरों के लिए काम करना यही उनका मंत्र है। कब तक इसे चलने दिया जा सकता है? इन योजनाओं के आवंटन मेंं कमी का सीधा अर्थ है इन सेवाओं में कटौती। इसका मतलब है देश में बच्चों व महिलाओं के पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य के दर्जे में सुधार लाने के लिए पहले जो भी प्रगति की गई उसे धक्का पहुँचाना और इसके साथ ही इन योजनाओं के कर्मियों की आजीविका पर तलवार लटका देना। वायदे और वायदाखिलाफी का खेल इन कई सारी योजनाओं के कर्मी, मजदूर के रूप में मान्यता, न्यूनतम वेतन, पेंशन और काम के बेहतर हालातों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर और बहुत से राज्यों में भी संघर्ष कर रहे हैं। इनमें से कई संघर्ष ऐतिहासिक व अनुकरणीय रहे हैं। हजारों की तादाद में आंगनवाड़ी कर्मियों ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विशाल प्रर्दशन किये हैं। लाखों ने देशव्यापी हड़तालों में, विभिन्न राज्यों में गिरफ्तारियां देने में और अपनी मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री को सौपें गये ज्ञापन पर हितग्राहियों समेत करोड़ों लोगों के हस्ताक्षर इकटठा करने में भाग लिया है। मध्याह्न भोजन कर्मियों और आशाओं ने भी अपने हालातों में सुधार की मांग करते हुए दिल्ली में कई प्रर्दशन और धरने किये है। देशभर में हुए अलग-अलग आंदोलनों व संघर्षों में हजारों मिड-डे-मील कर्मियों ने भागीदारी की है। उनके प्रतिनिधियों ने कई बार संबंधित मंत्रियों से मुलाकात की है। लेकिन, वही पुराने आश्वासनों की तोता रटन्त के अलावा सरकार ने कुछ भी ठोस नहीं किया। सरकार, सरकारी स्कूलों की पूरी तरह उपेक्षा करते हुए निजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है। कुछ राज्यों में सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की संख्या कम हो रही है, और इस कारण मिड-डे-मील कर्मियों को सेवा से हटाया जा रहा है। हजारों आशाओं ने एक निर्धारित पारिश्रमिक की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजधानी और देश भर में प्रर्दशन किये । लेकिन इस घोषणा को कि आशाओं को प्रतिमाह एक तय राशि का भुगतान किया जायेगा, अधिकतर राज्यों में आज तक पूरा नहीं किया गया है। सरकारी विभागोंं में कार्यरत 'योजना कर्मियोंÓ की कहानी भी कुछ अलग नहीं है। ये तमाम योजना कर्मी हमारे भविष्य के मानव संसाधन -देश के बच्चों के निर्माण में और उन्हें जन्म देने वाली माँओं के लिए भारी योगदान करती रही हैं। वे, उनके विकास के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक सेवाओं- पूरक पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवायें, वोकेशनल टे्रनिंग आदि को प्रदान करती रही हैं। आंगनवाड़ी कर्मियों , मिड-डे-मील कर्मियों, आशाओं, एन सी एल पी विशेष स्कूलों के शिक्षक व गैर शिक्षक स्टॉफ के अनथक कार्य ने कुपोषण, नवजात मृत्यु दर व मातृ मुत्यु दर, को कम करने में और बाल श्रमिकों के नियमित स्कूलों में दाखिले व मुख्य धारा में उनकी पढ़ाई आदि में भारी मदद की है।

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[31 Aug 2015]    केंद्र सरकार के विधायी विभाग व्दारा जारी मसौदे पर हमारा विरोध क्यों ?

केन्द्र सरकार के विधायी विभाग द्वारा प्रकाशित मसौदे पर हमारा विरोध क्यों ? 04 जून 2015 को राज्य सरकारों को टिप्पणी और सुझावों के लिये भेजे गये विधेयक का कार्य मसौदा मिठाई में लिपटा जहर है। यह देश की अर्थव्यवस्था के मुख्य क्षेत्र में शामिल सड़क परिवहन क्षेत्र को पूर्णत: कार्पाेरेटों को सौंप कर इसमें कार्यरत करोड़ों लोगों के रोजगार को छीनने का प्रयास है। इस प्रकाशित मसौदे के कुछ घातक बिन्दु निम्रानुसार है :- बसों में कोई कंडक्टर नहीं मोटर वाहन अधिनियम 1988 में दिए गए शब्द ''कंडक्टरÓÓ और ''कंडक्टर लाइसेंसÓÓ को मौजूदा इस विधेयक में हटा दिया गया है। स्टेज कैरेज के लिए कंडक्टर के लाइसेंस से संबंधित वर्तमान मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तृतीय अध्याय को ही हटा दिया गया है। चूंकि प्रस्तावित विधेयक में कंडक्टर लाइसेंस को जारी या नवीनीकृत करने का कोई प्रावधान नहीं है । इसलिये स्पष्ट है कि आने वाले समय में सरकारी और निजी बसों दोनों के 30 लाख कंडक्टरों को नौकरी से बाहर फेंक दिया जाएगा। कंडक्टर लाइसेंस के जारी/नवीनीकरण के मुद्दे से संबंधित अध्याय अगर बहाल नहीं किया जाता है तो देश में तीव्र बेरोजगारी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। राज्य परिवहन निगमों का अस्तित्व समाप्त मोटर वाहन अधिनियम के अध्याय ङ्कढ्ढ के अनुसार राज्य परिवहन उपक्रमों को दी सुरक्षा पूरी तरह से नये बिल में नष्ट कर दिया गया है। राज्य परिवहन निगमों की भूमिका पूरी तरह से मिटा दी गयी है। आम आदमी, विशेष रूप से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सस्ती परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य परिवहन निगमों की क्षमता खतरे में होगी। अब राज्य सरकारें यातायात सम्बन्धी योजनाओं को तैयार नहीं कर सकती। राज्यों की राष्ट्रीयकरण की नीति व राज्यों के बीच पारस्परिक समझौते के रास्ते से इंटर-स्टेट परमिट जारी करने का अधिकार समाप्त हो जावेगा। अस्थायी परमिट, विशेष परमिट और विशेष अवसरों पर राज्य परिवहन उपक्रमों द्वारा सेवाओं के अतिरिक्त संचालन के लिए कोई प्रावधान नहीं होगा। इंटर स्टेट करार को बचाने के लिए इसमें कोई प्रावधान नहीं है। छात्रों, मूक और बधिर, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, स्वतंत्रता सेनानियों पूर्व विधायक आदि के लिए कोई मुक्त या रियायत यात्रा का कोई प्रावधान नहीं है।


[31 Aug 2015]    हमारी मेहनत और उनकी वाहवाही

हमारी मेहनत और उनकी वाहवाही- संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) ने हाल ही में विश्व में खाद्य असुरक्षा की दशा शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट कहती है कि भारत में अभी भी 19.4 करोड़ कुपोषित लोग है जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारत, कई वर्षो तक अपनी प्रभावी आर्थिक वृद्धि के बावजूद सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों को और विश्व खाद्य शिखर बैठक के लक्ष्यों को पाने में असफल रहा है। एफ एओ का अध्ययन बताता है कि ऊंची आर्थिक वृद्धि दर को पूरी तरह ऊंचे खाद्य उपभोग में नहीं बदला जा सका क्योंकि, वृद्धि समावेशी नहीं रही। खाद्य पदार्थों और ऊर्जा के ऊंचे दाम, बढ़ती बेरोजेगारी और अर्धबेरोजेगारी, साफ-सफाई की कमी, बीमारी, पीने के पानी तक सीमित लोगों की पहुँच वे कुछ कारण हैं जिन्होंने पोषण की कमी में योगदान दिया है। समेकित बाल विकास योजना, राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन ऐसे कार्यक्रम हैं जो विशेष तौर पर इन मुद्दों को संबोधित करते हैं। आई सी डी एस, एम डी एम कार्यक्रमों व एन एच एम का कई सरकारी और स्वतंन्त्र एजेंसियों द्वारा मूल्यांकन किया गया है। ऐसा साबित हुआ है कि ये बच्चों व महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य व साक्षरता में सुधार लाने में सफल रही है। आंगनवाड़ी केंन्द्रो की मौजूदगी वाले इलाको में कम वजन क बच्चे पैदा होने, अत्यधिक कुपोषण, नवजात मृत्यु दर, स्कूल छोड़ देने की दर के मामलों में कमी देखी गयी है और प्रतिरोधी टीकारण के दायरे, स्कूल में नामांकन आदि में सुधार आया है। मिड-डे-मील कार्यक्रम से स्कूल छोड़ देने की दर में कमी देखी गई है। और स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है। बच्चों के बीच ज्यादा बराबरी और जातिगत व अन्य सामाजिक पक्षपातों को कम करने में मदद मिली है। एन एच एम ने बच्चों के अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों मे पैदा होने की बढ़ती संख्या के चलते मातृ मृत्यु दर घटाने में योगदान दिया है। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं को हितग्राहियों द्वारा सराहा जाता है और राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर सरकारें इसका श्रेय ले रही हैं। यानि कि हमारी मेहनत और उनकी वाहवाही।

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[27 Aug 2015]    बीएसएनएल कर्मचारियों को अतिरिक्त कदम उठाकर उपभोक्ताओं को जोड़ना होगा

It was reported in press yesterday that BSNL had lost about 2 crore connections, including landlines and broadband connections during the last one year. The report also stated that BSNL service is not able to compete with the private services. If it is a fact, it is a sad commentary on BSNL and its services. BSNL and its workers have to give a very serious thought to it. This is a wake up a call. What is to be done now? We can not allow such surrender of connections to take place weakening BSNL. Then, what is the remedy? What action is to be taken. Number One. We have to find out immediately what is the reason for these large number of surrenders. It can be found out from the ‘horse’s mouth’ itself. Let the workers in each exchange/SSA approach each and every customer who has surrendered the connection and ask him what is the ‘mistake’ of BSNL or what is the reason for the disconnection. We will, thus, get a real picture for this exodus. Some disconnection may not be due to the lack of service, but to some other reasons also. Number Two. Convince the subscriber that BSNL is ready sort out the issue so that surrender and migration is unnecessary. Tell the subscriber that he/she is our valuable customer and he/she should continue with us. Number Third. Immediate action to be taken to see that the complaint of the subscriber is attended to and settled. No charge should be collected for the period of non-service (fault) and for re- connection. The presence of an officer of higher responsibility is necessary at this stage. There is no doubt that at least a minimum 25% of the subscribers, who left us will certainly return to BSNL. They have been subscribers of BSNL for a long period and they will cherish to continue with the same, if good service is available. The moot question is this? Whether the Management and the workers are prepared to meet the subscriber and sort out the issues, or simply sit and watch the decline. It will be suicidal. An energetic, subscriber-focused mindset is required followed with swift action. Are we ready for the same? We have to take up the challenge. We have to bring BSNL to its past glory! Let us start immediately! No time to spare or waste. Immediate action will save many connections. Share this: FacebookTwitterPrintEmail


[27 Aug 2015]    केजुअल लेबरों के ग्रेजुएटी जमा का रिपोर्ट कार्पोरेट ऑफिस ने सभी सीजीएमों से माँगा है

BSNLCCWF and BSNLEU have been putting pressure on the management for implementation of gratuity for casual labour. It is now approved by the BSNL Management Committee. But before placing the same to the BSNL Board, the financial implications are to be found out and for this purpose all the CGMs have been asked to inform the necessary details. Since some of the circles are yet to submit the details, the Corporate Office has reminded on 19-08-2015 the circles to furnish the information. The order is placed in the BSNLCCWF website. Circle Secretaries of BSNLEU and BSNLCCWF are requested to check with the concerned CGMs whether the details have been furnished to the C.O. or not. In case, it is not so far submitted, ensure that it is done without any further delay. THIS IS TO BE TREATED AS MOST URGENT.


[27 Aug 2015]    बीएसएनएल का मोबाईल कनेक्शन ग्रोथ 85 % जून और जुलाई माह में बढ़ा है

It is good news for BSNL! There is growth in SIM sales! According to reports received, BSNL has increased its SIM card sales by 85% within the two months June and July 2015. The total sales in May was 8,67,086, which increased to 11,76,143 in June and to 16,10,061 in July 2015. While the maximum % of increase is in Kolkata ( 793%) and UP West ( 431.95%). Maximum number of SIMs sold in July are in UP(East) ( 1,91,660) and A.P.(1,50,478). The increase is naturally due to the new schemes and cheap rates. In addition, the “Save BSNL Campaign” started by the Forum had its own effect. Hearty Congratulations to all the Comrades who made this growth! We have to continue and increase our efforts for the revival of BSNL.


[27 Aug 2015]    वर्ड फेडरेशन आफ ट्रेड यूनियंस ( WFTU ) ने २ सितम्बर के हड़ताल को समर्थन दिया है

WFTU Supports General strike on 2nd September 2015 in India The World Federation of Trade Unions (WFTU) That Represents more than 92 million workers all over the world expresses strong STI Solidarity with our class brothers and sisters of India, Who prepared a National General Strike for September 2nd. During the last years India has met great financial rise. It is a member of BRICS, you’ve nuclear arsenal and space program. But This financial boom is not a benefit for MOST of the one billion people of India. Skyscrapers are built next to the slums. Gathered Extreme wealth is next to starving people. Become richer while the rich, the wretched are the victims Once More. The growth of the capitalist economy is always based on the escalation of the exploitation of the working class. That India Today and Its bourgeois political forces take pride on the economic and military strength of the Indian Nation; the vast majority of the people live the contradiction of pauperization. These conditions in the struggle and the Demands of the Trade Union Movement of India is just. The WFTU affiliates in India Have Been preparing esta strike for months, showing the determination and the will of the class forces to Mobilize the great force of the working people. The success of the National General Strike in India, on September 2nd will be a success for the working class of the world. Especially This Year, STI When the WFTU celebrates 70th Anniversary Year, we would like to highlight the historic contribution of the class trade union movement of India to the World Federation STI since foundation. That it is a fact without the Struggles and the contribution of the trade union movement of India, the international trade union movement class would not be the same. The WFTU expresses ITS internationalist support and solidarity to the struggle of its Indian brothers and calls all trade union Organizations of WFTU to stand in Solidarity with the National Strike of the Indian working class. Long Live International Solidarity! Long Live the class trade union movement of India! All success to the National General Strike of September 2nd! THE SECRETARIAT WFTU


[27 Aug 2015]    डाक विभाग और बीएसएनएल का अनुबंध होगा ! पेमेंट बैंक सर्विस शुरू करने में डाक विभाग को बीएसएनएल का सहयोग

It is understood that Department of Posts is going to have agreement with government telecom company Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) to use its platform to roll out payment bank services, which is proposed to start by March 2016. This will be beneficial for both to Department of Posts and BSNL, which were both part of one single Department, P and T, till 1985.


[27 Aug 2015]    7 वां वेतन आयोग रिपोर्ट के लिए 4 माह समय वृध्दि दिसंबर में रिपोर्ट देगा

Central Cabinet gives four months extension to the Seventh Pay Commission. The Central Cabinet, in it's meeting held yesterday, has given a four months extension to the 7th Central Pay Commission. Earlier the Chairman of the 7th CPC has stated that the report of the Commission would be submitted by the end of August, 2015. Now, it's time has been extended upto 31st December, 2015.


[25 Aug 2015]    33 नेशनल काउन्सिल बैठक के लिए अतिरिक्त विषय सूची

Additional items to the 33rd meeting of the National Council. BSNLEU has already submitted it’s items for being taken up in the forthcoming 33rd meeting of the National Council. Today, BSNLEU has given the following additional items to be discussed in the next National Council meeting.

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[25 Aug 2015]    ज्वाइंट एक्शन कमिटी ने सेवा सुधारने के लिए प्रस्ताव दिए ! ब्रॉड बैंड रखरखाव एवं कनेक्शन में आउट सोर्सिंग मंजूर नहीं !

Joint Action Committee writes to the CMD BSNL, suggesting alternative proposals to improve the quality of broadband service. BSNLEU has taken a strong position to oppose the decision of the Management Committee to outsource the provisioning and maintenance of wiredline broadband. Together with other Unions and Associations of JAC, the issue was discussed twice with the Management. In these meetings, the Management Side was not able to establish that the outsourcing was necessary to improve the quality of service in the wiredline broadband segment. In continuation of these discussions, the JAC has given alternative proposals to the CMD BSNL for the improvement of broadband service.

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[25 Aug 2015]    बीएसएनएल समाचार

Indian telecom market expected to grow at 10.3% in 2015-20. The number of telephone customers in India has already reached the 100 crore mark. But the growth does not seem to slow down. Market research reports say that it is expected to grow at 10.3% during 2015-20 period. This is the forecast of 'Market Research Reports Incorporation'. India is one of the fastest growing markets in the world. It is also the second largest telecom network in the world. [02.06.2015]DoT panel submits report on net neutrality. The telecom department panel on net neutrality has submitted its report to the communications & IT minister Ravi Shankar Prasad. The report, which has been prepared by a six-member committee appointed in January, will be a key component for the government's policy on net neutrality, a concept which guarantees free and non-discriminatory access to the Web. While the contents of the report weren't yet known, it had reported earlier that the committee was veering towards a view that any definition of net neutrality must maintain the core principles, which is not to allow blocking, prioritization and throttling of content providers on a network. [01.06.2015]BSNLEU demands that payment of GPF advance to BSNL employees should not be taken over by the DoT. BSNLEU has written to Ms.Annie Moreas, the Member (Finance ), Telecom Commission, that the payment of GPF advance to the BSNL employees should not be taken over by the DoT, but it should continued to be done by the BSNL. This is because, the availability of staff in DoT Cells is very small. As a result, even at present the final settlement of GPF payment to the retirees is being delayed by more than a month. We have pointed out that if the DoT promptly refunds the GPF advance amount to BSNL, this problem will be solved.<<>>www.bsnleuchq.com [01.06.2015]MTNL's loss Rs.595.11 crore in the quarter ended with 31st March. MTNL is reported to have run into a loss of Rs.595.11 crore in the quarter ended with 31st March 2015. However, income from operations of the Company has increased during this period. MTNL has earned Rs.876.42 crore from operations during this period, whereas, the amount stood at only Rs.841.73 crore for the same period during last year. On the overall, MTNL's net loss during 2014-15 comes to Rs.2893.39 crore. The Company earned a net profit of Rs.7825.13 crore during the previous year [30.05.2015]BSNL to Invest Rs. 7000 Crore. BSNL has announced that they will invest Rs. 7000 crore to set up 3G and 4G Wi-Fi spots across every nook and corner in the country. While speaking at the TeleAnalysis event in New Delhi, chairman and MD of BSNL Anupam Shrivatava said, “Wi-Fi is an obvious choice for BSNL going forward but it alone cannot be successful. It has to be integrated with 3G, 4G network so that customer can be seamlessly transferred to Wi-Fi. In two to three years, we will be investing Rs.7,000 crore to set up integrated Wi-Fi across the country.”


[24 Aug 2015]    बीएसएनएल ने जुलाई माह में 16 लाख नए मोबाईल कनेक्शन बांटकर नंबर - 1 आपरेटर बना है

सभी निजी ऑपरेटरों को पीछे छोड़ते हुए बीएसएनएल ने १६ लाख नए मोबाईल उपभोक्ताओं को जुलाई माह में जोड़कर ऐतिहासिक वृध्दि कर सभी निजी ऑपरेटरों की नींद ख़राब कर दी है ! बीएसएनएल के कर्मचारी एवं अधिकारीयों ने फोरम के माध्यम से बेहतर प्लान बनाकर नए तरीके से काम करना शुरू कर दिया है ! सभी एसएसए में आवश्यक स्टोर की आपूर्ति कर टावर को नेटवर्क को सुधारा गया है ! आने वाले समय में बीएसएनएल और अधिक उपभोक्ताओं का विश्वास अर्जित करने में सफल होगा ! BSNL gave highest number of mobile connections in the month of July. It is a great news that BSNL has given the highest number of mobile connections in the month of July 2015. BSNL has given 16 lakh mobile connections in July, while Airtel has given 11.90 lakh connections and Idea has given 10.25 lakh connections. It must be noted that BSNL gave only 8.6,lakh connections in the month of May, and this increased to 11 lakh in June. Due to the phase 7 mobile network expansion, there is a general improvement in BSNL's quality of service. Together with this, the 'Roaming Free' scheme, introduced by BSNL recently, has put the Company in a strong position, in it's competition with the private operators. In the MNP front also, more number of customers of private companies have migrated to BSNL in the month of July, than the number of BSNL customers migrated to private companies. This is a healthy trend and we, the employees, have to put in our best efforts to maintain this trend.


[24 Aug 2015]    बीएसएनएल कनेक्शन बढ़ाने के लिए परिमंडल एवं जिला फोरम कर्मचारियों को प्रोत्साहित करें

Forum at the Circle and SSA levels should motivate employees in increasing BSNL's customers. Forum at the Circle and SSA levels have to play a vital role in motivating the employees to substantially increase BSNL's customer base rapidly. The Franchisee Managers and Retail Managers have got to be motivated, so that they regularly visit franchisee premises, as well as retailer outlets, and to ensure that sufficient BSNL products are available in the retailer outlets. As per the call of the Forum at the National level, maximum number of 'Melas' and 'Road shows' should be organised, to increase our sales, by popularising the 'Night Free Call' and 'Free Roaming' schemes. In the landline segment, no application for new phone connection should be rejected due to 'Non-Feasibility'. Immediate efforts should be taken to lay cables to the upcoming 'colonies' and 'nagars'. Similarly, all out efforts should be taken to attend cable faults, within the shortest possible time. In the review meetings being held with the Forum, the CMD and Director(CFA) assure that they will make available whatever stores and materials needed at the field level. Hence, any shortage of materials should immediately be brought to the notice of the National Forum


[20 Aug 2015]    33 वीं नेशनल कौंसिल की बैठक अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना

BSNLEU urged the Management to hold the 33rd National Council at the earliest. While discussing with the Director (HR), yesterday, the 19.08.2015, Com. Swapan Chakraborty urged the Director (HR), who is also the chairman of the National Council, to hold the 33rd meeting of the National Council at the earliest. The Director (HR) replied that the meeting will be held in the 1st week of October, 2015.


[20 Aug 2015]    एक्जीक्यूटिव एसोसिएशन से 2 सितम्बर की आम हड़ताल में शामिल होने का बीएसएनएलईयू यूनियन का आह्वान

BSNLEU has appealed to the Executive Associations to join the 2nd September General Strike. BSNLEU has made appeal to all the Executive Associations to join the strike. BSNLEU has already discussed with the leaders of the Executives Associations, about the significance of joining the 2nd September General Strike. Once again, com.P.Abhimanyu, GS, BSNLEU, has sent appeal to the leaders of the Executives Associations to join the strike. The GS, BSNLEU, has stated in his message that it will be very difficult to safeguard BSNL alone when the entire Public Sector of the country is under attack from the government, and that all should join the 2nd September General Strike in order to protect BSNL.


[20 Aug 2015]    2 सितम्बर के महा हड़ताल का वर्कर्स से उत्साहजनक प्रतिसाद

Enthusiastic response from workers to join the 2nd September General Strike. Leaders of BSNLEU are touring various circles and are addressing mass meetings, to organise the 2nd September General Strike. The response from workers in all the circles is very encouraging. In the backdrop of the decision of the Central Cabinet to form a Subsidiary Tower Company, the ordinary workers feel that the General Strike should become successful in BSNL, so that the Company can be saved from the attacks of the government. Hence, CHQ calls upon the circle, District secretaries and office bearers at all levels to swing into action immediately. Time available is very less. Approach each and every Non-Executive and Executive and convince them to join the General Strike and make it a grand success in BSNL.


[19 Aug 2015]    2 सितम्बर 2015 को आम हड़ताल

= श्रम कानून संशोधनों के खिलाफ ! = केंद्रीय /राज्य सार्वजानिक उपक्रमों में विनिवेश के खिलाफ ! = स्थाई काम में ठेकेदारी प्रथा के खिलाफ ! = श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ ! = रेलवे , बीमा और प्रतिरक्षा में एफडीआई के खिलाफ ! = बेरोजगारी के खिलाफ ! = हड़ताल के अधिकार को ख़त्म करने के खिलाफ ! देश के तमाम मेहनतकशों का सरकार के साथ आरपार की लड़ाई है ! सभी वर्कर्स क्लास 2 सितम्बर को अपनी ताकत से देश की नीतियों में बदलाव के लिए सरकार को मजबूर करने अवश्य सफल होगा !

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[18 Aug 2015]    Meeting with GM (Estt.).

Com. Swapan Chakraborty, Dy.GS met Ms. Madhu Arora, GM (Estt.) yesterday, the 17th August, 2015. (1) Non-implementation of the decision of the National Council – Allowing one more chance to Draughtsman to appear JTO (C) exam and insist for early implementation of the National Council decision since it is already delayed. The GM (Estt.) assured to take prompt action in the matter. (2) Issuing of Presidential Orders to the TSMs who were promoted as Telecom Mechanic. The Dy.GS pointed out that this is also discussed in the National Council and the Management has assured to take up the issue with the DoT. The GM (Estt.) informed that the Management has asked report from the circles but so far circles have so far not submitted the report. She requested the union to see that the circles are sending report at the earliest.


[18 Aug 2015]    PLI Committee meeting to be held on 31.08.2015.

बीएसएनएल कर्मचारियों को बोनस के लिए नए फार्मूला तय करने के लिए 31 अगस्त को मेनेजमेंट के sath बैठक निश्चित हुआ है ! आशा की जा रही है की नए नियम के तहत कर्मचारियों को बोनस प्राप्त होगा ! कर्मचारियों को bonus नहीं मिलने से बहुत ज्यादा निराशा है ! केंद्रीय नेतृत्व भी इस बात से भली भांति परिचित है !


[17 Aug 2015]    बीएसएनएल के पुनरुध्दार के लिए संचार मंत्री को पोस्ट कार्ड भेजो अभियान को सफल करें

Massive post card campaign, demanding revival of BSNL. 2.25 lakh post cards to be sent to the Hon’ble Minister of Communications and IT. In the Forum meeting held on 26.06.2015, it has been decided to conduct a massive “post card campaign” in the month of August. It is also decided that this campaign is to be conducted from 10th to 22nd August, 2015. The decision of the Forum is that one post card should go from each of the 2.25 lakh BSNL employees, to the Hon’ble Minister of Communications, demanding immediate steps for the revival of BSNL. The text of the post card shall be as follows:- “Hon’ble Minister of Communications & IT is requested to immediately settle the demands submitted by the Forum, for the revival of BSNL.” The post card should be signed by the individual employee, with his name, designation and the name of the SSA. If the task of sending the post cards is left to the individual employees, everyone may not send the post card. Hence, it is decided that the Forum at the circle and SSA levels should undertake the responsibility of purchasing the post cards in bulk, get the matter written on the post cards, obtain the signatures of the employees, and finally post the post cards. Let us arrange to send one post card from each of the 2.25 lakh BSNL employees. Let us make the Minister and the government to understand the determination of the BSNL employees to revive BSNL.


[15 Aug 2015]    बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन सभी कर्मचारियों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक बधाई देता है ...

परिमंडल सचिव और परिमंडल कार्यकारिणी की ओर से छत्तीसगढ़ बीएसएनएल परिवार को 15 अगस्त की हार्दिक शुभकामनाए प्रेषित करता है ! बीएसएनएल सेवा देश सेवा है ! सभी परिमंडल के कर्मचारियों के सहयोग से उपभोक्ताओं की सेवा कर अपने परिमंडल को सर्वाधिक आय अर्जित करने वाला परिमंडल बनाने की दिशा में बीएसएनएलईयू यूनियन सतत प्रत्यनशील रहेगा ! राष्ट्रीय भावना के साथ ही बीएसएनएल की भावना से जिम्मेदारी निभाने की अपील सभी अधिकारीयों/कर्मचारियों से संगठन करता है ! जय हिन्द ! जय भारत ! जय छत्तीसगढ़ !


[15 Aug 2015]    रायपुर में स्वाधीनता दिवस का शानदार आयोजन

15 अगस्त के उपलक्ष में महाप्रबंधक कार्यालय फाफाडीह रायपुर में शानदार कार्यक्रम संपन्न हुआ है ! जिला सचिव का. आर.के. नागरची ने सभी कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना सन्देश प्रेषित किया है ! कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला कर्मचारियों ने उल्लहास के साथ भाग लिया है !


[15 Aug 2015]    कामरेड प्रकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नए परिमंडल सचिव चुने गए हैं ! बधाई !

एम . पी . का परिमंडल अधिवेशन 8 - 9 अगस्त को भोपाल में संपन्न हुआ है ! महासचिव का. पी.अभिमन्यू एवं का. जगदीश अधिवेशन में शामिल हुए हैं ! शानदार रूप से भोपाल अधिवेशन संपन्न हुआ है ! श्री जी . सी. पाण्डेय मुख्य महाप्रबंधक एवं अन्य अधिकारीयों ने कार्यक्रम में शामिल हुए हैं ! सर्वसम्मति से कामरेड प्रकाश शर्मा को परिमंडल सचिव बनाया गया है ! का. प्रकाश के नेतृत्व में सर्किल में संगठन एक नयी ऊंचाइयों को छुएगा ! छ. ग. परिमंडल कामरेड प्रकाश शर्मा को हार्दिक बधाई प्रेषित करता है !


[15 Aug 2015]    31 अगस्त को फोरम की आगामी बैठक में टावर कंपनी बनाने के विरोध में आंदोलन का निर्णय होगा

Next meeting of the Forum will discuss the future struggle programme against the Subsidiary Tower Company. A brief meeting of the Forum took place after yesterday's discussion with the CMD BSNL. All the leaders who participated in the meeting expressed their grave concern about the decision of the Cabinet to form a Subsidiary Tower Company(STC). Similarly, all the leaders agreed that in the beginning itself the government will definitely induct a private company as a 'Strategic Partner' in the proposed STC. In that case the strategic partner will also have share in the management right from the beginning. As a result the decisions of the new STC will not be in the interest of BSNL from the beginning itself. This will further affect the financial viability of BSNL. Hence, it is decided by all the leaders that at any cost we should not allow the government to form the STC. Similarly, all agreed that struggle is the only option to stop the formation of the STC. It is decided by all that next meeting of the Forum will be held on 31-08-2015 to finalise our struggle programme to stop the STC.


[15 Aug 2015]    बीएसएनएल में VRS नहीं होगा , सीएमडी का फोरम नेताओं को जवाब

No VRS in BSNL Responding to the concern expressed by the Forum, about the implementation of VRS in BSNL, both the CMD BSNL and the Director ( HR ) emphatically told the Forum leaders in yesterday's meeting that, BSNL Management has no proposal to introduce any VRS. This is mainly because, the government is not prepared to give any money to BSNL, for implementing VRS, they said.


[15 Aug 2015]    Meeting between the Forum and CMD BSNL.

Meeting between the Forum and CMD BSNL. A meeting between the Forum leaders and the CMD BSNL was held yesterday, to discuss the developmental issues. Together with the CMD BSNL, Ms.Sujatha Ray, Director (HR) and other senior officers were available. From the Forum, General Secretary/ representative of BSNLEU, NFTE, SNEA, AIBSNLEA, BTEU, SEWA BSNL, AIGETOA, SNATTA, BSNL MS, TEPU, AIBSNLOA, BTU and BSNL OA participated in the meeting. At the outset of the meeting, com.P.Abhimanyu, Convener, Forum, drew the attention of the CMD BSNL to the following issues:- 1) The entire BSNL employees are severely opposed to the formation of a Subsidiary Tower Company and the forum will launch struggle against it. 2) News has appeared in the media that, the government is considering implementation of VRS in BSNL. Employees will not allow any VRS in BSNL. 3) The decision of the Management Committee to outsource the provisioning and maintenance of wired line broadband services in some circles is not acceptable and it would be opposed. 4) CMD BSNL has already assured to hold a meeting with the Forum, on the HR plan. But the same has not been conducted so far. Thereafter, the CMD BSNL told that the introduction of the 'Night Free Call' and the 'Free roaming' schemes have brought very good results. As a result of these, for the first time BSNL has become positive in MNP and the surrendering of landlines has considerably reduced, he said. The CMD BSNL further stated that BSNL would soon implement intra - circle roaming arrangement with major private operators which would solve BSNL's mobile network problems. He requested the cooperation of all the unions and associations to bring in more and more mobile and landline customers, so that BSNL will become profitable quickly.


[14 Aug 2015]    2 सितम्बर 2015 की हड़ताल का नोटिस सीएमडी को दिया गया है

आम हड़ताल 2 सितम्बर को

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[08 Aug 2015]    छ . ग, परिमंडल यूनियन का 3 री कार्यककरिणी बैठक 7 अगस्त २०१५ अंबिकापुर ( सरगुजा ) में संपन्न हुआ है

छ . ग, परिमंडल यूनियन का 3 री कार्यककरिणी बैठक 7 अगस्त २०१५ अंबिकापुर ( सरगुजा ) में संपन्न हुआ है ! कार्यकारिणी बैठक में सीएचक्यू के प्रतिनिधि का. स्वपन चक्रवर्ती उप-महासचिव नईदिल्ली उपस्थित रहे हैं ! कांटेक्ट वर्कर छ. ग. परिमंडल का कार्यकरिणी बैठक अंबिकापुर में उअसि संपन्न हुआ है ! परिमंडल के सभी जिलों से काफी संख्या में ठेका मजदूर बैठक में भाग लिए हैं ! महासचिव का. अश्वनी कौशिक ने सभी मजदूरों को एक होने का आह्वान किया है ! वर्तमान परिस्थिति में एक जोरदार लड़ाई की आवश्यकता है , जिसे हम संगठन को मजबूत करके ही जीत हासिल कर सकते हैं ! उपमहासचिव का. स्वपन चक्रवर्ती ने 2 सितम्बर की हड़ताल को बीएसएनएल में सफल बनाना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है ! आज बीएसएनएल एम्प्लाइज यूनियन वर्कर क्लास के हक़ की लड़ाई में प्रथम पंक्ति में है ! लड़ाई में सफलता के लिए सभी संगठनो को एक साथ मिलकर लड़ने की आवश्कयता है ! फोरम के बैनर तले हम सभी यूनियनों /एसोसिएशनों को बीएसएनएल में एक करने सफल हुए हैं !


[25 Jul 2015]     Make Grand success Gereral Strike on 2 September in BSNL

Efforts are on to organise a joint campaign for the 2nd September General Strike. Serious efforts are being taken to organise a joint campaign programme, at the National level, to make the 2nd September General Strike a success in BSNL. An all Union / Association meeting is being held at New Delhi on 27.07.2015. Convener, Forum of Unions and Associations has issued the notification for the meeting.<>


[06 Jul 2015]    अब बीएसएनएल में फायदे ही फायदे।

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[01 Jul 2015]    फोरम के तत्त्वाधान में बीएसएनएल के कर्मचारIयों अधिकारियों का रैली |

बीएसएनएल के रात्रिकालीन फ्री कालिंग सुविधा एवं रोमिंग फ्री प्लान के प्रचार प्रसार के लिए दुर्ग जिला फोरम के तत्वाधान में रैली निकला गया है ! महाप्रबंधक कार्यालय से कर्मचारियों / अधिकारीयों की रैली सदरबाजार , मोती काम्प्लेक्स , इंदिरा मार्केट से होकर पुराना बस स्टैंड होते हुए दूरसंचार कार्यालय में समाप्त हुआ है ! अच्छी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया है !

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[10 Jun 2015]    नए पद नाम पर सहमति सीनियर टीओए के लिए सुपरिंटेंडेंट पर सहमति

Settlement of new designations issue. The Union representatives pointed out that out of the four major non-executive cadres, new designations are finalised in respect of 3 cadres, viz., TTA, TM and RM and that only the new designation of Sr. TOA cadre is not settled. They demanded that, the designation of ‘Superintendent’ should be considered for the Sr. TOAs.


[10 Jun 2015]    नए पद नाम पर सहमति सीनियर टीओए के लिए सुपरिंटेंडेंट पर सहमति

Settlement of new designations issue. The Union representatives pointed out that out of the four major non-executive cadres, new designations are finalised in respect of 3 cadres, viz., TTA, TM and RM and that only the new designation of Sr. TOA cadre is not settled. They demanded that, the designation of ‘Superintendent’ should be considered for the Sr. TOAs.


[06 Jun 2015]     बीएसएनएल का गेम चेंजर तुरुप का पत्ता के साथ निजी आपरेटरों को एक और चुनौती

बीएसएनएल ने रात्रिकालीन फ्री कल सुविधा के बाद 15 जून से रोमिंग चार्ज फ्री सुविधा का एलान करके निजी आप्रेटरों को कड़ी प्रतिस्पर्धा की चुनौती दी है ! बीएसएनएल ने जनता को फायदे पहुँचाने के लिए बेहतरीन प्लान लांज किया है ! अब बीएसएनएल के कर्मचारी एवं अधिकारीयों की जिम्मेदारी है की उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा देने के लिए सभी उपाय करें ! बीएसएनएल की मुख्य समस्या उपभोक्ताओं की सेवा में त्वरित सुधर है ! आज भी अधिकांश उपभोक्ताओं को बीएसएनएल के नेटवर्क की समस्या , लेंड लाइन के फाल्ट ठीक होने में अधिक विलम्ब है ! संसाधनो की कमी भी उपभोक्ता सेवा के त्वरित सुधार में कारण है ! karaporet aafis को भी loklubhavan प्लान के साथ साथ samsadhanon की कमी को dur किया jana aavashyak है !


[02 Jun 2015]    DoT panel submits report on net neutrality

DoT panel submits report on net neutrality. The telecom department panel on net neutrality has submitted its report to the communications & IT minister Ravi Shankar Prasad. The report, which has been prepared by a six-member committee appointed in January, will be a key component for the government's policy on net neutrality, a concept which guarantees free and non-discriminatory access to the Web. While the contents of the report weren't yet known, it had reported earlier that the committee was veering towards a view that any definition of net neutrality must maintain the core principles, which is not to allow blocking, prioritization and throttling of content providers on a network.


[02 Jun 2015]    शिमला सिटी को एक सप्ताह के लिए मुनिस्पल कार्पोरेशन ने फ्री वाई -फाई किया गया है

शिमला मुनिस्पल कार्पोरेशन ने पुरे शहर को एक सप्ताह के लिए वाई फाई फ्री सुविधा प्रदान किया है ! शिमला में सोमवार से अंतराष्ट्रीय समर फेस्टिवल प्रारम्भ हुआ है ! सभी जनता एवं पर्यटकों को 1 एमबीपीएस स्पीड का इंटरनेट 2 घंटे प्रतिदिन फ्री मिलेगा !


[02 Jun 2015]    बीएसएनएल 15 जून से फ्री रोमिंग सुविधा प्रदान करने का एलान किया

पुरे देश में 15 जून से रोमिंग चार्ज समाप्त करने की घोषणा संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज किया है ! मोबाईल सेवा में निजी आप्रेटरों को कड़ी चुनौती देने के लिए बीएसएनएल पूरी तयारी कर रही है ! दो दिवसीय हड़ताल के बाद सरकार ने बीएसएनएल के हित में कुछ कदम उठाये हैं ! जल्द ही चरणबध्द तरीके से नेटवर्क की समस्या को सुधारा जायेगा ! आज भी सब से काम दर पर संचार सुविधा केवल बीएसएनएल जनता को प्रदान कर रहा है !


[02 Jun 2015]    स्व.रामचंद खाण्डे कांट्रेक्ट लेबर को श्रध्दांजलि देने बिलासपुर बीएसएनएल में शोक सभा हुआ

आज महाप्रबंधक कार्यालय बिलासपुर में अच्छी संख्या में कांटेक्ट लेबर और बीएसएनएल कर्मचारियों ने कांटेक्ट लेबर रामचंद खाण्डे के दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए शोक सभा संपन्न हुआ है ! कल उनके गृहग्राम अकलतरा में अंतिम संस्कार किया गया है ! काफी संख्या कर्मचारियों ने उनके अंतिम यात्रा में सरीक हुए हैं ! कामरेड अजय मेंढेकर संरक्षक एवं अश्वनी कौशिक महासचिव कांटेक्ट लेबर यूनियन ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रध्दांजलि दिया है !


[01 Jun 2015]    तीन पेज का नया इनकम टैक्स फार्म जारी किया गया है

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने 3 पेज का नया इनकम टैक्स रिटर्न फार्म जारी किया है ! आयकर रिटर्न भरने की तारीख बढाकर 31 अगस्त किया गया है !


[30 May 2015]    बीएसएनएल 3 जी / 4 जी के लिए रु. 7000/- करोड़ खर्च कर पुरे देश में तेज नेट कनेक्शन देगा

BSNL has announced that they will invest Rs. 7000 crore to set up 3G and 4G Wi-Fi spots across every nook and corner in the country. While speaking at the TeleAnalysis event in New Delhi, chairman and MD of BSNL Anupam Shrivatava said, “Wi-Fi is an obvious choice for BSNL going forward but it alone cannot be successful. It has to be integrated with 3G, 4G network so that customer can be seamlessly transferred to Wi-Fi. In two to three years, we will be investing Rs.7,000 crore to set up integrated Wi-Fi across the country.”


[29 May 2015]    बीएसएनएल 4 जी सर्विस शुरू करने के लिए रशियन टेलीकॉम कम्पनी सिस्टेमा से बातचीत प्रारम्भ


[29 May 2015]    रात्रिकालीन 9 बजे से सुबह 7 बजे तक बीएसएनएल लैंड लाइन से फ्री कालिंग सुविधा की जानकारी के लिए दुर्ग में प्रेस कांफ्रेंस हुआ है

बीएसएनएल लैंड लाइन ग्राहकों को रात्रिकालीन फ्री सुविधा 1 मई से दी जा रही है ! उपभोक्ताओं के बीच सुविधा का लाभ उठाने एवं नए ग्राहकों को जोड़ने के उद्देश्य से आज श्री ए. के. उपाध्याय सीनियर जीएम ने दुर्ग कांफ्रेंस हाल में पत्रकार वार्ता लिया है ! अखिल भारतीय फोरम आफ बीएसएनएल एक्जीक्यूटिव / नान-एक्जीक्यूटिव ने सीएमडी श्री अनुपम श्रीवास्तव को पत्र लिखकर प्रचार - प्रसार की कमी के कारण बीएसएनएल को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है ! सीएमडी ने सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर समुचित प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया है !

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[29 May 2015]    8 जून से ७ जुलाई 15 एक माह का उपभोक्ताओं तक प्रचार -प्रसार करने का अखिल भारतीय फोरम आफ बीएसएनएल एक्जीक्यूटिव / नान-एक्जीक्यूटिव का फैसला

बीएसएनएल लैंड लाइन ग्राहकों को रात्रिकालीन फ्री सुविधा 1 मई से दी जा रही है ! उपभोक्ताओं के बीच सुविधा का लाभ उठाने एवं नए ग्राहकों को जोड़ने के उद्देश्य को लोकप्रिय बनाने के लिए 8 जून से 7 जुलाई तक एक माह विशेष अभियान आयोजित करने के लिए अखिल भारतीय फोरम आफ बीएसएनएल एक्जीक्यूटिव / नान-एक्जीक्यूटिव ने सीएमडी श्री अनुपम श्रीवास्तव को पत्र सौपा है ! प्रचार - प्रसार के आभाव में जनउपयोगी सुविधा का लाभ बीएसएनएल को नहीं मिल रहा है ! इस दौरान योजना के लिए सामानों की कमी को दूर किया जाना आवश्यक है ! फोरम के नेताओं का स्पष्ट मानना है की प्रबंधन एवं यूनियनों के सामूहिक प्रयास के बिना योजना का लाभ नहीं लिया जा सकता है ! बीएसएनएल के सभी कर्मचारी आर्थिक स्थिति को सुधरने में अपना पूरा सहयोग देने को तैयार है ! प्रबंधन एक योजनाबध्द तरीके से सभी यूनियनों को साथ लेकर बीएसएनएल के विकास के कार्यक्रम को पूरा किया जाना चाहिए !


[28 May 2015]    सर्विस टैक्स 12 % से 14 % आदेश 1 जून 2015 से लागु

मोदी सरकार ने देश के सभी के लिए सर्विस टैक्स 14 % प्रतिशत की दर से जमा करने का अधिसूचना जारी किया है ! बीएसएनएल के उपभोक्ताओं पर 2 % अधिक भर बढ़ेगा ! इसका असर दूरसंचार के सभी प्रदाता को होने का अनुमान है !


[28 May 2015]    सुचना के अधिकार जानकारी में बीएसएनएल व्दारा टैक्स भुगतान की जानकारी उपलब्ध की गयी है ..

सन 2010 -2011 से 2013 - 2014 तक कार्पोरेट टैक्स 1524 . 38 करोड़ , सर्विस टैक्स रु. 10538 .43 करोड़ एक्साइज ड्यूटी रु. 21 .29 करोड़ , पेंशन रु. 19687 .95 करोड़ का भुगतान किया गया है ! कामरेड अमित कुमार गुप्ता कोलकत्ता ने सुचना के अधिकार के अंतर्गत यह जानकारी मांगी है !


[27 May 2015]    Central Trade Unions give call for General Strike on 2nd September, 2015.

Central Trade Unions give call for General Strike on 2nd September, 2015. A National Convention of workers was held at New Delhi, today the 26.05.2015. The convention is organised by all the 11 central trade unions as well as independent federations of workers / employees. Com. P. Abhimanyu, General Secretary, com. Balbir Singh, President and com. Swapan Chakraborty, Dy.GS participated in the convention. After detailed deliberations the convention has called upon the working class of the country to go on a General Strike on 2nd September, 2015, against the retrograde anti-worker and pro-corporate policies of the Narendra Modi government. BSNLEU heartily welcomes the decision.


[26 May 2015]    PF पर TDS कटौती के खिलाफ ट्रेड यूनियन

नई दिल्ली- ट्रेड यूनियनों ने समय से पहले पीएफ निकासी पर टीडीएस कटौती के सरकार के फैसले का विरोध करते हुये आज कहा कि वे श्रम मंत्रालय से कहेंगे कि इस बारे में ईपीएफओ के आदेश पर रोक लगाई जाए। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इस बारे में गुरुवार एक आदेश जारी किया। इसके अनुसार वह एक जून से उन पीएफ निकासी की स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) करेगा जिनमें जुटाई गई राशि 30,000 रुपये से अधिक होगी और कर्मचारी ने पांच साल से कम समय तक काम किया हो। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के सचिव डी एच सचदेव ने कहा, 'हम पीएफ निकासी पर टीडीएस कटौती के सरकार के कदम का विरोध करेंगे। हम इस आशय की अधिसूचना को स्थगित रखने के लिए श्रम मंत्रालय को पत्र लिखेंगे।' ईपीएफओ के एक अन्य ट्रस्टी तथा हिंद मजदूर सभा के सचिव ए डी नागपाल ने कहा, 'हमने पहले भी इस कदम का विरोध किया था। यहां तक कि ईपीएफओ ने 2,00,000 रपये से कम संग्रह राशि वाले मामलों में छूट का प्रस्ताव किया था। पीएफ निकासी पर कर नहीं लगना चाहिए।' मौजूदा व्यवस्था के तहत पीएफ निकासी को उस समय कर योग्य आय माना जाता है जबकि अंशधारक की संचयी सेवा अवधि पांच साल से कम होती है। वहीं एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अब तक अनेक क्षेत्रीय प्रमुख उन पीएफ निकासी पर कर कटौती नहीं कर रहे थे जहां सेवा अवधि पांच साल से कम थी। इसके बाद इन मामलों में ईपीएफओ को अनेक फील्ड कार्यालयों में कर मांग के नोटिस मिले। अधिसूचना में 30,000 रुपये की सीमा निम्न आय वर्ग (सीमांत) को कुछ राहत देने के लिए रखी गई है।' अधिकारी ने कहा कि इससे पहले पांच साल से कम सेवाकाल के लिए छूट राशि का कोई स्लैब नहीं था, लेकिन अब अधिसूचना में इसका प्रावधान किया गया है। सीटू के अध्यक्ष ए के पदमनाभन ने कहा, 'सरकार निवेशकों व उद्योगपतियों को अनेक तरह की छूट दे रही है तो यह कामगारों से अन्याय है। पीएफ निकासी पर कर लगाना गलत है।'


[21 May 2015]    लुधियाना में बीएसएनएल कांट्रेक्टर की दादागिरी और ब्लेकमेलिंग की गंभीर शिकायत

लुधियाना के में. स्विप्ट इंटरनेशनल के कांट्रेक्टर रोहित सबरवाल विगत 7 सैलून से हाउस कीपिंग का ठेका लेकर काम कर रहे है ! बोगस बिल बनाकर बीएसएनएल को चुना लगाने की शिकायत जिला सचिव के करने पर दो लाख रुपये हर महीना कम भुगतान मिलने पर कर्मचारियों अधिकारीयों के खिलाफ शिकायत करने एवं अधिकारीयों को बोगस बिल पर साइन नहीं करने पर धमकी देने काम कर रहे हैं ! महासचिव ने पत्र लिखकर जाँच की मांग किया है !


[21 May 2015]    हास्पिटलों के मेडिकल बिल भुगतान में देरी पर सीएमडी का लेटर सभी सीजीएम को

सभी सर्किलों में मान्यता प्राप्त हास्पिटलों के बिल भुगतान में अनावश्यक विलम्ब से कर्मचारियों को भरी असुविधा हो रही है ! सीएचक्यू ने बैठकों में इस समस्या के समाधान के लिए प्रबंधन को कहा था ! सीएमडी ने पत्र लिखकर शीघ्र समाधान करने कहा है !


[21 May 2015]    महासचिव ने नेशनल कौंसिल मीटिंग के फैसले को लागु करने पत्र लिखा

श्री ए.एन. राय, निदेशक (मानव संसाधन), बीएसएनएल सीओ, भारत संचार भवन, नई दिल्ली- 110 001 सर करने के लिए, उप: - गैर कार्यकारी अधिकारियों से उम्मीदवारों को शामिल करने के प्रबंधन प्रशिक्षुओं के आरआर के संशोधन - Reg। रेफरी: - बीएसएनएल पत्र सं बीएसएनएल / 39-3 / एस आर / 2013 2014/05/28 दिनांकित। पत्र के संदर्भ में ऊपर उद्धृत के साथ, मैं इस विषय पर अपनी तरह की सूचना के लिए निम्न लाना चाहते हैं। आप प्रबंधन प्रशिक्षु परीक्षा प्रकट करने के लिए गैर-कार्यकारी अधिकारियों की अनुमति के मुद्दे, लंबे समय के लिए राष्ट्रीय परिषद की बैठकों में चर्चा के लिए एक विषय दिया गया है कि सभी जानते हैं। प्रबंधन प्रशिक्षुओं की पहली भर्ती नियमों में, परीक्षा प्रकट करने के लिए गैर-कार्यकारी अधिकारियों के लिए कोई गुंजाइश नहीं थी। हालांकि, इस मुद्दे को BSNLEU द्वारा राष्ट्रीय परिषद में उठाया गया था और यह दृढ़ता से गैर-कार्यकारी अधिकारियों, अपेक्षित योग्यता के साथ, यह भी मीट्रिक टन परीक्षा प्रकट करने के लिए अनुमति दी जानी चाहिए कि तर्क दिया गया था। इस के आधार पर, आरआर संशोधित किया गया था और NonExecutives, अपेक्षित योग्यता के साथ, भी परीक्षा प्रकट करने के लिए पात्र बना दिया गया। हालांकि, बाद में, प्रबंधन राष्ट्रीय परिषद में पहुंचा समझौते का उल्लंघन किया है और मनमाने ढंग से प्रबंधन प्रशिक्षु के आरआर संशोधन किया। इस संशोधन का एक परिणाम के रूप में, मीट्रिक टन परीक्षा प्रकट करने के लिए गैर-कार्यकारी अधिकारियों की पात्रता दूर ले जाया गया था। फिर से इस मुद्दे 2014/04/23 पर आयोजित राष्ट्रीय परिषद की 30 वीं बैठक में उठाया गया था। घिसा विचार विमर्श के बाद, प्रबंधन की ओर पहला भर्ती आयोजित किया जाता है के बाद प्रबंधन प्रशिक्षु के आरआर फिर से जांच की जाएगी कि एक आश्वासन दिया। 2014/04/23 पर आयोजित राष्ट्रीय परिषद के अध्यक्ष के निर्णय, संप्रेषित ख़बरदार बीएसएनएल पत्र नहीं। संदर्भ के तहत उद्धृत, इस प्रकार के रूप में लिखा है: - "यह प्रबंधन द्वारा सूचित किया गया था मीट्रिक टन परीक्षा आरआरएस के संशोधन के बाद चालन के उन्नत चरण में है और इस तरह के बदलाव इस स्तर पर संभव नहीं है कि के रूप में। इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद, यह नए नियमों के तहत पहली मीट्रिक टन परीक्षा आयोजित करने के बाद, इस मुद्दे को फिर से जांच की जाएगी कि सहमति व्यक्त की गई। "इस संबंध में, मैं कहना चाहता हूं मैनेजमेंट ट्रेनी की भर्ती की प्रक्रिया पहले से ही है कि जब से राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आश्वासन दिया गया है के रूप में गैर-कार्यकारी अधिकारियों अगले मीट्रिक टन परीक्षा प्रकट करने के लिए कम से कम मौका मिल सकता है इतना है कि प्रबंधन भी, फिर से जांच आरआर करने की प्रक्रिया आरंभ हो सकता है, शुरू कर दिया। मैं आप कृपया इस मुद्दे पर गौर करने और गैर-कार्यकारी अधिकारियों के साथ न्याय रेंडर करने के लिए अनुरोध करते हैं। आपको धन्यवाद, निष्ठा से तुम्हारा [पी अभिमन्यु] के महासचिव BSNLEU/ 505 (PROM) 21.05.2015 To Shri A.N. Rai, Director (HR), BSNL CO, Bharat Sanchar Bhawan, New Delhi- 110 001 Sir, Sub: - Amendment of RR of Management Trainees to include candidates from Non-Executives – reg. Ref: - BSNL letter No. BSNL/39-3/SR/2013 dated 28.05.2014. With reference to the letter cited above, I wish to bring the following to your kind notice on the subject. You are aware that the issue of allowing Non-Executives to appear the Management Trainee exam, has been a subject matter for discussion in the meetings of the National Council for long. In the first Recruitment Rules of the Management Trainees, there was no scope for the Non-Executives to appear the exam. However, the issue was raised in the National Council by BSNLEU and it was strongly argued that the Non-Executives, with requisite qualification, should also be permitted to appear the MT exam. Based on this, the RR was revised and the NonExecutives, with requisite qualification, were also made eligible to appear the exam. However, subsequently, the Management violated the agreement reached in the National Council and arbitrarily amended the RR of the Management Trainee. As a result of this amendment, the eligibility of the Non-Executives to appear the MT exam was taken away. Again this issue was raised in the 30th meeting of the National Council, held on 23.04.2014. After threadbare discussions, the Management Side gave an assurance that the RR of the Management Trainee would be re-examined after the first recruitment is held. The decision of the Chairman of the National Council, held on 23.04.2014, communicated vide BSNL letter no. cited under reference, reads as follows:- “It was informed by Management that the MT examination is at advanced stage of conduction after modification of RRs and as such changes are not possible at this stage. After detailed discussions on the issue, it was agreed that after conducting the first MT exam under the new rules, this issue will be re-examined.” In this regard, I wish to state that since the process of recruitment of Management Trainee is already started, the Management may also initiate the process of re-examining the RR, as has been assured in the National Council meeting, so that the Non-Executives can get chance atleast to appear the next MT exam. I request you to kindly look into the issue and render justice to the Non-Executives. Thanking you, Yours sincerely [P. Abhimanyu] General Secretary


[20 May 2015]    केजुअल लेबरों के ईपीएफ /ईएसआई भुगतान सम्बन्धी पत्र क्रमश :

सम्बंधित सर्किलों evm कर्मचारियों की संख्या सूचि


[20 May 2015]    3469 केजुअल लेबरों का EPF / ESI जमा ( 2000 से 2011 तक) का सर्किल हेड को निर्देश दिया गया है

बीएसएनएल बनाने के समय 2000 में कार्यरत केजुअल लेबरो एवं ठेका मजदूरों का EPF / ESI सुकिमे दिए गए मुख्य महाप्रबंधकों को परिमंडल के ईपीएफ कार्यालय में जमा करने का आदेश हुआ है ! 3 सप्ताह के भीतर जमा किये गए राशि एवं कर्मचारियों की सूचि भेजने का आदेश हुआ है ! ठेका मजदूरों की सबसे बड़ी सफलता है ! बीएसएनएल प्रबंधन जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया था ! लम्बी लड़ाई के बाद यह सफलता प्राप्त हुयी है !


[20 May 2015]    ERP SYSTEM में GPF के गड़बड़ी को दो सालों में भी नहीं सुधारने पर GS का पत्र

कर्नाटका सर्किल में ERP सिस्टम को चालू किए दो साल होने के बाद भी कर्मचारियों के GPF में गड़बड़ी को नहीं सुधारने पर जनरल सेक्रेटरी ने पत्र लिखकर नारजगी जाहिर किया है एवं तत्काल ठीक करने की मांग की है !


[20 May 2015]    नेशनल कौंसिल मीटिंग अनुसार चिकित्सा भुगतान एवं 200 / फ्री सिम में अन्य फोन कल सुविधा दिया जय

GM (Admn.), BSNL Corporate Office, urged upon to immediately constitute the Committee for review of BSNLMRS, as per the decision of the National Council. Com. P. Abhimanyu, GS, met Shri S.K. Sinha, GM(Admn.) today the 19.05.2015 and discussed the following issues. (1) The GS demanded that as per the decision of the National Council meeting held on 14.05.2015, the sub-committee of the National Council, on the review of the BSNLMRS should immediately be constituted. The GM (Admn.) assured that immediate action will be taken to constitute the Committee. (2) The GS demanded that Corporate Office should immediately issue letter on granting Rs.200/- per month, in lieu of the Rs.200/- SIM to all the BSNL Staff posted in the MTNL service areas. The GM (Admn.) replied that the issue is being sent for the approval of the Management Committee. (3) On the issue of allowing and that letter will be issued after approval of the Management Committee. calls to other networks on the Rs.200/- SIM the GS demanded that Corporate Office should take a decision without further delay.


[15 May 2015]    धमतरी कांकेर जगदलपुर मीटिंग

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[12 May 2015]    धमतरी एवं कांकेर की बैठक १२ मई को संपन्न हुई |

धमतरी एवं कांकेर की बैठक १२ मई को संपन्न हुई | मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ परिमंडल सचिव श्री आर.एस. भट्ट संरक्षक का.अजय मेंढेकर ,परिमंडल अध्यक्ष का. एस.एच. दानी , सहायक परिमंडल सचिव का.आर.के.नगारची , कोषाध्यक्ष का. जे.एन. नस्कर , संगठन सचिव का.आर.आर. पटेल एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन के अध्यक्ष का.आर.एल श्रीवास्तव , कांट्रेक्ट यूनियन के परिमंडल सचिव का. अश्वनी कौशिक संगठनात्मक दौरे में उपस्तिथ थे |

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[11 May 2015]    13 मई 15 को परिमंडल यूनियन एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन का KANKER , KONDAGAON एवं जगदलपुर दौरा कार्यक्रम

13 मई 15 को परिमंडल यूनियन एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन का KANKER , KONDAGAON एवं जगदलपुर दौरा कार्यक्रम बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन एवं छ.ग.कांट्रेक्ट लेबर यूनियन का संयुक्त संगठनात्मक दौरा कार्यक्रम आयोजित है ! बीएसएनएल के आय वृध्दि में संगठन की सकारात्मक भूमिका के अंतर्गत प्रबंधन एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने के लिए दौरा का कार्यक्रम रखा गया है ! उपभोक्ता सेवा में कर्मचारियों/अधिकारीयों को आने वाली दिक़्क़तों से रूबरू होकर समस्याओं के निराकरण के लिए परिमंडल स्तर प्रयास किया जावेगा ! सभी कर्मचारियों से जगदलपुर में आयोजित बैठक में शामिल होने की अपेक्षा है !


[11 May 2015]    12 मई 15 को परिमंडल संगठन एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन का धमतरी दौरा कार्यक्रम

12 मई 15 को परिमंडल संगठन एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन का धमतरी दौरा कार्यक्रम 12 मई को दोपहर 12 बजे बीएसएनएलईयू के संरक्षक का.अजय मेंढेकर ,परिमंडल अध्यक्ष का. एस.एच. दानी , सहायक परिमंडल सचिव का.आर.के.नगारची , कोषाध्यक्ष का. जे.एन. नस्कर , संगठन सचिव का.आर.आर. पटेल एवं कांट्रेक्ट लेबर यूनियन के अध्यक्ष का.आर.एल श्रीवास्तव , कांट्रेक्ट यूनियन के परिमंडल सचिव का. अश्वनी कौशिक संगठनात्मक दौरे में धमतरी पहुंचेगे !


[10 May 2015]    बीएसएनएल के आवास में रह रहे DOT के I.T.S. अधिकारियो से HRA कि वसूली कर बीएसएनएल को नहीं दिया जा रहा है |

बीएसएनएल के आवास में रह रहे DOT के I.T.S. अधिकारियो से HRA कि वसूली कर बीएसएनएल को नहीं दिया जा रहा है | मुख्य प्रबंधक निदेशक ने सभी मुख्य महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर सभी ITS से आवास किराया कितना बकाया है कि जानकारी माँगी है | बीएसएनएल उक्त आवास का रखरखाव , कर, जल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति ,बिजली बिल आदि में करोडों रुपए खर्च कर रहा है | DOT से पैसा वसूल किया जायगा | Save BSNL-Save NATION आन्दोलन में फोरम का ये भी एक मुद्दा है जिसमें किराया वसूली आरंभ कि गई है |

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[10 May 2015]    कौंसिल में सदस्यता के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है |

कौंसिल में सदस्यता के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है | किसी भी JCM सदस्य के लिए उक्त जिला का सदस्य LJCM एवं परिमण्डल का सदस्य RJCM सदस्य हो सकता है | बहार के सदस्यों को नहीं रखा जा सकता है |

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[10 May 2015]    21वी राष्ट्रीय कौंसिल मीटिंग का मिनिट्स कॉर्पोरेट ऑफिसने जारी किया है |

21वी राष्ट्रीय कौंसिल मीटिंग का मिनिट्स कॉर्पोरेट ऑफिसने जारी किया है |

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[10 May 2015]    अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल देने के लिए सर्किल हाई पॉवर कमिटी की मीटिंग आयोजित करने का आदेश हुआ है

अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल देने के लिए सर्किल हाई पॉवर कमिटी की मीटिंग आयोजित करने का आदेश हुआ है परिमण्डल में विगत 7 वर्षों से भी ज्यादा समय से नियुक्ति नहीं मिली है | मीटिंग में आवेदन निरस्त करने के कारणों सहित कॉपोरेट ऑफिस को रिपोर्ट भेजने का निर्देश है | परिमण्डल यूनियन आश्रित परिवारों को नियोक्ति दिलाने में पूरा सहयोग प्रदान करेगें |

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[08 May 2015]    डॉट 5900 करोड़ रूपये का तत्काल भुगतान करे ! 1 मई की बैठक में देनदारी स्वीकार की है ...

उपभोक्ता सेवा में सुधार के लिए उन्नत किस्म के उपकरण की खरीदी बीएसएनएल के लिए नितांत आवश्यक है ! 1 मई को डॉट सेक्रेटरी , सीएमडी और फोरम नेताओं के बीच बैठक में 6700 करोड़ रुपये के दावे पर 4700 करोड़ रुपये की देनदारी को स्वीकार की गयी है ! 1250 करोड़ रुपये ADC चार्ज का भुगतान वर्ष् 2012 -13 को आदेश पूर्व में किया जा चूका है लेकिन भुगतान नहीं किया गया है ! सरकार के कथनी और करनी में कुछ समानता लेन के लिए तत्काल 5950 करोड़ रुपये का भुगतान बीएसएनएल को करे , जिससे उभोक्ता सेवा के लिए उपकरण खरीदी किया जा सके !


[08 May 2015]    अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए परिमंडल हाई पावर कमेटी की मीटिंग करने का नै दिल्ली से आदेश ..

अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कई सालों से प्रकरण लंबित हैं ! कार्पोरेट ऑफिस नईदिल्ली ने सभी मुख्य महाप्रबंधकों को समय सीमा के अंतर्गत हैं पवार कमेटी की मीटिंग कर शीघ्र अनुकम्पा नियुक्ति आदेश जारी करने का आदेश दिया हैं ! मीटिंग में अनुकम्पा नियुक्ति के स्वीकृत प्रकरणो एवं अस्वीकृत केसों की जानकारी कारणों सहित भेजने का निर्देश दिया हैं ! आशा हैं की जल्द ही अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश परिमंडल कार्याल से जारी होंगे !

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[07 May 2015]    परिमंडल के 21 - 22 हड़ताल के फोटो

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[01 May 2015]    मजदूर दिवस

मजदूर दिवस महोत्सव

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[21 Apr 2015]    जिला कोरबा में २० सूत्रीय मांगो को लेकर २१ अप्रैल की हड़ताल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में समस्त कर्मचरियों ठेका मजदूरो व सभी अधिकारियो की हड़ताल में उपस्थिति सत प्रतिशत है |


[21 Apr 2015]    २० सूत्रीय मांगो को लेकर २१-२२ अप्रैल की हड़ताल|

छत्तीसगढ़ के सभी जिलो में कर्मचरियों ठेका मजदूर व सभी अधिकारियो की हड़ताल में उपस्थिति सत प्रतिशत है |


[19 Apr 2015]    18 अप्रैल को परिमंडल सचिवालय बैठक

बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन की सचिवालय बैठक कल दिंनाक 18 अप्रैल 15 को 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक संपन्न हुयी है ! बैठक में रायगढ़ , अंबिकापुर , बिलासपुर एवं दुर्ग के नेतृत्वकारी साथियो ने हिस्सा लिया है ! 21 -22 अप्रैल की हड़ताल को सफल करने के लिए किए गए तैयारी की समीक्षा की गयी है ! सभी जिला सचिवों को जिम्मेदारी दी गयी है की उनके जिला के कोई भी ठेका मजदुर , सुरक्षा गार्ड और डाटाआपरेटर काम में न जावे एवं सभी कर्मचारियों को 9 बजे से शाम 5 .30 बजे तक पंडाल में उपस्थित रहना सुनिश्चित करे ! 10 बजे , 2 बजे एवं 5 बजे परिमंडल पदाधिकारियों को रिपोर्टिंग करें ! सभी जिला सचिव आंदोलन की फोटोग्राफी करा कर परिमंडल को प्रेषित करें ! बैठक में बीएसएनएल कांट्रॅक्ट वर्कर्स यूनियन छ.ग.के अध्यक्ष का.आर.एल.श्रीवास्तव , पेंशनर्स एसोसिएशन के परिमंडल सचिव का. आर.पी. आत्मपूजे , वरिष्ठ कामरेड पी.एन.परते , का. ए. एल .साहू आदि ने आंदोलन को सफल बनाने में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है !


[18 Apr 2015]    बीएसएनएल एम्प्लॉइज यूनियन छत्तीसगढ़ परिमंडल की कार्यकारणी बैठक संपन्न हुई |

बीएसएनएल एम्प्लॉइज यूनियन छत्तीसगढ़ परिमंडल की कार्यकारणी बैठक संपन्न हुई |


[17 Apr 2015]    श्री देवचंद डोंगरे एवं श्री अनीस खान फ

पत्र क्र म.प्र.दू.जि/ ई -8 / स्था. एवं पद स्था./2015 - 16 / 13 दिनांक 17 - 4 - 2015 व्दारा श्री देवचंद डोंगरे फोनमेकॅनिक का स्थानांतरण एसडीओटी बालोद के अंतर्गत डोंडी लोहारा किया गया है ! श्री अनीस खान फ़ो.में. का स्थानांतरण एसडीओ फोन्स भिलाई किया गया है ! बीएसएनएलईयू जिला शाखा ने कर्मचारियों को उनके सुविधा के स्थान पर पदस्थापित कर कर्मचारियों के श्रमशक्ति का बीएसएनएल के सेवावृद्धि कर अधिकाधिक आय में बढ़ोतरी करने का पक्ष धार है ! स्थानांतरित कर्मचारियों से पूरी क्षमता के साथ कंपनी के विकास में योगदान देने की आशा करता है ! बीएसएनएल के हित के साथ सदस्यों की बेहतरी के लिए बीएसएनएलईयू संगठन हमेशा प्रयासरत रहेगा !


[16 Apr 2015]    कार्टून


[16 Apr 2015]    18 को रायपुर जिला संगठन की बैठक

जिला संगठन रायपुर की बैठक यूनियन आफिस ऑटो एक्सचेंज बिल्डिंग में दिनांक 18 अप्रैल 2015 को रखी गयी है ! बैठक में 21 - 22 अप्रैल 2015 के हड़ताल की तैयारी पर चर्चा कर सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्णय लिया जावेगा ! जिला शाखा के सभी सदस्यों से बैठक में उपस्थित होने का अनुरोध है ! बैठक में परिमंडल सचिव एवं परिमंडल पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे !


[16 Apr 2015]    परि.यूनियन की विशेष बैठक 18 /04 /2015 रायपुर म

बीएसएनएलईयू छ.ग. परिमंडल की विशेष बैठक दिनांक 18 /04 /2015 को ऑटो एक्सचेंज यूनियन आफिस में 4 बजे से आयोजित किया गया है ! सभी सदस्यों से उपस्थित रहने का अनुरोध है ! 21 -22 अप्रैल के दो दिवसीय हड़ताल की तैयारी की समीक्षा कर परिमंडल यूनियन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जावेगा !


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन महाप्रबंधक कार्यालय रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि श्री मरकाम महाप्रबंधक रायपुर ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन महाप्रबंधक कार्यालय रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि श्री मरकाम महाप्रबंधक रायपुर ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन महाप्रबंधक कार्यालय रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि श्री मरकाम महाप्रबंधक रायपुर ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन परिमण्डल कार्यालय खम्हारडीह रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि डा. जी.सी.पांडे मुख्य महाप्रबंधक ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन परिमण्डल कार्यालय खम्हारडीह रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि डा. जी.सी.पांडे मुख्य महाप्रबंधक ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


[14 Apr 2015]    बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती

बाबा डा भीमराव अम्बेडकर के 125वीं जयंती समारोह का एक गरिमामय आयोजन परिमण्डल कार्यालय खम्हारडीह रायपुर में किया गया । मुख्य अतिथि डा. जी.सी.पांडे मुख्य महाप्रबंधक ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया है ।


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[10 Apr 2015]    कांट्रेक्ट लेबर


[10 Apr 2015]    महासचिव का का. एस.एम.चिलमवार को पत्र

छत्तीसगढ़ परिमंडल फोरम के संयोजक पद के लिए अनावश्यक विवाद पर पत्र क्र. बीएसएनएलईयू /307 (छ.) दिनांक 08 / 04 / 2015 नईदिल्ली से जारी किया गया है ! पत्र में अखिल भारतीय फोरम के निर्णय को छत्तीसगढ़ परिमंडल में पालन नहीं करना गलत माना गया है ! का. एस . एम. चिलमवार परिमंडल फोरम अध्यक्ष को अखिल भारतीय फोरम के निर्णय को लागु कर बीएसएनएल एम्प्लॉईज़ यूनियन के परिमंडल सचिव का. आर. एस. भट्ट को छ.ग. परिमंडल के फोरम की जिम्मेदारी सौंपने कहा गया है ! महासचिव का पत्र क्षेत्रीय समाचार में पढ़ें !


[08 Apr 2015]    सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वेंडर

रिटायर हुए बीएसएनएल कर्मचारियों को परिमंडल कार्यालय व्दारा गलत वेंडर फार्म का वितरण किया गया है ! उपरोक्त फार्म को भरकर अपने एसएसए में जमा करें ! बिना वेंडर फार्म भरे मेडिकल बिल या अन्य किसी प्रकार का भुगतान नहीं होगा ! सभी सम्मानीय सेवानिवृत्त वरिष्ठ साथियों से अपील है की शीघ्र वेंडर फार्म जमा करें ताकि विगत ६ माह से लंबित मेडिकल बिलों का भुगतान कराया जा सके ! फार्म में पूरी जानकारी अबश्य लिखें ! जो जानकारी नहीं है उस कलम को खली छोड़ देवें परिमंडल कार्यालय से रिकार्ड देखकर भरवाया जावेगा ! किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मोबाइल no 9425434092 पर संपर्क कर सकते हैं ! फार्म फोटो गैलरी से डाऊनलोड किया जा सकता है !


[08 Apr 2015]    ५०००/- रु. BSNLEU को अनुदान श्री सीताराम या

श्री सीताराम यादव फोनमेकॅनिक 31 मार्च 2015 को सेवानिवृत हुए हैं ! वे रायगढ़ एसएसए के तमनार में पदस्थ थे ! अपने कार्यकाल में ईमानदारी के साथ उपभोक्ता सेवा देने में अग्रणी रहे हैं ! श्री सीताराम यादव ने बीएसएनएलईयू परिमंडल को सदस्यों के हित में और ज्यादा काम करने की कामना के साथ और ५०००/- रु. ( पांच हजार रु. ) का सहयोग राशि परिमंडल अध्यक्ष का. एस.एच.दानी को दिया है ! परिमंडल यूनियन उनके संगठन के प्रति आत्मीय लगाव को लाल सलाम करता है ! संगठन अपने सदस्यों के हित में हर मोर्चे की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेगा ! श्री सीताराम यादव एवं उनका परिवार सेवानिवृति के बाद स्वस्थ्य . दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना परिमंडल यूनियन करता है ! सेवानिवृत्ति के उपरांत भी यादव जी के किसी भी प्रकार के काम के लिए संगठन ततपर रहेगा !


[06 Apr 2015]    ठेका मजदूरों को उनका हक़ दिलाना पहली प्

एक मत से नए पदाधिकारियों ने मजदूरों को उनका वाजिब हक़ दिलाने के लिए हर स्तर की लड़ाई लड़ने को अपनी जिम्मेदारी बताया है ! लड़ाई के लिए सभी को तैयार रहने को कहा गया है !


[06 Apr 2015]    21 - 22 अप्रैल के हड़ताल में ठेका मजदूर भी श

परिमंडल के सभी ठेका मजदूर दो दिवसीय हड़ताल में शामिल होने पर अपनी सहमति दी है ! कंपनी को बचाने के लिए फोरम ने हड़ताल का आह्वान किया है जिसमे सभी की भागीदारी आवश्यक है ! ठेका मजदूरों ने बैठक में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है !


[06 Apr 2015]    का. अजय मेंढेकर, वर्कर्स का भविष्य संग

बिना संगठित हुए अपनी मांगों को पूरा नहीं कराया जा सकता है ! का. अजय मेंढेकर ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी की संवैधानिक मांगो को बिना संगठन के पूरा नहीं कराया जा सकता है ! मजदूरों को अपनी ताकत का एहसास नहीं है ! संग़ठन सबसे बढ़ी ताकत है जिसके सामने कोई आपको नजरअंदाज नहीं कर सकता है ! सदस्यों को आगाह किया की पूर्व की भांति संगठन बनाकर सोने का काम मत करना नहीं तो फिर नेता आपके संगठन का पंजीयन निरस्त करा देंगे ! पदाधिकारियों से काम का हिसाब हर दो माह में लीजिए ! असफल नेता को बदलने में बिलकुल देरी मत करो नहीं तो संगठन का उद्देश्य पूरा नहीं होगा और अंततः मजदूरों का नुकसान होगा !


[06 Apr 2015]    का.ए.एल.साहू को सचिव की जिम्मेदारी

लम्बे समय के बाद पुराने साथियों को संगठन में सक्रिय करके संगठन मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गयी है ! ठेका मजदूर और BSNLEU एक दूसरे के पूरक हैं ! संगठन हमेशा से मजदूरों को उनका वाजिब हक़ दिलाने का काम किया है !


[06 Apr 2015]    पंजीयन निरस्त होना दुर्भाग्य जनक

का. अरुण दसरिया को दो मिनिट कि मौन श्रद्धांजलि देने के उपरांत सम्बोधन में मजदूरों ने कहा कि कांट्रॅक्ट लेबरों का पंजीयन समाप्त होना संगठन पदाधिकारियों का सदस्यों के साथ विश्वासघात है ! देश में पहला कांट्रॅक्ट लेबर यूनियन का पंजीयन कराने वाला छत्तीसगढ़ प्रदेश है ! सबसे दयनीय स्थिति छ.ग. के बीएसएनएल ठेका मजदूरों का है !बहुत विश्वास के साथ पूर्व में पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गयी थी , लेकिन निराशा मिली है ! अब ऐसा न हो अन्यथा लोगों का संगठन से विश्वास उठ जायेगा !


[06 Apr 2015]    का. आर.एल. श्रीवास्तव अध्यक्ष चुने गए

पूर्व के पदाधिकारियों के उदासीनता के कारण छ.ग. में कांट्रॅक्ट लेबर यूनियन का पंजीयन निरस्त हो चूका है ! आमराय से नए यूनियन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रस्ताव पारित कर दिनांक 4 अप्रैल 2015 को रायगढ़ में बीएसएनएल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स छत्तीसगढ़ परिमंडल का गठन किया गया ! यूनियन की सदस्यता डाटा ऑपरेटर्स एवं सुरक्षा कर्मियों को भी देने का प्रस्ताव पारित किया गया है ! सैकड़ों की संख्या में पुरे छत्तीसगढ़ के कांट्रॅक्ट लेबरों ने सम्मलेन में भाग लिया है ! सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों का चुनाव संपन्न हुआ है ! का. अजय मेंढेकर बिलासपुर को संरक्षक बनाया गया है ! का. आर.एल.श्रीवास्तव -अध्यक्ष का. अश्वनी कौशिक - महासचिव का. आर.के.नगरची- उप-महासचिव का. ए.एल . साहू - सचिव को संगठन की जिम्मेदारी दी गयी है ! का. पी.एन.पराते वरिष्ठ यूनियन लीडर अपने सम्बोधन में संगठन अपने उद्देश्यों को पूरा करने में


[06 Apr 2015]    BSNL CONTRACT WORKERS CG CIRCLE का रायगढ़ में गठन

बीएसएनएल कांट्रॅक्ट वर्कर्स यूनियन छत्तीसगढ़ परिमंडल का रायगढ़ में दिंनाक 4 अप्रैल 2015 को गठन बीएसएनएल कांट्रॅक्ट वर्कर्स यूनियन छत्तीसगढ़ परिमंडल संरक्षक :- कामरेड अजय मेंढेकर बिलासपुर अध्यक्ष :- कामरेड आर. एल . श्रीवास्तव रायपुर महासचिव :- का. अश्वनी कौशिक बिलासपुर उप-महासचिव :- का. आर. के. नगरची रायपुर सचिव :- का. ए.एल. साहू रायपुर


[06 Apr 2015]    photo


[06 Apr 2015]    का.पी.एन.पराते बैठक में विशेष रूपसे आम

छत्तीसगढ़ परिमंडल के बीएसएनएल कांट्रेक्ट लेबरों ने 4 अप्रैल 2015 को रायगढ़ में बैठक किया है ! बैठक की अध्यक्षता कामरेड अजय मेंढेकर ने किया है !


[06 Apr 2015]    परंपरागत रूप से यूनियन झंडा को सलामी द

अपने यूनियन के परम्परानुसार यूनियन के झंडा को सभी सदस्यों ने सलामी दी ! तदोपरांत कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है !


[06 Apr 2015]    अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किय

मजदूरों को उनका हक़ दिलाने के लिए प्राणों की आहुति देने वालों अमर शहीदों को श्रध्दासुमन अर्पित किया गया है !


[06 Apr 2015]    झंडारोहण में महिला कर्मचारियों भी शा

अच्छी संख्या में महिला कर्मचारियों ने झंडारोहण कार्यक्रम में शामिल होकर अमर शहीदों को याद किया !


[06 Apr 2015]    झंडारोहण के साथ नारेबाजी

सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने झंडारोहण में शामिल हुए हैं ! झंडारोहण के उपरांत जबरदस्त नारेबाजी किया गया !


[06 Apr 2015]    4 अप्रैल को रायगढ़ सीईसी में झंडारोहण

परिमंडल कार्यकारिणी की बैठक 4 अप्रैल 2015 को रायगढ़ में संपन्न हुआ है ! परिमंडल अध्यक्ष कामरेड एस एच दानी के व्दारा यूनियन के झंडा रोहण के साथ कार्यक्रम आरम्भ हुआ है ! अंबिकापुर , बिलासपुर , रायपुर , दुर्ग एवं रायगढ़ के कार्यकारिणी सदस्यों ने बैठक में भाग लिए है ! जगदलपुर- रायपुर मार्ग में गाड़ी दुर्घटना के कारण रोड ब्लाक होने के कारण रायगढ़ बैठक में शामिल नहीं हो सके हैं ! काफी संख्या में कर्मचारियों ने मीटिंग में भाग लिया है !


[06 Apr 2015]    4 अप्रैल2015परिमंडल कार्यकारणी बैठक राय


[01 Apr 2015]    का. एस. एम. चिलमवार को पत्र


[01 Apr 2015]    जिला सचिवों को विशेष सुचना

सभी जिला सचिवों से अनुरोध है की अपने - अपने एसएसए से रिटायर होने वाले संगठन सदस्यों का फोटो एवं उनके परिवार का फोटो महीने के 20 तारीख तक परिमंडल सचिव को अवश्य भेजें ! संगठन सदस्यों के परिवार सहित फोटो यूनियन के साइट में डालने का निर्णय हुआ है ! इसे आवश्यक समझें ! निम्न पता पर भेजे :- आर.एस. भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू " भट्ट कालोनी " मोहन नगर दुर्ग (छ.ग. ) ई-मेल - ravibhatt963@gmail .com


[01 Apr 2015]    श्री रामप्रसाद शर्मा फोन मेकेनिक सेव

एस डी ओ कमर्शियल आफिस कोरबा के बहुत ही मिलनसार एवं ईमानदारी से उपभोक्ता सेवा के लिए पहचाने जाने वाले श्री रामप्रसाद शर्मा को एक सम्मान समारोह में बिदाई दी गयी है ! ३१ मार्च को काफी संख्या में कर्मचारी उपस्थित हुए हैं ! परिमंडल उनके सुखमय सेवानिवृत्ति जिंदगी की कामना करता है ! सेवानिवृत्ति के उपरांत भी संग़ठन आपके हर तरह की मदद के लिए तैयार रहेगा !


[31 Mar 2015]    श्री सीता राम फोनमेकनिक तमनार रायगढ़ स

श्री सीता राम फोनमेकनिक तमनार रायगढ़ आज 31 को सेवानिवृत्त हुए हैं ! बीएसएनएल के एक बहुत कर्तव्य निष्ठ कर्मचारी थे ! रायगढ़ जिला प्रबंधक कांफ्रेस हाल मेम एक शानदार समारोह में उनके बिदाई ककार्यक्रम संपन्न हुआ है ! परिमंडल यूनियन उनके सुखद सेवानिवृत्त व्यतीत करने की कामना करता है !


[31 Mar 2015]    आई डी ए 0. 2 % प्रतिशत बढ़ा

बीएसएनएल कर्मचारियों का आई डी ए 1 अप्रैल 2015 से 0. 2 % प्रतिशत बढ़ा है !कर्मचारियों का कुल आई डी ए 100 .5 % 01 अप्रैल 2015 से हो गया है !


[30 Mar 2015]    निजी ऑपरेटरों का जनता को लूटने की योज

एयरटेल चीफ सुनील मित्तल ने 5-7 पैसे प्रति मिनिट मोबाइल काल एवं डाटा कल दर में1-2 पैसा प्रति एमबी बढाने की योजना बना रहे हैं! नए स्पेक्ट्रम नीलामी की आड़ में जनता को लूटने की साजिश है! संचारमंत्री ने स्पेक्ट्रम के नए नीलामी दर से निजी आपरेटरों को 1.3 पैसा प्रति कनेक्शन प्रति मिनिट का अतिरिक्त चार्ज आने की रिपोर्ट दी है ,जिसके एवज में 5 - 6 गुना मुनाफा कमाने की योजना बनायीं जा रही है ! सरकार उनके मनमानी को रोकने में शायद ही सफल हो सकेगा! देश की जनता को वाजिब दर में संचार सुविधा केवल बीएसएनएल ही दे सकता है ! निजी आपरेटों के लूट से बचाने के लिए बीएसएनएल को बचाना आवश्यक है ! बीएसएनएल का निजीकरण रोकने एवं निजी आपरेटरों की लूट की योजना से देश की जनता को बचाने के लिए फोरम ऑफ़ यूनियंस / एसोशिएंस" करो या मारो" की लड़ाई लड़ रही है !"बीएसएनएल बचाओ-देश बचाओ" आंदोलन को सफल बनावें !


[29 Mar 2015]    नईदिल्ली में फोरम की बैठक 25 मार्च संपन

फोरम आफ यूनियंस / एसोसिएसन की बैठक 25 मार्च 2015 को नईदिल्ली में संपन्न हुयी है ! बैठक में सभी ने भाग लिया है !


[28 Mar 2015]    बीएसएनएल बचाओ अभियान के तहत 21 - 22 अप्रै

छ. ग. परिमंडल में 21 -२२ अप्रैल 2015 को दो दिवसीय हड़ताल किया जावेगा ! परिमंडल के एक्जीक्यूटिव एवं नान एक्जीक्यूटिव सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे ! बीएसएनएलईयू परिमंडल यूनियन ने हड़ताल को शत प्रतिशत सफल करने के लिए 4 अप्रैल 2015 को रायगढ़ में परिमंडल कार्यकारिणी की बैठक आयोजित किया है ! हड़ताल को प्रभावी बनाने के लिए कार्यकारिणी बैठक में रणनीति बनायीं जाएगी ! संगठन के वरिष्ठ साथियों को विशेष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सहयोग करने का आग्रह किया गया है ! रायगढ़ बैठक में शामिल होने के लिए वरिष्ठ साथियों ने अपनी सहमति दिया है !


[28 Mar 2015]    मुख्य महाप्रबंधक का पत्र karmchari


[28 Mar 2015]    कर्मचारियों के मार्च 15 का वेतन ( पे रोल

सभी कर्मचारियों / अधिकारीयों का मार्च 2015 का वेतन प्रक्रिया पूर्ण किया जा चूका है ! सभी कर्मचारियों से अनुरोध है की किसी भी प्रकार की विसंगति होने पर परिमंडल सचिव को सूचित करे ताकि समय रहते सुधरवाया जा सके ! जिला सचिव कर्मचारियों से जानकारी लेकर परिमंडल को सूचित करें !


[28 Mar 2015]    मुख्य महाप्रबंधक ने लम्बे समय से लंबि

मुख्य महाप्रबंधक दूरसंचार रायपुर ने लम्बे समय से लंबित कर्मचारी समस्याओं की सूची सभी एसएसए प्रमुखों से परिमंडल कार्यालय ३१ मार्च से पहले प्रेषित करने के लिए पात्र लिखा है ! एसएसए के सभी सेक्शनों से लंबित कर्मचारी समस्याओं की सूची बनाकर परिमंडल कार्यालय को भेजा जाना है ! जानकारी नहीं भेजने पर सम्बंधित अधिकारी /कर्मचारी की जवाबदेही तय करने का आदेश हुआ है ! सभी जिला सचिवों से सूची में शामिल किए गए कर्मचारी समस्याओं पर नजर रखने का अनुरोध है ! जानकारी छुपाने की शिकायत तुरंत परिमंडल सचिव को करें ताकि एक्शन लिया जा सके !


[28 Mar 2015]    ठेका मजदूरों का सम्मलेन दिनाक 04 .04 .2015 को

बीएसएनएल परिमंडल कांट्रेक्ट लेबर का राज्य स्तरीय सम्मलेन ४ अप्रैल २०१५ को रायगढ़ में आयोजित किया गया है ! सैकड़ों की संख्या में ठेका मजदूरों के शामिल होने की सूचना है ! जगदलपुर , अंबिकापुर , बिलासपुर एवं दुर्ग दूरसंचार जिले के ठेका मजदूर सम्मलेन में शामिल होंगे ! कांट्रॅक्ट लेबरों की दयनीय स्थिति को दूर करने के लिए एक मजबूत संघटन की आवश्यकता को सभी महसूस कर रहे हैं ! यह बैठक बीएसएनएल में कांट्रॅक्ट लेबरों का भविष्य तय करेगा ! बिना मजबूत संगठन के किसी का भला नहीं होगा !


[28 Mar 2015]    रायगढ़ में परिमंडल कार्यकारिणी बैठक 4

रायगढ़ में परिमंडल कार्यकारिणी की महत्त्व पूर्ण बैठक आयोजित है ! संगठनात्मक मजबूती के लिए ठोस निर्णय बैठक में लिया जाना है ! परिमंडल के समस्त जिला सचिवो /शाखा सचिवों एवं परिमंडल कार्यकारिणी के सदस्यों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध है !


[23 Mar 2015]     बीएसएनएल ईयू छ ग परिमण्डल यूनियन के व

23 मार्च 2015 को बीएसएनएल ईयू छ ग परिमण्डल यूनियन के वेब साईट का लोकार्पण श्री जी सी पाण्डेय मुख्य महाप्रबन्धक दूरसंचार व्दारा बीएसएनएल कांफ्रेस हाल फाफाडीह रायपुर में किया जावेगा । बीएसएनएल एम्प्लाईज़ यूनियन का 14वां स्थापना दिवस एवम् शहीद दिवस का कार्यक्रम आयोजित है ।


[13 Feb 2015]    छ. ग. परिमंडल सचिवालय कार्यकारिणी की ब

सचिवालय कार्यकारिणी की बैठक १३ फरवरी २०१५ को दोपहर २ बजे से यूनियन ऑफिस में आयोजित की गई है | कॉमरेड एस. एच. दानी परिमंडल अध्यक्षता में बैठक संपन्न होगी |


[06 Sep 2014]    बीएसएनएल राजनांदगाओं सर्किल एम्प्लो

बीएसएनएल राजनांदगाओं सर्किल एम्प्लोयी यूनियन


[09 Jul 2014]    बीएसएनएल धरना प्रदर्शन

बीएसएनएल धरना प्रदर्शन


 

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